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महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर 12 'नक्सलियों' को मार गिराने का दावा, मृतकों में महिलाएं भी शामिल

ये एनकाउंटर महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ की सीमा पर हुआ. छह घंटों तक तड़तड़ गूंजता रहा जंगल. 12 शवों के अलावा पुलिस ने बरामद किए ऑटोमैटिक हथियार.

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17 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 10:30 PM IST)
naxals vs security
सुरक्षा बलों को टिप मिली थी. (सांकेतिक तस्वीर)
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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली ज़िले में सुरक्षा बल और कथित माओवादियों के बीच छह घंटे तक गोलीबारी चली. इस अभियान में 12 लोग मारे गए हैं, जिन्हें पुलिस ने 'माओवादी' बताया है. एनकाउंटर के बाद कई ऑटोमैटिक हथियार बरामद किए गए हैं.

स्थानीय मीडियो रपटों के मुताबिक़, महाराष्ट्र पुलिस को टिप मिली थी कि छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे वंडोली गांव के पास क़रीब 15 माओवादी हैं. सुबह क़रीब 10 बजे उन्होंने अभियान शुरू किया. डिप्टी एसपी के नेतृत्व में एलीट कंमाडोज़ से बनी सात C-60 टीमें घने जंगलों में घुसीं. दोपहर में दोनों तरफ़ से गोलियां चलीं. छह घंटे से ज़्यादा समय तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही.

जानकारी है कि सी-60 के एक सब-इंस्पेक्टर और एक जवान को गोली लगी है, लेकिन वो ख़तरे से बाहर हैं. उन्हें इलाज के लिए नागपुर ले जाया गया. 

ऑपरेशन के बाद उपमुख्यमंत्री और गढ़चिरौली के संरक्षक मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सी-60 कमांडो और ज़िला पुलिस के लिए 51 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की.

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गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने मीडिया को बताया कि 12 माओवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. मरने वालों में टिपागड़ दलम का प्रभारी भाकपा(माओवादी) का डिविज़नल कमेटी सदस्य (DVCM) लक्ष्मण आत्राम उर्फ़ ​​विशाल आत्राम भी शामिल है.

पुलिस ने अभी तक 11 अन्य लोगों की पहचान नहीं की है. मरने वालों में महिलाएं भी हैं.

इन शवों के अलावा सात ऑटोमोटिव हथियार मिले हैं. इनमें तीन एके-47, दो इंसास राइफ़ल, एक कार्बाइन और एक LSR शामिल हैं. इलाक़े में तलाशी शुरू कर दी गई है.

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इस क्षेत्र में घने जंगल और हरियाली के चलते ट्रैकिंग करने वाले यहां आते हैं. मगर गढ़चिरौली ज़िला और आस-पास का इलाक़ा नक्सल की समस्या से ग्रस्त है. इसे रेड कॉरिडोर के हिस्से में ही गिना जाता है, जिसका इस्तेमाल भारत में नक्सलियों से त्रस्त इलाक़ों के लिए किया जाता है. मार्च, 2024 में गढ़चिरौली ज़िले में ऐसी ही एक झड़प में चार नक्सली मारे गए थे.

वीडियो: गढ़चिरौली में 50 लाख के इनामी के साथ-साथ 25 नक्सल पुलिस एनकाउंटर में मारे गए

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