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राहुल द्रविड़ को पसंद नहीं था इम्पैक्ट प्लेयर रूल, ये कारण भी गिनाए हैं

Mahendra Singh Dhoni के बाद अब Rahul Dravid ने भी इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. द्रविड़ की सबसे बड़ी चिंता ऑलराउंडर्स पर इसके पड़ने वाले प्रभाव को लेकर है.

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10 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 01:51 PM IST)
Rahul dravid mahendra singh dhoni impact player
राहुल द्रविड़ ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर चिंता जताई है. (एक्स)
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पूर्व भारतीय हेड कोच और राजस्थान रॉयल्स (RR) के मौजूदा कोच राहुल द्रविड़(Rahul Dravid) ने बताया कि टीम इंडिया के कोच रहते वो इम्पैक्ट प्लेयर नियम के पक्ष में नहीं थे. हालांकि उन्होंने IPL में इसके प्रभाव को स्वीकार किया है. उनका मानना है कि इस नियम से लीग और ज्यादा कंपिटिटिव हो गया है. लेकिन नेशनल टीम के लिहाज से उन्होंने इसके व्यापक प्रभाव को लेकर चिंता जाहिर की है.

स्पोर्ट्स्टार से बातचीत में राहुल द्रविड़ ने कहा, 

इसने निश्चित तौर पर एक अलग ताकत जोड़ी है. लेकिन मैं ईमानदारी से कहूंगा कि जब मैं टीम इंडिया का कोच था तो मुझे इम्पैक्ट प्लेयर रूल खास पसंद नहीं था. ऐसा इसलिए नहीं कि यह खेल को प्रतिस्पर्धी नहीं बनाता, निश्चित तौर पर बनाता है. यह चीजों को जटिल बनाता है और मैच को आखिर तक जीवंत बनाए रखता है. लेकिन नेशनल टीम के नजरिए से यह कुछ चुनौतियां भी पेश करता है.

राहुल द्रविड़ ने आगे बताया, 

 आंकड़े देखे तो टीमों के पास एक अतिरिक्त स्पेशलिस्ट बैटर होने के चलते स्कोरिंग रेट बढ़ा है. इम्पैक्ट प्लेयर रूल के चलते कोई भी टीम कभी भी खेल से बाहर नहीं होती है. आप नंबर 8 या यहां तक कि नंबर 9 पर भी बैटर रख सकते हैं. जिसके चलते छह या सात विकेट गिरने के बावजूद आक्रमक क्रिकेट खेलने का ऑप्शन रहता है.

ऑलराउंडरों पर प्रभाव

राहुल द्रविड़ की सबसे बड़ी चिंता ऑलराउंडर्स पर इसके पड़ने वाले प्रभाव को लेकर है. उन्होंने कहा, एक कोच के तौर पर आप ऑलराउंडर तैयार करना चाहते हैं. और पुराने फॉर्मेट (इम्पैक्ट रूल से पहले) के तहत कुछ प्लेयर्स को अलग-अलग परिस्थितियों में बैटिंग या बॉलिंग के ज्यादा मौके मिलते थे. इम्पैक्ट प्लेयर नियम ने इसको कुछ हद तक बदल दिया है.

उन्होंने आगे कहा कि ऑलराउंडर अब भी किसी भी टीम के बैलेंस के लिए जरूरी हैं. लेकिन अब टीमों की उन पर निर्भरता कम हो गई है. अगर सही प्लेयर नहीं मिलता तो ऑलराउंडर के बिना भी उनका काम चल जाता है. राहुल द्रविड़ के अलावा टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी इम्पैक्ट रूल को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं. जियोस्टार से इस बारे में बात करते हुए धोनी ने कहा, 

जब ये पहली बार सामने आया, तो मैंने कहा था कि आईपीएल इतनी अच्छी स्थिति में है, और कुछ आगे मसाला डालने की जरूरत नहीं है. मैच पहले से ही काफी हाई-स्कोरिंग थे, और कॉम्पटीटिव भी थे. इस वक्त इसकी वास्तव में कोई जरूरत नहीं है. आपकी TRP बहुत है, क्रिकेट की क्वालिटी अच्छी है, अच्छे खिलाड़ी सामने आ रहे हैं. लेकिन इसे लागू किया गया.

ये भी पढ़ें - ‘इम्पैक्ट प्लेयर रूल की कोई जरूरत नहीं...’, धोनी ने वजह बताते हुए इस नियम का विरोध किया है

क्या है इम्पैक्ट प्लेयर रूल

सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में ट्रायल रन के बाद साल 2023 में आईपीएल में इस नियम को लागू किया गया था. इम्पैक्ट प्लेयर नियम के मुताबिक टीमें मैच के दौरान किसी भी समय अपनी प्लेइंग इलेवन से एक खिलाड़ी को किसी दूसरे खिलाड़ी से रिप्लेस कर सकती है.

वीडियो: टीम इंडिया के कोच से सन्यास लेने के बाद राहुल द्रविड़ राजस्थान रॉयल्स से वापस से जुड़ गए हैं

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