Submit your post

Follow Us

अयोध्या केस: जानिए, इलाहाबाद हाई कोर्ट के जजों ने अपने फैसले में क्या कहा था?

45
शेयर्स

अयोध्या विवाद का जो मौजूदा केस है, वो शुरू हुआ था साल 1950 में. 22-23 दिसंबर की दरमियानी रात बाबरी मस्जिद के अंदर रामलला की मूर्ति और पूजा-पाठ का सामान रखा गया. जनवरी 1950 में ‘ऑल इंडिया रामायण महासभा’ के जनरल सेक्रटरी गोपाल सिंह विषारद ने फ़ैजाबाद के सिविल जज की कोर्ट में अपील की. इसमें बाबरी मस्जिद के बीच वाले गुंबद के नीचे रखी गई मूर्ति की पूजा-पाठ करने की इजाज़त मांगी गई थी. यहां से शुरू हुए केस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 60 साल बाद फैसला सुनाया. साल था 2010.

Ayodhya Banner Final
पढ़िए दी लल्लनटॉप पर अयोध्या भूमि विवाद की टॉप टू बॉटम कवरेज.

पढ़िए: अयोध्या केस की टाइमलाइन: 1857 से अब तक, जो भी बड़ी चीजें हुईं सब जानिए

तीन जजों की जिस खंडपीठ ने निर्णय दिया, उसमें थे जस्टिस एस यू खान. जस्टिस सुधीर अग्रवाल. और, जस्टिस डी वी शर्मा. 2:1 के बहुमत ने अदालत ने विवादित ज़मीन को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला सुनाया. एक तिहाई सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को. एक तिहाई हिस्सा निर्मोही अखाड़ा को और एक तिहाई हिस्सा रामलला को. 8,000 पन्नों के इस फैसले में अदालत ने बाबरी मस्जिद की बिचली गुंबद वाली जगह रामलला को दी. ये वही जगह है, जहां 22-23 दिसंबर, 1949 को रामलला की मूर्ति रख दी गई थी. निर्मोही अखाड़े को राम चबूतरा और सीता रसोई का हिस्सा मिला. इस फैसले में और क्या खास था? तीनों जजों ने अपने फैसले में क्या कहा? ये सब हम आपको यहां बता रहे हैं. सबसे पहले जानिए इस फैसले की मोटा-मोटी बातें-

1. विवाद के केंद्र में है 2.77 एकड़ की ज़मीन का हिस्सा. इसी हिस्से में 6 दिसंबर, 1992 से पहले बाबरी मस्जिद खड़ी थी.

2. 2:1 के बहुमत से आए इस फैसले में माना गया कि बाबरी मस्जिद के बीच वाले गुंबद के नीचे, जहां रामलला की मूर्ति रखी हुई है, वो हिंदुओं की आस्था और विश्वास के मुताबिक भगवान राम का जन्मस्थान है.

पढ़िए: बाबरी विध्वंस केस- BJP के जिन बड़े नेताओं के खिलाफ CBI ने जांच की थी, उसका क्या हुआ?

3. जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस डी वी शर्मा. दोनों ने ये माना कि जिस ढांचे पर विवाद है, वो एक मस्जिद थी. इसे बनाने के लिए एक मंदिर को गिराया गया. जस्टिस खान का मानना था कि मस्जिद बनाने के लिए कोई मंदिर नहीं गिराई गई. उनके मुताबिक, बाबर के आदेश पर मस्जिद बनाई गई. उस जगह पर, जहां किसी मंदिर के भग्नावशेष लंबे समय से मौजूद थे.

4. फैसले में कहा गया कि 23 दिसंबर, 1949 को बाबरी मस्जिद के मध्य गुंबद के नीचे मूर्तियां रखी गईं.

5. तीनों में से एक जज- जस्टिस शर्मा, इस एक-तिहाई फॉर्म्युला से रज़ामंद नहीं थे. उनका कहना था कि बाहरी परिसर में हिंदू पूजा किया करते थे. एक्सक्लूज़िव तौर पर. और अंदरूनी हिस्से में भी वो पूजा कर रहे थे. इस हिसाब से पूरी जगह पर उनका अधिकार हुआ.

6. जस्टिस अग्रवाल का कहना था कि हिंदुओं की आस्था और विश्वास के मुताबिक, बाबरी मस्जिद के बीच वाले गुंबद के नीचे का हिस्सा भगवान राम का जन्मस्थान है.

7. इन दोनों विचारों से अलग जस्टिस खान का ऑर्ब्जवेशन ये था कि 1949 से कुछ दशक पहले से हिंदू ये मानने/बरतने लगे कि बाबरी मस्जिद के बीच वाले गुंबद के नीचे का हिस्सा ठीक वो जगह है, जहां भगवान राम पैदा हुए थे. हालांकि जस्टिस खान ने भी फाइनल फैसले में ये कहा कि ये विवादित हिस्सा हिंदुओं को दे दिया जाए.

पढ़िए: क्या है अयोध्या भूमि विवाद की ज़रूरी बातें जिस पर सुप्रीम कोर्ट फैसला देने जा रहा है?

अब पढ़िए कि तीनों जजों ने अपनी जज़मेंट की समरी में क्या खास बात कही.

जस्टिस डी वी शर्मा के फैसले के अहम पहलू-

1. विवादित हिस्सा (तीन गुंबदों वाली बाबरी मस्जिद के बीच वाले गुंबद के नीचे) भगवान राम के जन्म का स्थान है.
2. बाबर ने मस्जिद बनवाई. कौन से साल में, ये तय नहीं है. हेमंत शर्मा की ‘युद्ध में अयोध्या’ के मुताबिक, जस्टिस शर्मा ने कहा कि ये मस्जिद इस्लाम के सिद्धांतों के विरुद्ध बनाई गई. इसीलिए इसमें मस्जिद का चरित्र नहीं हो सकता है.
3. बाबरी मस्जिद जहां बनाई गई, वहां एक पुराना ढांचा था. उसे ढहाकर मस्जिद का निर्माण करवाया गया. ASI ने कहा है कि ये एक हिंदू धार्मिक स्थल था.
4. 22-23 दिसंबर, 1949 की रात बाबरी मस्जिद के बीच वाले गुंबद के नीचे मूर्ति रखी गई.
5. जिस ज़मीन को लेकर मुकदमा है, वो भगवान राम की जन्मभूमि है. हिंदू बतौर राम जन्मस्थान इस जगह की यात्रा करते आए हैं.

पढ़िए: कौन हैं वो पांच जज, जो अयोध्या मामले में फैसला सुनाने जा रहे हैं?

जस्टिस खान के फैसले के मुख्य पहलू- 

1. बाबरी मस्जिद या तो बाबर ने बनवाई या फिर उसके आदेश पर ये मस्जिद बनाई गई.
2. ऐसा कोई स्पष्ट सबूत नहीं है कि विवादित जगह बाबर से जुड़ी हुई है या उस इंसान से, जिसने मस्जिद बनवाई या फिर बनाए जाने का आदेश दिया.
3. मस्जिद बनाने के लिए किसी मंदिर को नहीं गिराया गया.
4. हां, मस्जिद जहां बनाई गई वहां मंदिर के भग्नावशेष ज़रूर थे. मगर ये अवशेष वहां काफी लंबे समय से पड़े थे. यही कारण है कि मस्जिद निर्माण में इन भग्नावशेषों की भी कुछ चीजों का इस्तेमाल किया गया.
5. मस्जिद बनने के बाद से ही हिंदू ये मानते आए थे कि एक बहुत बड़े क्षेत्र में भगवान राम का जन्मस्थान है. इस क्षेत्र का ही एक छोटा सा हिस्सा है विवादित ज़मीन. हालांकि इस आस्था और विश्वास का सीधा संबंध इस हिस्से के किसी खास स्पॉट से नहीं था. 
6. 1855 से बहुत पहले ही राम चबूतरा और सीता रसोई का अस्तित्व में था. हिंदू इनकी पूजा करते थे. अहाते में हिंदू और मुस्लिम, दोनों की ही इबादत की जगहें थीं. यहां पूजा भी होती थी, नमाज भी पढ़ी जाती थी.

पढ़िए: अयोध्या में मंदिर और मस्जिद के विवाद की कहानी यहां से शुरू हुई थी

जस्टिस अग्रवाल के फैसले के मुख्य पॉइंट- 

1. हिंदुओं की आस्था और विश्वास के मुताबिक, बाबरी मस्जिद के बीच वाले गुंबद के नीचे का हिस्सा ही भगवान राम के जन्म की जगह है.
2. विवादित हिस्सा (बाबरी मस्जिद) हमेशा से ही मस्जिद समझा जाता रहा है. मुसलमान इसमें इबादत करते आए हैं. हालांकि ये बात कि साल 1528 में इसे बाबर की सत्ता के दौरान बनवाया गया था, साबित नहीं हो सका है.
3. ऐसा कोई ठोस और स्पष्ट सबूत नहीं है जो ये साबित कर सके कि ये मस्जिद कब बनाई गई. मगर जोसफ टाइफेनथलर जब 1766 से 1771 के बीच अवध के इलाकों के दौरे में आए, उसके पहले ये मस्जिद बनाई जा चुकी थी ये बात काफी हद तक स्थापित है.
4. एक हिंदू मंदिर को गिराकर उसकी जगह इसका (बाबरी मस्जिद) निर्माण कराया गया.
3. 22-23 दिसंबर, 1949 की रात को यहां मूर्तियां रखी गई थीं.


अयोध्या के राम मंदिर और बाबरी मस्जिद पर सुनवाई खत्म, अब बस फैसले का इंतजार

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद केस में मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट की शर्ते सामने आईं, लेकिन एक झोल है

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गंदी बात

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो.

PubG वाले हैं क्या?

जबसे वीडियो गेम्स आए हैं, तबसे ही वे पॉपुलर कल्चर का हिस्सा रहे हैं. ये सोचते हुए डर लगता है कि जो पीढ़ी आज बड़ी हो रही है, उसके नास्टैल्जिया का हिस्सा पबजी होगा.

बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

मां-बाप और टीचर बच्चों को पीट-पीट दाहिने हाथ से काम लेने के लिए मजबूर करते हैं. क्यों?

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

और बिना बैकग्राउंड देखे सेल्फी खींचकर लगाने वाली अन्य औरतें.

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

पढ़िए फिल्म 'पिंक' से दर्जन भर धांसू डायलॉग.

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

ऐसा क्या हुआ, कि सरे राह दौड़ा-दौड़ाकर उसकी हत्या की?

हिमा दास, आदि

खचाखच भरे स्टेडियम में भागने वाली लड़कियां जो जीवित हैं और जो मर गईं.

अलग हाव-भाव के चलते हिजड़ा कहते थे लोग, समलैंगिक लड़के ने फेसबुक पोस्ट लिखकर सुसाइड कर लिया

'मैं लड़का हूं. सब जानते हैं ये. बस मेरा चलना और सोचना, भावनाएं, मेरा बोलना, सब लड़कियों जैसा है.'

ब्लॉग: शराब पीकर 'टाइट' लड़कियां

यानी आउट ऑफ़ कंट्रोल, यौन शोषण के लिए आमंत्रित करते शरीर.

औरतों को बिना इजाज़त नग्न करती टेक्नोलॉजी

महिला पत्रकारों से मशहूर एक्ट्रेसेज तक, कोई इससे नहीं बचा.

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.