'मैं अभी मरने वाला नहीं हूं...' जेल से अतीक ने बिल्डर को धमकी देकर मांगे थे 5 करोड़!
अतीक अहमद की वॉट्सऐप चैट लीक, पढ़कर विश्वास नहीं कर पाएंगे!

माफिया अतीक अहमद साबरमती जेल से मोबाइल फोन के जरिए अपना सिंडिकेट चला रहा था. कुछ दिन पहले ही उसने लखनऊ के मोहम्मद मुस्लिम नाम के एक बिल्डर को धमकाकर उससे 5 करोड़ रुपए मांगे थे. बताया जा रहा है कि बिल्डर ने डरकर अतीक के बेटे असद को 80 लाख रुपए दे भी दिए थे.
आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम को अतीक ने अहमदाबाद की साबरमती जेल से धमकी भरा मैसेज लिखा था. अब यही वॉट्सऐप मैसेज सामने आया है. मैसेज से पता चलता है कि यूपी पुलिस और ED के एक्शन से अतीक बौखलाया हुआ था. अतीक इतना ओवर कॉन्फिडेंट था कि उसने मैसेज में लिखा कि वो अभी मरने वाला नहीं है.
बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम को भेजे मैसेज में अतीक अहमद ने लिखा था,
‘मेरा कोई लड़का ना डॉक्टर बनेगा और ना वकील बनेगा. सिर्फ हिसाब होना है और इंशा अल्लाह बहुत जल्द हिसाब शुरू कर दूंगा. मैं आपको आखिरी बार कह रहा हूं, आप मेरे बेटे से ED-ED कर रहे हो, ED ने अभी आपका पैसा सीज नहीं किया, बेहतर ये है कि हमारे बेटे उमर का जो हिसाब है और असद ने जो पैसा दिया है, वो हमें इलेक्शन में जरूरत है. हमारी आपसे कोई दुश्मनी तो है नहीं..आपके घर ने अपनी किस्मत और अक्ल से कमाया लेकिन, हमारे जो पैसे हैं वो तुरंत दे दो.... इस वक्त हमारे बहुत काम आएगा... कम लफ्जों में ज्यादा समझ लो... मैं अभी मरने वाला नहीं हूं, इंशा अल्लाह एक्सरसाइज करता हूं, दौड़ता हूं, बेहतर है हमसे आकर मिल लो... अतीक अहमद... साबरमती जेल.'

बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम साल 2007 में अतीक के डर से प्रयागराज छोड़कर लखनऊ आ गया था. लेकिन, अतीक फिर भी उसे धमकाता रहता था. जनवरी 2023 से अतीक मोहम्मद मुस्लिम को लगातार धमकी दे रहा था और पैसे की मांग कर रहा था. अतीक के जेल से धमकी भरे मैसेज के बाद मोहम्मद मुस्लिम काफी डर गया और उसने असद को 80 लाख रुपए दे दिए. बताते हैं कि इन पैसों का इस्तेमाल ही उमेश पाल हत्याकांड में किया गया था.
चुनाव के दौरान टैक्स वसूलता था अतीकआजतक से जुड़े अरविंद ओझा के मुताबिक एक बात ये भी पता चली है कि अतीक अहमद हमेशा चुनाव लड़ने के दौरान टैक्स वसूलता था. इसे ‘चुनाव टैक्स’ कहा जाता था. बड़े बिल्डर और बड़े कारोबारियों से चुनाव लड़ने के लिए ये टैक्स लिया जाता था. अतीक के चुनाव लड़ने पर बाकायदा टैक्स वसूली पर्ची जारी होती थी. दो तरह की पर्चियां कारोबारियों को दी जाती थीं.
गुलाबी पर्ची का रेट 3 लाख से लेकर 5 लाख तक था. सफेद पर्ची का 5 लाख से ऊपर का रेट था. कैश के साथ-साथ एकाउंट में भी पैसे जमा कराए जाते थे. चुनाव टैक्स के पैसे अतीक अहमद के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अकाउंट में जमा होते थे.
वीडियो: एक IPS ने लल्लनटॉप को बताई अतीक अहमद की अनसुनी कहानियां