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"मस्जिद में शिवलिंग क्यों ढूंढना? विवाद क्यों बढ़ाना?" - मोहन भागवत का ज्ञानवापी मसले पर बयान

मोहन भागवत ने कहा - "RSS मंदिरों को लेकर अब कोई आंदोलन नहीं करने वाला है." 

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3 जून 2022 (अपडेटेड: 3 जून 2022, 09:39 AM IST)
RSS chief Mohan Bhagwat (Photo-Aaj Tak)
संघ प्रमुख मोहन भागवत (फोटो-आजतक)
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संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने ज्ञानवापी मस्ज़िद (Gyanvapi Mosque) पर बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ज्ञानवापी का एक मुद्दा है, इसे हिंदू-मुस्लिम से जोड़ना गलत है. उन्होंने ये बात नागपुर में संघ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में और क्या कहा? उन्होंने कहा कि

“अब RSS मंदिरों को लेकर कोई आंदोलन नहीं करने वाला है. राम मंदिर आंदोलन में उनकी पार्टी ने जरूर हिस्सा लिया था. कोई इस बात को नहीं नकार रहा है. उस समय पार्टी ने अपनी मूल प्रवृति के विरोध जाकर उस आंदोलन में हिस्सा लिया था. लेकिन अब भविष्य में आगे संघ किसी भी मंदिर को लेकर आंदोलन में शामिल नहीं होने वाला है.”

ज्ञानवापी पर मोहन भागवत ने क्या कहा? 

मोहन भागवत ने अपने संबोधन के दौरान कहा,

“इतिहास को कोई नहीं बदल सकता है. ज्ञानवापी का एक मुद्दा है, इसे हिंदू-मुस्लिम से जोड़ना गलत है. इस्लाम बाहर से आक्रमणकारियों के ज़रिये भारत आया. उन्होंने कई मंदिर तोड़े, मंदिरों की संख्या हजारों में है, लेकिन उसके लिए हम आज के मुसलमानों के विरुद्ध सोच नहीं सकते. उस समय भी मुसलमानों के पूर्वज हिन्दू ही थे. अब संघ के जरिए हर तरफ सिर्फ प्रेम का प्रसार करना है, हिंदुत्व भाव के साथ आगे बढ़ना है. देश में किसी भी समुदाय के बीच लड़ाई नहीं होनी चाहिए. हमें भारत को एक विश्वगुरू बनना है और पूरी दुनिया को शांति का पाठ भी सिखाना है”

मोहन भागवत ने एक और संदेश दिया. कहा कि हर मस्जिद में शिवलिंग तलाशने की जरूरत नहीं है. कुछ आस्था के केंद्र हो सकते हैं, लेकिन हर मुद्दे पर लड़ाई क्यों करनी? विवाद क्यों बढ़ाना?

रूस-यूक्रेन पर क्या बोले भागवत? 

मोहन भागवत ने संबोधन के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बात की. मोहन भागवत के मुताबिक यूक्रेन पर रूस ने हमला किया है. लेकिन भारत का जो स्टैंड लिया गया है, वो एक दम संतुलित है. रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया, विरोध हो रहा है, कोई यूक्रेन जाकर रूस को रोक नहीं रहा. रूस यूक्रेन युद्ध ने हमें सिखाया है कि शक्ति संपन्न होना जरुरी है. हमारे पास नीति और शक्ति दोनों होनी चाहिए.

संघ प्रमुख ने संबोधन में हिंदू धर्म को मजबूत बनाने की भी पैरवी की है. साफ कहा गया है कि हिंदू धर्म को और ताकतवर बनाना है. उन्होंने मुसलमानों को लेकर भी कई बातें कहीं. उन्होंने कहा कि मुस्लिम भी समझें कि भारत उनकी अपनी मातृभूमि है. एक दूसरे की संवेदना का सब को खयाल रखना होगा. 

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