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सुरंग ऑपरेशन के हीरो मुन्ना कुरैशी ने रेस्क्यू के बारे में जो बताया, इमोशनल हो जाएंगे आप!

उत्तरकाशी सुरंग हादसे के 17वें दिन सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. ड्रिलिंग मशीनों के फेल होने के बाद यहां मैनुअल ड्रिलिंग शुरू की गई. इसके जरिए मजदूरों को बचाने के लिए अंदर पहुंचे पहले व्यक्ति Munna Qureshi ने क्या-क्या बताया?

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5 workers including Munna Qureshi manually drilled to save 41 workers in Uttarkashi Tunnel Collapse.
उत्तरकाशी सुरंग हादसे में फंसे मजदूरों के पास सबसे पहले मुन्ना कुरैशी(बाएं) पहुंचे. (फोटो क्रेडिट- X/इंडिया टुडे)
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प्रज्ञा
29 नवंबर 2023 (अपडेटेड: 29 नवंबर 2023, 01:53 PM IST)
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उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग हादसे (Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue) के 17वें दिन सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. सुरंग के मलबे के आगे ड्रिलिंग मशीनें फेल हो गईं. इसके बाद 27 नवंबर से यहां मैनुअल ड्रिलिंग शुरू हुई, जिसे रैट होल ड्रिलिंग कहा जाता है. 12 रैट माइनर्स विशेषज्ञों की एक टीम ने इसे लीड किया.

मैनुअल ड्रिलिंग के जरिए सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक सबसे पहले मुन्ना कुरैशी नाम के शख्स पहुंचे. उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर हाथों से करीब 12 मीटर तक का मलबा हटाया. इंडिया टुडे से बात करते हुए मुन्ना कुरैशी ने बताया,

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ये भी पढ़ें- उत्तरकाशी सुरंग हादसा: 12 रैट माइनर्स ने कैसे की मैनुअल ड्रिलिंग?

आखिरी फेज में लगा 26 घंटे का समय

मुन्ना ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल मजदूरों को बचाना था. उन्होंने कहा,

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मुन्ना ने बताया कि इस ऑपरेशन में 26 घंटे का समय लगा. वे बोले,

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ये भी पढ़ें- हैरतअंगेज रेस्क्यू ऑपरेशन जो दुनिया ने पहले ना देखे थे

मुन्ना ने कहा,

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Munna Qureshi: 'जीवन को मिला मकसद'

मुन्ना कुरैशी ने सिल्क्यारा सुरंग हादसे में फंसे मजदूरों को बचाने को अपनी जिंदगी का जरूरी मकसद बताया. वे बोले,

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ये भी पढ़ें- उत्तरकाशी सुरंग हादसा: अधिकारी ने क्यों कहा कि ये ऑपरेशन तो एक युद्ध है?

मजदूरों के बारे में बात करते हुए मुन्ना ने कहा,

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मुन्ना कुरैशी दिल्ली के खजूरी खास के रहने वाले हैं. वे सीवर और वॉटर लाइन्स को साफ करने का काम करते हैं. मोनू, इरशाद, नसीम और मुन्ना कुरैशी को मिलाकर मैनुअल ड्रिलिंग के आखिरी फेज में कुल 5 लोगों ने मिलकर सिल्क्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: उत्तरकाशी सुरंग से जिंदा लौटे मजदूर, आखिरी पलों में क्या हुआ?

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