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2019 चुनाव नतीजे: BJP के वो दो विजेता जिनके नाम रिकॉर्डबुक में जुड़ गए हैं

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लोकसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं. यूं तो ये चुनाव एक बार फिर बीजेपी और नरेंद्र मोदी के लिए बंपर जीत लेकर आए हैं. मगर इसी बीच कई मजेदार चीजें भी सामने आई हैं. ऐसा ही एक मजेदार फैक्ट है इन चुनावों में सबसे बड़े और सबसे कम मार्जिन से मिली जीतों का. इस बार सबसे बड़े अंतर से जो जीत दर्ज हुई है उसमें वोटों का अंतर लाख दो लाख का नहीं है. पूरा 6.89 लाख वोटों का अंतर. ये इस लोकसभा चुनाव का सबसे बड़ा अंतर है. जीतने वाले नेता का नाम है सीआर पाटिल. पार्टी का नाम बीजेपी. सीट है गुजरात की नवसारी जहां से सीआर पाटिल दूसरी बार जीते हैं.

अगर बात इंडिया में लोकसभा इतिहास की सबसे बड़ी जीत की हो तो ये मार्जिन 6.96 लाख का है. 2014 में महाराष्ट्र की बीड़ सीट पर हुए उपचुनावों में प्रीतम मुंडे चुनाव जीती थी. गोपीनाथ मुंडे की आकस्मिक मौत के बाद इस सीट पर उपचुनाव हुए और उनकी छोटी बेटी प्रीतम ने रिकॉर्ड मार्जिन से चुनाव जीता था. 2019 के चुनावों में बीजेपी की तरफ से ही एक और बड़ी जीत दर्ज हुई है. ये हैं हरियाणा के करनाल से बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया. इन्होंने भी 6.56 लाख वोटों से जीत दर्ज की है. फरीदाबाद से भाजपा उम्मीदवार कृष्ण पाल गुर्जर ने भी 6.38 लाख वोटों से जीत दर्ज की है.

बात अगर सबसे कम मार्जिन से जीत की हो तो भी बीजेपी के ही उम्मीदवार को सबसे कम वोटों के अंतर से जीत मिली है. ये हैं बीजेपी के भोलानाथ जो उत्तर प्रदेश की मच्छलीशहर सीट सिर्फ और सिर्फ 181 वोटों से जीते हैं. भोलानाथ ने बहुजन समाज पार्टी के त्रिभुवन राम को हराया है. इस सीट पर हैरानी की बात ये है कि इस सीट पर 10830 लोगों ने नोटा (NOTA) दबाया है.

अगर लोकसभा चुनावों के इतिहास में सबसे कम मार्जिन की बात करें तो ये आंकड़ा और भी नीचे जाता है. आंध्र प्रदेश की अनाकापल्ली सीट पर कांग्रेस के कोनाथला रामकृष्ण ने सिर्फ 9 वोटों से जीत हासिल की थी. बात 1989 की है. वहीं एक और बार साल 1998 में बिहार की राजमहल सीट पर बीजेपी के सोम मरांडी को भी 9 वोटों से जीत मिली थी. 1996 में कांग्रेस के सत्यजीतसिंह गायकवाड़ को गुजरात की बडोदा सीट पर 17 मतों से जीत मिली थी.


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