The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • Gautam gambhir fight with a truck driver aakash chopra says

'गाड़ी रोकी, कॉलर पकड़ा...'- गौतम गंभीर को गुस्सा आने वाली ये कहानी किसी ने नहीं सुनी होगी!

Gautam Gambhir के गुस्से से हर कोई वाकिफ है. अब उनके गुस्से को लेकर एक कहानी सामने आई है, जिसका खुलासा गंभीर के साथी प्लेयर रहे Aakash Chopra ने किया है.

Advertisement
pic
16 सितंबर 2024 (पब्लिश्ड: 12:13 PM IST)
Gautam Gambhir, Virat Kohli, Gambhir fight
गौतम गंभीर की एक बार ट्रक ड्राइवर से हुई थी लड़ाई ( फाइल फोटो: PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

गौतम गंभीर (Gautam Gambhir). टीम इंडिया के हेड कोच. एक शानदार क्रिकेटर होने के साथ-साथ गंभीर की पहचान काफी 'अग्रेसिव प्लेयर' के तौर पर भी रही है. कई बार वो मैदान पर प्लेयर्स के साथ भिड़ते नजर आए थे. लेकिन सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी गंभीर का तेवर ऐसा ही रहता है. इसका खुलासा गंभीर के साथी प्लेयर रहे आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) ने किया है.

आकाश चोपड़ा ने एक पॉडकास्ट के दौरान गंभीर की एक ट्रक ड्राइवर के साथ लड़ाई की कहानी सुनाई है. जिसमें गंभीर ने ट्रक ड्राइवर का कॉलर पकड़ लिया था. उन्होंने राज शमानी के साथ पॉडकास्ट में बताया,

“गौतम गंभीर ने दिल्ली में आकर ये बताया था कि एक बार उन्होंने ट्रक वाले से लड़ाई की थी. लड़ाई बस इस बात पर हो गई कि ट्रक वाले ने उनकी कार को ओवरटेक किया और गाली दी. जिसके बाद गंभीर ने अपनी गाड़ी रोकी और ट्रक पर चढ़कर ड्राइवर का गिरेबान (कॉलर) पकड़ लिया. मैंने कहा कि गौती तुम कर क्या रहा है. वो ट्रक वाला है और तुम इतना छोटा है. लेकिन गौतम ऐसे ही हैं. उन्हें गौतम इसी चीज ने बनाया है.”

ये भी पढ़ें: गौतम गंभीर की ऐसी चाल, पहले टेस्ट में पस्त होगा बांग्लादेश!

चोपड़ा ने इस इंटरव्यू के दौरान ड्रेसिंग रूम को लेकर भी काफी बातें कीं. इस दौरान चोपड़ा ने बताया,

“ईमानदारी से कहूं तो हम दोस्त नहीं थे. हम शुरू से ही कंपीटिटर थे. वो एक जोशीला लड़का था. अपने काम के मामले में बहुत मेहनती और थोड़ा गंभीर. लेकिन वो हमेशा अपनी दिल की बात खुलकर कहता था.”

विराट-धवन में सिर्फ एक को मौका

चोपड़ा ने आगे बताया कि जब वो लोग खेलते थे तब दिल्ली की टीम इतनी अच्छी थी कि उसमें धवन या कोहली में से किसी एक को ही मौका मिल पाता था. उन्होंने बताया,

“मैं और गौती कंपीटिटिव थे, क्योंकि हमारी लड़ाई एक ही जगह (ओपनिंग) को लेकर थी. हमारी टीम बहुत अच्छी थी. जब हम खेलते थे, तो कोहली और धवन में से केवल एक को ही खेलने का मौका मिलता था. उस टीम में वीरू को भी ओपनिंग करने को नहीं मिलती थी. वीरू ने नंबर चार पर बल्लेबाज़ी की ताकि हम शिखर और विराट में से किसी एक को 3 पर रख सकें.”

बताते चलें कि गौतम गंभीर ने जब टीम इंडिया के लिए टेस्ट डेब्यू किया था, तब उन्होंने आकाश चोपड़ा को ही रिप्लेस किया था. ये आकाश चोपड़ा का आखिरी टेस्ट मैच भी साबित हुआ था. गंभीर का टेस्ट डेब्यू 3 नवंबर 2004 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के चौथे टेस्ट में हुआ था. 

वीडियो: पहले टेस्ट में बांग्लादेश को पस्त करने के लिए गौतम गंभीर की ये तरकीब

Advertisement

Advertisement

()