एजबेस्टन में भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैच की सीरीज़ का आखिरी टेस्ट खेलाजाएगा. 1 जुलाई से शुरू हो रहे इस मैच से पहले हेड कोच राहुल द्रविड़ (RahulDravid) ने प्रेस कांफ्रेंस की. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विराट की फॉर्म,उनकी सेंचुरी और टीम की प्लेइंग XI को लेकर खुलकर अपनी बात रखी.नवंबर 2019 के बाद से विराट कोहली (Virat Kohli) के बल्ले से इंटरनेशनल क्रिकेट मेंकोई शतक नहीं निकला है. दुनिया भर के क्रिकेट फ़ैन्स को विराट की 71वीं इंटरनेशनलसेंचुरी का बेसब्री से इंतजार है. लेकिन हेड कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि वह विराटकोहली की खराब फॉर्म से चिंतित नहीं हैं. द्रविड़ ने कोहली के वर्क-एथिक्स की भीप्रशंसा की, और कहा कि कोहली की जीत की भूख और सफलता पाने की इच्छा किसी भी तरह सेकम नहीं हुई है. वह पहले की तरह ही है.द्रविड़ की राय है कि लेस्टा के ख़िलाफ़ भारत के प्रैक्टिस मैच में कोहली काफी अच्छेटच में दिखे. क्योंकि प्रैक्टिस मैच के दौरान कोहली ने चुनौतीपूर्ण बल्लेबाजीपरिस्थितियों में 33 और 67 रन बनाए. द्रविड़ ने कहा,‘इसमें कोई संदेह नहीं कि वह फिट खिलाड़ी हैं. और सबसे मेहनती खिलाड़ियों में से एकहैं. उनकी इच्छा, उनकी भूख और उनका पूरा एटिट्यूड बेहतर खेल पर है. जिस तरह सेउन्होंने लेस्टा में बल्लेबाजी की, वह सराहनीय है. वह वही कर रहे हैं, जो उन्हेंकरने की जरूरत है.’द्रविड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट रूप से कहा,‘शतक बनाने से अधिक भारत को कोहली से मैच जिताने वाले योगदान की उम्मीद है.’द्रविड़ ने विराट की सेंचुरी पर कहा,'एक खिलाड़ी के तौर पर आप इस तरह के दौर से गुजरते हैं. मुझे नहीं लगता कि विराट केमामले में यह प्रेरणा या इच्छा की कमी है. यह शतक के बारे में नहीं है. क्योंकि एककठिन पिच पर 70 रन भी प्रशंसा के लायक है. केपटाउन में उन्होंने इसे शतक में नहींबदला, लेकिन यह एक अच्छा स्कोर था. उन्होंने अपने लिए जो मानक तय किए हैं, उनकेमुताबिक लोग उनके शतक को ही सफलता के रूप में देखते हैं. लेकिन एक कोच के नजरिए सेहम उनसे योगदान चाहते हैं, चाहे वह 50 रन का हो या 60 रन का.’विराट कोहली ने 22 नवंबर 2019 को कोलकाता में बांग्लादेश के खिलाफ 136 रन की पारीखेली थी. इसके बाद से विराट के बल्ले से एक भी सेंचुरी नहीं निकली है. उनके बल्लेसे हालांकि इस दौरान कई हाफसेंचुरी आई हैं, लेकिन वह इसे शतक में तब्दील नहीं करपाए हैं.