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क्या 23 नेताओं के लेटर के बाद सोनिया गांधी अध्यक्ष पद छोड़ने जा रही हैं?

सोनिया गांधी. कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष. लोकसभा चुनाव 2019 में राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद उन्होंने यह पद संभाला था. खबर है कि अब उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जताई है. इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सोनिया ने पार्टी नेताओं से कहा कि कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनका एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया. अब वह पद छोड़ना चाहती हैं और पार्टी को नया अध्यक्ष चुन लेना चाहिए.

पार्टी के सीनियर नेताओं की ओर से कांग्रेस में बड़े स्तर पर बदलाव की मांग को लेकर पत्र लिखे जाने की खबर 23 अगस्त को आई. बताया जाता है कि सोनिया ने इस पत्र के जवाब में ही पद छोड़ने की इच्छा जताई.

24 अगस्त को कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक

कांग्रेस वर्किंग कमिटी की 24 अगस्त को एक बैठक भी होनी है. इंडिया टुडे की खबर में कहा गया है कि यह बैठक पार्टी नेताओं के पत्र के बाद ही बुलाई गई है. इसें संगठन से जुड़े मसलों पर चर्चा की जाएगी. माना जा रहा है कि मीटिंग के दौरान भी सोनिया अपनी बात दोहराएंगी और पार्टी से नया मुखिया चुनने को कहेंगी. सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सोनिया गांधी ने इस बारे में गुलाम नबी आजाद से भी बात की है.

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सोनिया गांधी ने पद छोड़ने के बारे में किसी नेता से न तो बात की है और न किसी को खत लिखा है. इस तरह की खबरें सही नहीं हैं.

Sonia Gandhi And Rahul Gandhi
सोनिया गांधी और राहुल गांधी. संसद के सामने CAA और NRC के विरोध में प्रदर्शन करते हुए. तस्वीर 31 जनवरी 2020 की है. क्रेडिट- PTI.

पत्र के जवाब में प्रस्ताव

इन सबके बीच कुछ नेताओं का मानना है कि संगठन में बदलाव की मांग का अभी सही समय नहीं है. इससे बीजेपी को ही फायदा होगा. एक कवायद यह भी चल रही है कि अभी जो बदलाव को लेकर पत्र लिखा गया है उसके जवाब में एक प्रस्ताव लाया जाए. इसमें पत्र की आलोचना की जाए.

क्या कांग्रेस नेता अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं?

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार, कई कांग्रेस नेताओं का मानना है कि जिन नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा है, वे अपना राजनीतिक भविष्य बचाने की कोशिश कर रहे हैं. जितिन प्रसाद, मुकुल वासनिक सहित कई कांग्रेस वर्किंग कमिटी के नेताओं ने लॉकडाउन के दौरान हुई तीन बैठकों में पार्टी में बदलाव को लेकर कोई मुद्दा नहीं उठाया. लेकिन उन्होंने अभी लिखे गए पत्र पर साइन किए हैं.

23 सीनियर नेताओं ने पार्टी में बदलाव को लेकर लिखा लेटर

इससे पहले पिछले दिनों कांग्रेस के 23 सीनियर नेताओं ने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने संगठन के स्तर पर बदलाव करने को कहा था. कहा था कि बीजेपी का सामना करने के लिए पार्टी को खड़ा करने की जरूरत है.

कांग्रेस के प्रेसिडेंट को लेकर पार्टी दो गुटों में बंटी दिखाई दे रही है. एक गुट सोनिया को ही अध्यक्ष के रूप में समर्थन दे रहा है. दूसरा गुट पार्टी हित के नाम पर नए चेहरों को आगे बढ़ाने की दुहाई दे रहा है. इस बीच कुछ नेता वापस राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने की मांग कर रहे हैं.

कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री. (बाएं से) अशोक गहलोत, अमरिंदर सिंह, वी नारायणसामी और भूूपेश बघेल.
कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री. (बाएं से) अशोक गहलोत, अमरिंदर सिंह, वी नारायणसामी और भूूपेश बघेल.

कांग्रेस के सीएम गांधी परिवार के साथ

कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों कैप्टन अमरिंदर सिंह, अशोक गहलोत, वी नारायणसामी और भूपेश बघेल ने पार्टी नेतृत्व के लिए गांधी परिवार का समर्थन किया है. उन्होंने लीडरशिप में गांधी परिवार को चुनौती पर विरोध जताया है. वहीं अशोक गहलोत ने पत्र लिखे जाने को गैरजरूरी बताया. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि अभी इस तरह की मांग सही नहीं है. बीजेपी सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष की जरूरत है. बीजेपी को कमजोर विपक्ष के चलते ही कामयाबी मिली है. ऐसे में अभी कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने जो मांग की है वह पार्टी और देश हित के खिलाफ है. एकजुट कांग्रेस ही देश और इसके लोगों की रक्षा कर सकती है.

अमरिंदर बोले- चुनावी हार बदलाव का मानक नहीं

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को जब तक ठीक लगे पार्टी को संभालना चाहिए. इसके बाद राहुल को जिम्मेदारी ले लेनी चाहिए. वह पूरी तरह तैयार हैं. अभी कांग्रेस में दूसरा कोई नहीं है जो मजबूत लीडरशिप दे सके. चुनावी हार लीडरशिप में बदलाव का मानक नहीं होनी चाहिए. अभी कांग्रेस कमजोर है इसका मतलब यह नहीं कि गांधी परिवार के योगदान को कमतर किया जाए.

बघेल ने कहा- गांधी परिवार ही रास्ता दिखा सकता है 

वहीं छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने राहुल गांधी को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने सोनिया गांधी के नेतृत्व पर भरोसा जताने की बात कही है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक चुनौती में सोनिया और राहुल गांधी ने सही रास्ता दिखाया है. सब उनके साथ हैं. छत्तीसगढ़ और पूरे देश की जनता उनके साथ हैं. देश जिस संकट में है, उससे ये दोनों ही बाहर निकाल सकते हैं.

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि 23 सीनियर नेताओं का पत्र लिखना दुर्भाग्यजनक है. सोनिया गांधी को ही अध्यक्ष पद पर रहना चाहिए. बाद में राहुल गांधी यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.


Video: कांग्रेस के 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को लेटर लिखकर क्या कहा?

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