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इजरायल के खिलाफ Google कर्मचारियों का बड़ा हंगामा, CEO के ऑफिस में घुसे, गिरफ्तार

प्रदर्शनकारी Google Cloud के CEO थॉमस कुरियन के ऑफिस में घुस गए. वहां लाइवस्ट्रीम करते हुए उन्होंने अपनी मांगें रखीं. उनका आरोप है कि गाजा पट्टी में चल रहे संघर्ष में गूगल की AI सेवा के बहाने इजरायल की मदद की जा रही है.

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Google employees says company should stop working with Israel
अपनी ही कंपनी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने लगे गूगल के कर्मचारी. (फ़ोटो - सोशल मीडिया)
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हरीश
17 अप्रैल 2024 (Published: 04:05 PM IST)
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अमेरिका में गूगल के कुछ कर्मचारियों को कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के चलते गिरफ्तार किया गया है. इसकी वजह इजरायल को बताया जा रहा है. गूगल के कई कर्मचारी कंपनी के इजरायल के साथ काम करने को लेकर बहुत नाराज हैं. इसी को लेकर कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क में गूगल के कर्मचारियों ने कई घंटों तक विरोध प्रदर्शन किया. कैलिफोर्निया में तो गूगल क्लाउड के CEO थॉमस कुरियन के ऑफिस तक प्रदर्शनकारी पहुंच गए. उन्हें हटने के लिए कहा गया तो उन्होंने इनकार कर दिया. इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की खबर आई (Google employees protest against Israel).

इजरायल को लेकर गूगल के कर्मचारियों का प्रदर्शन

रिपोर्ट्स के मुताबिक इन कर्मचारियों की मांग है कि गूगल को इजरायली सरकार के लिए अपनी क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाएं देना बंद कर देनी चाहिए. ये सेवाएं अरबों डॉलर के AI कॉन्ट्रैक्ट प्रोजेक्ट निंबस से जुड़ी हैं जिस पर 2021 में साइन किए गए थे. इस समय गाजा पर ताबड़तोड़ बमबारी करने को लेकर इजरायल दुनियाभर के शांति समर्थकों के निशाने पर है. 

इन लोगों में गूगल के प्रदर्शनकारी कर्मचारी भी शामिल हैं. उनके विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो भी ऑनलाइन शेयर किया गया है. इसमें कर्मचारियों को गूगल के एक ऑफ़िस के अंदर बैठा देखा जा सकता है. 16 अप्रैल को हुई गिरफ्तारी से पहले कर्मचारियों ने एक लाइवस्ट्रीम में अपने धरने का सीधा प्रसारण किया और लाइव में ही अपनी मांगे रखीं.

इन मांगों में गूगल द्वारा इज़रायली सेना और सरकार के साथ सभी संबंधों को ख़त्म करने और श्रमिकों के "स्वास्थ्य और सुरक्षा संकट" पर ध्यान देना शामिल था. ये भी कि Google इजरायल की ‘नस्लभेदी' सरकार और सेना के साथ सभी व्यापार बंद करे, साथ ही फिलिस्तीनी और मुस्लिम कर्मचारियों के उत्पीड़न और उन्हें जबरन चुप कराने की प्रवृत्ति को रोके.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, रात में कंपनी के एक पदाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से संपर्क किया. उसने उन्हें बताया कि उन्हें प्रशासनिक छुट्टी दी गई है. साथ ही, उनसे ऑफ़िस से बाहर जाने के लिए कहा गया. जब कर्मचारियों ने जाने से इनकार किया, तो पुलिस बुलानी पड़ी जिसने वहां पहुंच कर कर्मचारियों को गिरफ़्तार कर लिया. इस तरह से लाइवस्ट्रीम का नाटकीय अंत हुआ.

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बाद में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में से एक इमान हसीम ने बताया कि वो अपनी नौकरी नहीं खोना चाहतीं, लेकिन प्रोजेक्ट निंबस और इजरायली सरकार के किसी भी समर्थन को स्वीकारे बिना और बिना उसकी निंदा किए काम पर आना मुश्किल था. गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम कर रहीं हसीम ने बताया कि कैसे कई कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट निंबस को कारण बताते हुए कंपनी से इस्तीफा दे दिया.

वहीं स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि गूगल कर्मचारियों को लगता है कि प्रोजेक्ट निंबस के तहत AI के जरिये गाजा में चल रहे संघर्ष में इजरायल की मदद की जा रही है. इसे कर्मचारी AI संचालित नरसंहार बता रहे हैं.

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