बच्चों को पिलाए जाने वाले Bournvita पर बवाल क्यों मचा? वीडियो में क्या दावा किया गया था?
बॉर्नविटा बनाने वाली कंपनी कैडबरी ने क्या कहा?

दूध में मिलाकर पिए जाने वाले बॉर्नविटा (Bournvita) को लेकर हाल में एक विवाद शुरू हुआ है. विवाद की शुरुआत एक वीडियो से हुई, जिसे खुद को एक न्यूट्रिशनिस्ट बताने वाले शख्स ने बनाया था. नाम है, रेवंत हिमतसिंगका (Revant Himatsingka). रेवंत सोशल मीडिया पर हेल्थ और न्यूट्रिशन इन्फ्लूएंसर के तौर पर जाने जाते हैं. अपने एक मिनट के वीडियो में रेवंत ने बॉर्नविटा में शुगर की मात्रा पर सवाल उठाए थे. कहा था कि बॉर्नविटा में भारी मात्रा में शुगर है. दावा किया कि इसमें कैंसरकारी रंग मिलाए जाते हैं. रेवंत का वीडियो तेजी से वायरल हो गया. चूंकि बॉर्नविटा बच्चों के लिए हेल्दी ड्रिंक बताकर बेचा जाता है, इसलिए रेवंत के दावे के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.
इन्फ्लूएंसर ने वीडियो डिलीट कियाकैडबरी कंपनी बॉर्नविटा (Cadbury Bournvita) बनाती है. उसने रेवंत के खिलाफ लीगल नोटिस जारी कर दिया. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने बयान जारी कर कहा,
कंपनी ने कहा कि उसे बीते 7 दशकों से ग्राहकों का प्यार मिल रहा है. कैडबरी ने दावा किया कि बॉर्नविटा में विटामिन A, C, D, आयरन, जिंक, कॉपर और सेलेनियम न्यूट्रिएंट्स हैं, ये इम्युनिटी बढ़ाते हैं. वहीं रोजमर्रा के इस्तेमाल के हिसाब से शुगर की मात्रा भी काफी कम है. उसके मुताबिक,
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि बॉर्नविटा का फॉर्मूलेशन न्यूट्रिशनिस्ट और फूड साइंटिस्ट की एक टीम द्वारा बेहतर तरीके से "स्वाद और स्वास्थ्य" प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है. कंपनी ने ये भी कहा,
रेवंत ने वीडियो डिलीट कियाकंपनी से नोटिस मिलने के बाद रेवंत ने वो वीडियो डिलीट कर दिया. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर बयान जारी करते हुए लिखा,
वीडियो डिलीट होने तक उसको 1.20 करोड़ व्यूज मिल चुके थे. हालांकि, वो अभी भी सोशल मीडिया पर कई दूसरे अकाउंट्स के जरिए मौजूद है. यानी मामला शांत नहीं हुआ है. कई लोगों ने कहा कि कंपनी ऐसा कर लोगों की आवाज़ दबा रही है.
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