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कौन हैं दीपक मित्तल, जिन्हें कतर में मौत की सजा पाए नेवी अधिकारियों को बचाने की जिम्मेदारी मिली है?

PMO में OSD के पद पर तैनात दीपक, PM मोदी के भरोसेमंद राजनयिक रहे हैं.

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31 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 31 अक्तूबर 2023, 12:27 AM IST)
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दीपक मित्तल इसके पहले तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने पाक अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान के हैंडशेक के लिए बढ़े हाथ के जवाब में नमस्ते किया था(फोटो सोर्स- )
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भारतीय नौसेना (Indian Navy) के 8 पूर्व अधिकारियों को क़तर में मौत की सज़ा (Qatar death sentence to ex indian officers) सुनाई गई है. उन पर ‘क़तर के डिफेंस प्रोजेक्ट्स से जुड़ी जानकारी इज़रायल को देने’ और उसके लिए ‘जासूसी’ करने के आरोप हैं. अब सबकी नजर भारत के अगले कदम पर है. भारत के पास मौजूद विकल्पों के आधार पर, इस मामले में आगे के प्रयासों की कमान PM मोदी के भरोसेमंद भारतीय राजनयिक दीपक मित्तल (IFS Deepak Mittal) को सौंपी गई है.

कौन हैं दीपक मित्तल?

दीपक मित्तल 1998 बैच के इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) ऑफिसर हैं. मौजूदा वक़्त में वो बतौर OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में तैनात हैं. दीपक ने क़तर में दो साल तक भारत के राजदूत के बतौर काम किया है. बीते साल अगस्त में जब इन 8 भारतीयों को क़तर में गिरफ्तार किया गया, तब वो राजधानी दोहा में ही थे. गिरफ्तारी के तुरंत बाद, उन्होंने क़तर छोड़ दिया था. दीपक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशील मामले निपटाने में माहिर माने जाते हैं. ये भी कहा जाता रहा है कि क़तर में आला अधिकारियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं इसलिए उन्हें ये जिम्मेदारी मिली है.

पाकिस्तानी अधिकारी से दूर से नमस्ते

साल 2019 में दीपक तब सुर्ख़ियों में आए थे जब हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (ICJ) में भारतीय नेवी के पूर्व ऑफिसर कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई चल रही थी. पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने कुलभूषण जाधव को जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी. 

भारत का कहना था कि उसका पक्ष जानने और जांचने तक जाधव की फांसी पर रोक लगाई जाए. याचिका पर सुनवाई होनी थी. दीपक मित्त्तल तब विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी थे. सुनवाई के पहले जब दोनों देशों के वकील और राजनयिक ICJ पहुंचे तो पाकिस्तानी अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान, दीपक की तरफ बढ़े. उन्होंने मित्तल की तरफ हाथ बढ़ाया. दीपक ने वो बढ़ा हुआ था इग्नोर किया. और सिर्फ नमस्ते से जवाबी अभिवादन की औपचारिकता पूरी की. साल 2017 में भी ICJ में जाधव के मामले पर सुनवाई के दौरान दीपक ने पाकिस्तानी काउंसलर, सैयद फ़राज़ हुसैन ज़ैदी से हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते किया था. पाकिस्तानी अधिकारियों के बढ़े हुए हाथ और मित्तल की नमस्ते करते हुए तस्वीरें, चर्चा में रही थीं.

मई 2017 में दीपक मित्तल और पाकिस्तानी काउंसलर, सैयद फ़राज़ हुसैन ज़ैदी (फोटो सोर्स- AP/PTI)

अप्रैल 2020 में दीपक मित्तल को क़तर में भारत का राजदूत बनाकर भेजा गया. अगले साल 2021 में क़तर में ही राजदूत के पद पर रहते हुए दीपक ने तालिबान के शीर्ष नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्तानेकज़ई के साथ बैठक की. अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद ये पहली बार था जब भारत ने तालिबान से औपचारिक राजनयिक बातचीत की थी. अब फिर क़तर से बात करने का जिम्मा दीपक मित्तल के पास है.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: कतर ने 8 भारतीयों को फांसी की सजा क्यों सुनाई?

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