जो काम गहलोत नहीं करना चाह रहे थे, वो खड़गे ने एक रात में कर दिया!
उदयपुर में कांग्रेस की चिंतन शिविर में यह फैसला लिया गया था कि एक नेता दो पद पर नहीं रह सकता है.
Advertisement

मल्लिकार्जुन खड़गे और अशोक गहलोत (फाइल फोटो- पीटीआई)
Story Summary
नेतानगरी: किसने काटा दिग्विजय सिंह का पत्ता? आधी रात को कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर क्या खेल हो गया?

