सुवेंदु अधिकारी बोले, "सबका नहीं, जो साथ है बस उसका विकास", अब देनी पड़ गई सफाई
PM Narendra Modi ने 2014 में नारा दिया था - ‘सबका साथ, सबका विकास’. जाति और धर्म से परे सभी भारतीयों के समावेशी विकास को चिह्नित करने वाला नारा. 2019 में इस नारे में ‘सबका विश्वास’ जोड़ दिया गया.

पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता-प्रतिपक्ष और नामी BJP नेता सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ वाले नारे को बंद कर देने का समय आ गया है. ये भी कहा कि BJP को अपनी अल्पसंख्यक शाखा बंद कर लेनी चाहिए.
कहां, क्या बोल दिया?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में नारा दिया था - ‘सबका साथ, सबका विकास’. जाति और धर्म से परे सभी भारतीयों के समावेशी विकास को चिह्नित करने वाला नारा. 2019 में इस नारे में ‘सबका विश्वास’ जोड़ दिया गया. नारों की अपनी राजनीति होती है. सरकार की नीतियों में भेदभाव की ओर इशारा करते हुए इस नारे को कटाक्ष की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है.
कोलकाता में BJP की राज्य कार्यकारिणी बैठक थी. वहीं बोलते हुए अधिकारी ने एक नया नारा दिया - "जो हमारे साथ, हम उनके साथ."
जब उनकी टिप्पणी पर विवाद हुआ, तो नंदीग्राम के विधायक ने सफ़ाई दी कि प्रधानमंत्री का नारा उनका और NDA सरकार का एजेंडा है. वो बस ये चाहते हैं कि बंगाल में BJP केवल उन लोगों का साथ दे, जो उनका समर्थन करते हैं.
विश्लेषक इस बयान और बंगाल में BJP की रणनीति के पीछे क्या कारण देख रहे हैं? वोटिंग पैटर्न. दरअसल, 2024 लोकसभा चुनाव में बंगाल में BJP का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. सीधे-सीधे छह सीटों का झटका लगा. प्रदेश की 42 में 30 लोकसभा सीटें जीतने में अल्पसंख्यक समुदाय एक बड़ी बाधा बनकर उभरा है.
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