Submit your post

Follow Us

ट्रिब्यूनल्स में नियुक्तियों पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- ऐसे तो स्कूलों में भी नहीं होता

सुप्रीम कोर्ट ने 15 सितंबर को केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई. कहा कि विभिन्न ट्रिब्यूनल्स में नियुक्तियों पर जिस तरह से केंद्र सरकार काम कर रही है, वैसे तो स्कूलों में भी नहीं होता. सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी की सिफारिशों पर जिस तरह से काम किया जा रहा है, उससे कोर्ट नाखुश था. कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि ट्रिब्यूनल्स में सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी की तरफ से रिकमेंड किए गए लोगों की भर्ती कराने की बजाय वेटलिस्ट वाले कैंडिडेट्स की भर्ती कराई जा रही है.

ये बातें सुप्रीम कोर्ट ने ‘ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स ऐक्ट-2021’ की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए और अलग-अलग ट्रिब्यूनल्स में खाली पड़ी वैंकेसी के मसले पर कहीं. चीफ जस्टिस एनवी रमना की अगुवाई वाली बेंच सुनवाई कर रही थी. उनके साथ बेंच में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एल नागेश्वर राव भी थे. कोर्ट ने केंद्र सरकार को ट्रिब्यूनल्स में पद भरने के लिए 2 हफ्ते का समय दिया है.

ट्रिब्यूनल्स और रिफॉर्म्स बिल

इस ख़बर को और अच्छे से समझने के लिए पहले जान लीजिए कि ट्रिब्यूनल्स होते क्या हैं?

ट्रिब्यूनल कानून द्वारा स्थापित न्यायिक और अर्ध-न्यायिक संस्थान होते हैं. कुछ खास विषयों के मामले देखने के लिए इन्हें बनाया जाता है. आमतौर ट्रिब्यूनल में तेज़ी से सुनवाई होती है और जल्दी फ़ैसले लिए जाते हैं. अदालतों पर बोझ कम करने के लिए ट्रिब्यूनल्स का गठन किया जाता है.

ट्रिब्यूनल्स से ही जुड़े ‘ट्रिब्यूनल रिफ़ॉर्म्स बिल, 2021’ को अगस्त में संसद सत्र के दौरान पास किया गया था. अब इसे राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिलते ही 9 तरह के अपीलीय ट्रिब्यूनल्स बंद हो सकेंगे. इसके अलावा कुछ और संशोधन भी पारित किए गए. विधेयक में ट्रिब्यूनल को चलाने के लिए चयन समितियों के गठन और कार्यकाल से जुड़े प्रावधानों को भी शामिल किया गया है. बिल की धारा 3(7) के मुताबिक़, अलग-अलग ट्रिब्यूनल्स के अध्यक्ष और सदस्यों को सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी की सिफारिशों पर नियुक्त किया जाएगा.

कोर्ट की आपत्ति

अब सुप्रीम कोर्ट ने इसी बात पर आपत्ति जताई है कि ट्रिब्यूनल्स में खाली पड़े पद भरने के लिए चयन समिति की तरफ से आए नामों की बजाय वेटलिस्ट वाले कैंडिडेट्स की भर्ती की जा रही है. कोर्ट ने कहा कि सरकार कुछ अभ्यर्थियों को ‘चेरी पिक’ (cherry pick) करके यानी मनमाफिक तरीके से चुनकर उनकी भर्ती कर रही है. CJI रमना ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कहा –

“हमने NCLT की चयन सूची देखी है. चयन समिति ने 9 न्यायिक सदस्यों और 10 तकनीकी सदस्यों की सिफारिश की है. नियुक्ति पत्र में 3 नाम चयन सूची से लिए गए हैं, बाकी वेटिंग लिस्ट से. आप चयन सूची को अनदेखा करके वेटिंग लिस्ट में जा रहे हैं. ये कैसी नियुक्ति है?”

सरकार का पक्ष

कोर्ट ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ऐसा तो स्कूलों में एडमिशन के दौरान भी नहीं होता कि चयनित छात्रों को नज़रअंदाज कर वेटिंग लिस्ट से एडमिशन करा दिए जाएं. अटॉर्नी जनरल ने ये दलील दी थी कि सरकार के पास अभ्यर्थियों के चयन का अधिकार है. और ये अधिकार भी है कि वह चयन समिति से आए सभी नामों को न चुने. इस पर बेंच ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनका ऐसा कहना ठीक नहीं है.

बेंच का सख़्त रुख़ देखते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सरकार पुनर्विचार के लिए तैयार है. साथ ही भरोसा दिलाया कि 2 हफ्ते में बाकी नियुक्तियां भी की जाएंगी. अगर ऐसा नहीं हुआ तो अदालत के सामने ठोस कारण बताया जाएगा. इससे पहले सरकार ने हलफनामा दाखिल करके कोर्ट को बताया था कि 2020 से अब तक अलग-अलग ट्रिब्यूनल्स में 84 नियुक्तियां की जा चुकी हैं. सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी की तरफ से चुनकर आए किसी भी अभ्यर्थी की नियुक्ति लंबित नहीं है. हिंदुस्तान टाइम्स ने सरकार की तरफ से दाखिल हलफनामे के हवाले से लिखा है कि इन 84 में से 39 नियुक्तियां तो सुप्रीम कोर्ट की  सख़्ती के बाद इसी महीने की गई हैं. 4 नियुक्तियां मई में हुई थीं. बाकी 41 नियुक्तियां 2020 में की गई थीं.


वीडियो: संसद में पास ट्रिब्यूनल रिफ़ॉर्म्स बिल के क़ानून में तब्दील होने से क्या बदलाव होंगे?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

नसीरुद्दीन शाह ने योगी आदित्यनाथ के 'अब्बा जान' वाले बयान पर बड़ी बात कह दी है!

नसीर ने ये भी कहा कि कई मुस्लिम अपने पिता को बाबा भी कहते हैं.

AIMIM के पूर्व नेता पर FIR, दोस्त के साथ हलाला कराने की कोशिश का आरोप

पूर्व पत्नी ने लगाया रेप के प्रयास का आरोप, AIMIM नेता ने कहा- बेबुनियाद.

75 साल बाद नर्सिंग के पाठ्यक्रम में किए गए बड़े बदलाव हैं क्या?

ये बदलाव जनवरी 2022 से लागू होंगे.

पश्चिम बंगाल के पूर्व CM बुद्धदेव भट्टाचार्य की साली बेघर हैं, फुटपाथ पर सोती हैं

इरा बसु वायरोलॉजी में PhD हैं और 30 साल से भी ज्यादा समय तक पढ़ाया है.

'माओवादी' बताकर CRPF ने 8 आदिवासियों का एनकाउंटर किया था, 8 साल बाद ये 'एक भूल' साबित हुई है

यहां तक कि CRPF कान्स्टेबल की मौत भी फ्रेंडली फायर में हुई थी!

अक्षय कुमार की मां का निधन

अपने जन्मदिन से सिर्फ एक दिन पहले अक्षय को मिला गहरा सदमा.

अफगानिस्तान: तालिबान ने नई सरकार की घोषणा की, किसे बनाया मुखिया?

नई अफगानिस्तान सरकार का लीडर यूएन की आतंकियों की लिस्ट में शामिल है.

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के पिता गिरफ्तार, कोर्ट ने 15 दिन के लिए भेजा जेल

रायपुर पुलिस ने नंद कुमार बघेल को ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया.

एक्टर रजत बेदी ने रोड पार करते व्यक्ति को टक्कर मारी!

पीड़ित इस वक़्त कूपर अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी हालत बेहद नाज़ुक है.

अक्षय कुमार की मां ICU में एडमिट, यूके से शूटिंग छोड़ वापस आए अक्षय

कई दिनों से अक्षय कुमार की मां अरुणा भाटिया की तबीयत खराब है.