Submit your post

Follow Us

नीतीश कुमार ने कोरोना का 'फेसबुक पोस्ट डिलीट' वाला इलाज खोजा

भारत के कोरोनावायरस के चपेट में आने की ख़बरें जब शुरू-शुरू में फूटी थीं, उस समय एक और ख़बर सामने आयी थी. ख़बर ये कि बिहार में कोरोनावायरस का एक भी मरीज़ नहीं. लोगबाग ख़ुश होते, इससे पहले एक और ख़बर आ गयी. बीते हफ़्ते पटना मेडिकल कॉलेज एंग हॉस्पिटल (PMCH) में एक 38 साल के जवान की मौत हुई. वजह कोरोनावायरस का संक्रमण. 

और इसी तरह कोरोनावायरस के पहले केस से बिहार का अन्नप्राशन हुआ. लेकिन जहां कोरोना के केसों के सामने आने के साथ ये सवाल फैलता जा रहा है कि क्या केंद्र सरकार के पास कोरोना से लड़ने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है? या कोरोना से जुड़ी जानकारियां दबाई-छिपाई जा रही हैं? वहीं बिहार की राज्य सरकार के बारे में ऐसा कमोबेश पुख़्ता रूप से कहा जा सकता है. क्योंकि बिहार के डॉक्टरों, नर्सों और कई स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा है कि बिहार में कोरोना का इलाज में लगे डॉक्टरों के पास न तो मास्क है, न तो संक्रमण से बचाने के लिए कपड़े हैं, न ही उनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था. लोग कहते हैं कि संक्रमण फैलने के बाद तक बिहार में जांच की किट ही नहीं थी. इस वजह से बिहार में कोरोना के मामले सामने नहीं आ रहे थे. 

क्या हुआ? कैसे हुआ?

सबसे पहले जो बातें सामने हैं, उनके बारे में बात. PMCH की एक डॉक्टर हैं बिनीता चौधरी. उन्होंने अपनी फ़ेसबुक वॉल पर 25 मार्च को एक पोस्ट लगाया. इस पोस्ट में बिनीता चौधरी ने कुछ बातें लिखीं. कहा कि हमें कोरोना के इलाज के लिए ज़रूरी PPE किट — यानी डॉक्टरों द्वारा पहने जानी वाली किट, जिससे उन्हें संक्रमण नहीं होता है — नहीं दिए गए हैं. उसकी जगह PMCH के डॉक्टरों को दिए गए AIDS के इलाज में डॉक्टरों द्वारा पहने जाने वाले HIV किट. बिनीता चौधरी की इस पोस्ट में चार डॉक्टर बैठे हुए दिख रहे थे. पोस्ट में लिखा गया कि हम डॉक्टरों ने आत्महत्या का मिशन चुना है. एक बार अगर हमें इंफ़ेक्शन हो गया, तो हमारी वजह से दूसरे स्वस्थ लोग भी बीमार होंगे. आरोप कि सैनिटाईज़र भी नहीं. और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट बिहार के मुख्यमंत्री के साथ दोपहर का खाना खाने के बारे में ज़्यादा चिंतित हैं, न कि हमारी सेफ़्टी के बारे में.  

इसके बाद बिनीता चौधरी ने लिखा कि अगर हम ऐसी परिस्थिति में काम करने से मना कर देते हैं तो हम पर FIR दर्ज करने की धमकी दी जा रही है. कहा कि हम ख़ुशी से अपनी ड्यूटी करते हुए आत्महत्या कर लेंगे. 

Bineeta Chaudhary Post
डॉ बिनीता चौधरी की पहली पोस्ट

बिनीता चौधरी की पोस्ट का स्क्रीनशॉट आपने देख लिया. अब सुनिए. बिनीता चौधरी की ये पोस्ट अब ग़ायब हो गयी है. हटा ली गयी या प्राइवेट कर दिया गया. कहा जा रहा है कि बिनीता चौधरी पर दबाव बनाया गया. पोस्ट हटाने के लिए. इस बाबत हमने फ़ेसबुक के ज़रिए बिनीता चौधरी से बात करने की कोशिश की. उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. कहा जा रहा कि उन्हें कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही है. इसके बाद बिनीता चौधरी ने एक और पोस्ट लगायी. कहा कि बिहार की बदनामी करना उनका मक़सद नहीं था. 

Bineeta Chuadhary Second Post
डॉ बिनीता चौधरी की दूसरी पोस्ट

बदहाली और भी है?

हालांकि बात यहीं ख़त्म नहीं होती है. इसके अलावा भी ख़बरें हैं. नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय और हॉस्पिटल (NMCH) यहां का भी ख़बरों में कमोबेश वही हाल निकला. ख़बरें बताती हैं कि NMCH के डॉक्टरों के पास इस समय ज़रूरी सुविधाएं जैसे मास्क, सैनिटाईज़र, ग्लव्ज़ जैसी चीज़ें नहीं मौजूद हैं. कोरोना के संभावित मरीज़ जांच के लिए पहुंच तो रहे हैं, लेकिन डॉक्टर और नर्स उनका इलाज करने से क़तरा रहे हैं. ख़बर ये भी है कि उन्होंने हॉस्पिटल अधीक्षक के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. सुविधाएं मांगी. वे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में जाने से बच रहे हैं. 

दैनिक भास्कर में छपी ख़बर की मानें तो डॉक्टरों ने कहा है उनके बैठने की जगह पर बहुत छोटी है. चिकित्सक और मरीज़ों की भीड़ लग जाती है. जिससे सोशल डिसटेंसिंग के फ़ार्मूले का पालन सही से नहीं हो पा रहा है.

अंग्रेज़ी अख़बार दी हिंदू ने भी ख़बर छापी है. कहा है कि NMCH को बिहार के पहले कोरोनावायरस के स्पेशीऐलिटी हॉस्पिटल की तरह विकसित किया जा रहा है. और यहां के डॉक्टरों ने मांग की है कि चूंकि अस्पताल में सुविधाएं ही नहीं हैं, इसलिए उन्हें 15 दिनों के होम क्वॉरंटीन में भेज दिया जाए. 

क्या कह रहे हैं डॉक्टर?

सवाल उठता है कि क्वॉरंटीन क्यों? क्योंकि जूनियर डॉक्टरों के एसोसिएशन ने सरकार को पत्र लिखा. कहा कि NMCH के 83 डॉक्टर कोरोना पॉज़िटिव केस के सम्पर्क में आए हैं. उसके बाद उनके अंदर भी लक्षण दिखाई देने लगे हैं. उन्हें संदेह है कि वे भी कोरोना पॉज़िटिव हो सकते हैं. लेकिन न उनकी जांच की गयी है. न ही उन्हें क्वॉरंटीन में रखा गया है. ऐसा न करके स्थिति और गम्भीर हो सकती है. हम आपसे दरखास्त करते हैं कि प्रशासन को उचित सूचना दी जाए कि वे इस गम्भीर परिस्थिति को नज़रंदाज न करें. 

Patna Pti
पटना में बस यात्रियों को सैनिटाइज़र देते स्वास्थ्यकर्मी (तस्वीर : PTI)

पटना में मौजूद एम्स और इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साईंस के बारे में अख़बार प्रभात ख़बर में ऐसी ही ख़बरें चलीं. कहा गया कि इन आला दर्जे के अस्पतालों में भी कोरोना से बचाव के लिए N95 मास्क उपलब्ध नहीं हैं. उन्हें सस्ते तीन लेयर वाले मास्क ही दिए गए हैं. 

सासाराम, भागलपुर, दरभंगा और बिहार के दूसरे जिलों से भी ऐसी ही ख़बरें आयीं. डॉक्टरों को सुविधा नहीं. इसी बीच भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय की ओर से जारी पत्र भी सामने आया. ये पत्र सभी एमरजेंसी और आईसीयू विभाग में काम कर रहे सभी इंटर्न को लिखा गया था. कहा गया कि आप सभी को N95 मास्क और PPE सूट की कोई ज़रूरत नहीं है. आप सभी नॉर्मल मास्क और दस्ताने के साथ काम करें. 

Bhagalpur Administratino
भागलपुर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी किया गया पत्र.

इधर सरकार की तरफ़ से भी सभी स्वास्थ्यकर्मचारियों से कहा गया कि वे PPE किट की जगह HIV किट का इस्तेमाल करें. इस बारे में डॉक्टरों ने अपने पत्र के माध्यम से कहा कि HIV प्रोटेक्शन किट गले से लेकर चेहरे तक के हिस्से को पूरी तरह नहीं ढंकता है, साथ ही इसमें आंखों को ढंकने की कोई व्यवस्था नहीं होती है. जबकि ये सारी चीज़ें PPE सूट में मौजूद होती हैं. 

क्या कहना है सरकार का?

इसके पहले 23 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि अभी डॉक्टरों और नर्सों को उनकी एक माह की तनख़्वाह के बराबर इन्सेंटिव दिए जायेंगे. लेकिन जूनियर डॉक्टरों के संगठन ने सरकार को लिखा है कि उन्हें पैसा न दिया जाए, बल्कि उस पैसे से उनके लिए N95 मास्क और PPE सूट ख़रीदे जायें. 

हमने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से सम्पर्क करने की कोशिश की. कोई जवाब नहीं. हमने कहा कि जवाब चाहिए. अगर जवाब मिलता है तो आप तक लायेंगे. लेकिन बिहार सरकार के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संजय कुमार का दावा ANI ने चलाया. बिज़नेस स्टैंडर्ड ने छापा. 22 मार्च को आए इस बयान में संजय कुमार ने कहा कि सरकार सारे क़दम उठा रही है ताकि इंफ़ेक्शन रुके. सरकार मौजूदा परिस्थिति के बारे में सजग है. और परिस्थितियों के हिसाब से निर्णय ले रही है. 


लल्लनटॉप वीडियो :कोरोना संक्रमित 11 लोगों को ठीक करने वाली डॉ. सुशीला कटारिया ने क्या कहा?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

कोरोना पॉजिटिव लोगों की मदद के लिए कपिल शर्मा ने जो काम किया उसकी खूब तारीफ हो रही है

रॉनित रॉय, सुशांत सिंह और प्रकाश राज भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए हैं.

तेलुगु सुपरस्टार महेश बाबू ने कोरोना में हेल्प करते हुए अपना स्टारडम दिखा दिया है

रजनीकांत, पवन कल्याण, रामचरण और कमल हासन ने सरकार की मदद करने का ऐलान किया है.

अमिताभ बच्चन कोरोना के लिए जागरूकता फैलाने गए थे, खुद ट्रोल होकर लौट आए!

हफ्तेभर के भीतर होने वाली ये अमिताभ बच्चन की दूसरी बड़ी गलती है.

लॉकडाउन तोड़ नमाज़ पढ़ने मस्जिद पहुंचे लोग, पुलिस ने दौड़ा लिया

लॉकडाउन में मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारे सबको बंद रखने के आदेश हैं.

लॉकडाउन: सरकार ने एक बड़ी छूट दे दी है, लेकिन फायदा आपको मिलेगा नहीं

नितिन गडकरी ने इस बात की जानकारी दी.

ओवैसी की पार्टी के विधायक ने 20-25 समर्थकों के साथ कोरोना वाले अस्पताल में डॉक्टर को लात घूसा मारा!

मरीजों का इलाज कर रहे स्टाफ ने हड़ताल कर दी.

कोरोना क्राइसिस में भी सिल्वर लाइनिंग ढूंढ ली इस 'बावरे' गीतकार ने

बॉलीवुड सिंगर स्वानंद किरकिरे ने यह भी बताया कि कोरोना के पीछे किसकी साजिश है.

कोरोना: रेल कोच से लेकर स्टेडियम तक में बनेंगे वॉर्ड, क्या हैं ऑल्टरनेट तैयारियां

कई राज्यों ने प्राइवेट अस्पतालों को भी आइसोलेशन वॉर्ड बनाने के निर्देश दिए हैं.

RBI ने वित्त मंत्रालय और सोनिया गांधी की ये बात मान ली तो EMI देने वालों की जान में जान आएगी

21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से बहुत कुछ दांव पर है.

कैसे ये सुपरस्टार बिना पैसे दिए कोरोना वायरस से बचाव में सरकार की बड़ी मदद कर रहा है?

आप 'थला' अजीत को हल्के में मत लीजिएगा, ये एक्सपर्ट हैं.