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यूपी राज्यसभा चुनाव में होगा उलट-फेर? सपा की बैठक में नहीं पहुंचे 7 विधायक

उत्तर प्रदेश में 27 फरवरी को राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है. BJP ने 8 और सपा ने 3 उम्मीदवार उतारे हैं. यानी 10 सीटों के लिए 11 प्रत्याशी हैं.

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7 of SP's MLAs did not attend the meeting
सपा ने अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाई थी. (अखिलेश यादव की फाइल फोटो: PTI)
26 फ़रवरी 2024 (Updated: 26 फ़रवरी 2024, 23:22 IST)
Updated: 26 फ़रवरी 2024 23:22 IST
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यूपी राज्यसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के खेमे में हलचल मचने की खबर है. हुआ ये है कि सपा ने वोटिंग की पूर्व संध्या पर अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाई थी और उनके लिए डिनर आयोजित किया था. आजतक के संतोष शर्मा और कुमार अभिषेक की रिपोर्ट के मुताबिक सपा के 7 विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए. इस चुनावी मौसम में क्या ये सपा के लिए क्रॉस वोटिंग का संकेत है? इस घटना के राजनीतिक मायने निकालने से पहले ये जान लीजिए कि सपा के कौन से विधायक पार्टी की बैठक में नहीं आए.

सपा के वो 7 विधायक

1. चायल से विधायक पूजा पाल
2. गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह
3. गोसाईगंज विधायक अभय सिंह
4. अमेठी विधायक महाराजी देवी
5. काल्पी विधायक विनोद चतुर्वेदी
6. ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय
7. अंबेडकरनगर से विधायक राकेश पांडेय 

ये भी पढ़ें- बसपा के सांसद एक-एक करके मायावती का साथ क्यों छोड़ रहे हैं?

बता दें कि उत्तर प्रदेश में 27 फरवरी को राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है. BJP ने 8 और सपा ने 3 उम्मीदवार उतारे हैं. पहले BJP ने 7 प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन नामांकन के आखिरी दिन 8वां प्रत्याशी भी उतार दिया. इससे 10 सीटों के लिए 11 प्रत्याशी हो गए और चुनाव कराने की जरूरत आन पड़ी.

यूपी से राज्यसभा के लिए BJP के उम्मीदवार

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह, पूर्व सांसद चौधरी तेजवीर सिंह, प्रदेश पार्टी महासचिव अमरपाल मौर्य, पूर्व राज्य मंत्री संगीता बलवंत, पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, पूर्व विधायक साधना सिंह, आगरा के पूर्व मेयर नवीन जैन और पूर्व राज्यसभा सांसद संजय सेठ.

यूपी से राज्यसभा के लिए सपा के उम्मीदवार

पूर्व राज्यसभा सांसद जया बच्चन, दलित नेता रामजी लाल सुमन और रिटायर्ड IAS आलोक रंजन.

BJP के पास कितना संख्याबल?

यूपी विधानसभा में 399 विधायक हैं और चार सीटें खाली हैं. राज्यसभा सांसदों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से किया जाता है. इसके अनुसार यूपी में हर उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 37 वोटों की जरूरत होगी.

BJP के पास 252 विधायक हैं और उसके NDA सहयोगियों के पास 34 विधायक हैं - अपना दल के 13, राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के 9, निषाद पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के 6-6 विधायक.  वहीं राजा भैया की जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के 2 विधायक हैं, उसके भी BJP के पक्ष में मतदान करने का एलान हो चुका है.

अगर BJP इन पार्टियों से सभी 36 वोट हासिल करने में सफल हो जाती है, तो उसके कुल वोटों की संख्या 288 तक पहुंच जाएगी. हालांकि, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अब्बास अंसारी जेल में हैं. अगर उन्हें जेल से आने की अनुमति नहीं मिलती है, तो ये संख्या 287 होगी. BJP को अपने आठों उम्मीदवारों जिताने के लिए 296 वोटों की जरूरत होगी. 

क्या सपा का खेल बिगड़ सकता है?

वहीं सपा को अपने तीनों प्रत्याशी जिताने के लिए 111 वोटों की जरूरत है. विधानसभा में सपा के 108 विधायक हैं. अगर कांग्रेस के दो विधायकों के वोट भी गिन लिए जाए, तो भी ये 110 ही पहुंचेगी. वहीं सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने वाली अपना दल (कमेरावादी) पार्टी की नेता पल्लवी पटेल पहले ही कह चुकी हैं कि वो राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं करेंगी. इस तरह उन्होंने जया बच्चन को राज्यसभा भेजने का विरोध जताया है. इसके अलावा सपा के 2 विधायक रमाकांत यादव और इरफान सोलंकी जेल में हैं. इसके साथ ही अगर सपा के 7 विधायक क्रॉस वोटिंग कर देते हैं, तो उसके 2 ही उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो पाएंगे. 

वीडियो: किसके कहने पर समाजवादी पार्टी बार-बार जया बच्चन को राज्यसभा भेज देती है?

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