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ऑस्ट्रेलिया का वो कप्तान, जिसकी वैल्यू सबसे पहले सौरव गांगुली ने पहचानी

साल 2010. ऑस्ट्रेलिया के अख़बार एक नए लेग स्पिनर की ख़बरों से भरे रहते थे. 20 साल का लेग स्पिनर, जिसे शेन वॉर्न काफी पसंद करते थे. फरवरी महीने की शुरुआत में अपने T20 डेब्यू में इस स्पिनर ने पाकिस्तान के खिलाफ दो विकेट निकाले थे. इसी महीने में इसे वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ वनडे डेब्यू करना था. इसके डेब्यू से एक दिन पहले ‘क्रिकइंफो’ पर एक आर्टिकल छपा. मुझे नहीं पता कि इस स्पिनर ने वो आर्टिकल पढ़ा था या नहीं. अगर पढ़ा था तो, इसकी हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी.

आर्टिकल में लिखा था कि कैसे शेन वॉर्न के बाद कोई लेग स्पिनर वनडे क्रिकेट में नहीं टिक पाया. फिर चाहे वो स्टुअर्ट मैक्गिल हों, कैमरन व्हाइट हों या फिर पाकिस्तान के दानिश कनेरिया. स्टीव स्मिथ नाम के इस स्पिनर ने ऐसे माहौल में डेब्यू किया. न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलने वाले स्मिथ तब तक 11 फर्स्ट क्लास गेम्स में दो सेंचुरी मार चुके थे. लेकिन उनकी पहचान अब भी एक लेग स्पिनर की ही थी. इस मैच में स्मिथ ने लगभग आठ की औसत से रन दिए और एक विकेट लिया. अपने पहले T20 मैच में भी उन्होंने आठ से ज्यादा की औसत से रन दिए थे.

# दादा ने पहचाना

लिमिटेड ओवर्स में औसत डेब्यू के बाद इसी साल जुलाई में स्मिथ ने अपना टेस्ट डेब्यू किया. लेकिन करियर कुछ खास नहीं चल रहा था. टेस्ट डेब्यू से पहले स्मिथ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी आए थे. उन्हें बैंगलोर रॉयल चैलेंजर्स ने खरीदा था. लेकिन डेब्यू का मौका नहीं मिला. साल 2011 में स्मिथ ने सिर्फ एक टेस्ट खेला. IPL में उन्हें कोच्चि टस्कर्स केरला ने खरीद, लेकिन टखने के ऑपरेशन के चलते वह खेल नहीं पाए.

स्मिथ के करियर का टर्निंग पॉइंट आया 2012 में. काफी विवादों के बाद पुणे वॉरियर्स इंडिया IPL में बने रहने पर राजी हुई. बीते सीजन आशीष नेहरा के रिप्लेसमेंट के तौर पर पुणे ने सौरव गांगुली को साइन किया था. उस सीजन के कप्तान युवराज सिंह के 2012 सीजन से बाहर रहने के चलते उन्होंने इस बार सौरव गांगुली को अपना कप्तान चुना. मज़ेदार बात यह रही कि IPL नीलामी का बहिष्कार करने के बाद भी पुणे ने इस साल कई बड़े इंटरनेशनल प्लेयर्स को खरीदा था. इनमें स्टीव स्मिथ और माइकल क्लार्क जैसे ऑस्ट्रेलियन भी शामिल थे. कहते हैं कि चैंपियंस लीग T20 के मैचों के दौरान न्यू साउथ वेल्स के लिए स्मिथ को देखने के बाद सौरव गांगुली ने खासतौर से उन्हें खरीदने की मांग की थी.

उस वक्त तक स्मिथ ऑस्ट्रेलियन टीम में रेगुलर नहीं हो पाए थे. लेकिन दादा को उन पर पूरा भरोसा था. स्मिथ दादा के भरोसे पर खरे भी उतरे. लेकिन असली कमाल तो हुआ 5 मई 2012 को. IPL2012 का 47वां मैच. पुणे वॉरियर्स के खिलाफ कोलकाता ने टॉस जीता और पहले बैटिंग का फैसला किया. कोलकाता ने पहले 10 ओवर्स में बिना विकेट खोए 98 रन बना डाले. मैकलम और गंभीर की जोड़ी टूटी 13वें ओवर की तीसरी बॉल पर. गंभीर हाफ सेंचुरी पूरी कर वापस लौट गए. अगले ही ओवर में ब्रेंडन मैकलम भी आउट हो गए. पंद्रहवां ओवर लेकर आए मुरली कार्तिक.

# जब उड़े स्मिथ

पहली तीन गेंदों पर सिर्फ दो रन आए. ओवर की चौथी बॉल को यूसुफ पठान ने वाइड लॉन्ग-ऑन की ओर उड़ा दिया. यह शॉट किसी भी दिन बाउंड्री के बाहर ही जाना था. और यह गया भी. लेकिन बाउंड्री के बाहर गिर नहीं पाया. लॉन्ग-ऑन पर फील्डिंग कर रहे स्मिथ अपनी दाहिनी तरफ दौड़े और हवा में तैर गए. जमीन से कई फुट ऊपर स्मिथ ने बॉल को लपक भी लिया.

लेकिन उनका शरीर जमीन से कई फुट ऊपर तैर रहा था. ऐसे में उन्होंने बॉल हाथ में रखने की जगह बाउंड्री के अंदर फेंक दी. चार रन बचा लिए. किसी भी भारतीय क्रिकेट फैन से पूछिए, पहली बार स्मिथ को इसी कारनामे के बाद नोटिस किया गया था. यह असाधारण सी बात थी. इस घटना के बाद कई बार ऐसे कारनामे हो चुके हैं, लेकिन 22 साल के स्मिथ ने जो किया था, वह आज भी दिमाग पर छपा पड़ा है.

इसी IPL के दौरान दादा ने जब एक मैच से खुद को बाहर किया, तो उन्होंने अपनी जगह स्मिथ को कप्तान बनाया. ध्यान दीजिएगा, इसी टीम में माइकल क्लार्क भी थे. क्लार्क उस वक्त पुणे के वाइस-कैप्टन थे, लेकिन दादा ने अपनी जगह स्मिथ को थी. क्योंकि दादा की तमाम विशेषताओं में सबसे बड़ी विशेषता थी, टैलेंट पहचानना और फिर उसे मौके देना.

स्मिथ की कप्तानी का एक और क़िस्सा मशहूर है. साल 2011-12 यानी बिग बैश लीग के पहले सीजन में वह सिडनी सिक्सर्स की कप्तानी कर रहे थे. एक मैच के दौरान सीनियर लेग स्पिनर स्टुअर्ट मैक्गिल ने अपनी फील्डिंग पोजिशन से नाखुशी जाहिर की. जवाब में स्मिथ ने कहा,

‘देखो दोस्त, मैं कैप्टन हूं. मैं जो कहूंगा, तुम्हें करना पड़ेगा. अभी यहां से निकलो और जाकर वहीं खड़े हो जाओ.’

# जब बनाई पहचान

इस IPL में स्मिथ ने 362 रन मारे. अगले साल ऑस्ट्रेलिया की टीम इंडिया टूर पर आई. टीम ने सीरीज के पहले दो टेस्ट गंवा दिए. स्मिथ को तीसरे टेस्ट में मौका मिला. कहा जाता है कि मैथ्यू वेड, शेन वॉटसन, ग्लेन मैक्सवेल और जेम्स पैटिंसन ने तीसरे टेस्ट से पहले होमवर्क नहीं किया. इसके चलते इन चारो को चौथे टेस्ट से बाहर कर दिया गया. इनकी जगह जो चार प्लेयर्स आए, उनमें स्मिथ भी शामिल थे. स्मिथ ने इस टेस्ट की पहली पारी में 92 रन मारे. लेकिन उनकी इस पारी से ज्यादा चर्चित हुई मिशेल स्टार्क की 99 रन की पारी. दूसरी पारी में स्मिथ सिर्फ पांच रन बना पाए और अगले टेस्ट में भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 4-0 से गंवा दी.

इसके बाद इंग्लैंड टूर पर स्मिथ ने ऑस्ट्रेलिया A के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया. सीनियर टीम में जगह बनाई और फिर लगातार दो एशेज सीरीज खेलीं. स्मिथ ने अपने करियर की पहली एशेज सीरीज में 345 रन मारे.

साल 2014 में जब फिलिप ह्यूज की मौत हुई, तो स्मिथ काफी परेशान हो गए थे. अपने करीबी दोस्त को यूं खोने के बाद उनका क्रिकेट के मैदान पर लौटने का मन नहीं था. ऐसे में उनकी प्रेमिका दानी विलिस ने उन्हें मैदान पर वापसी कराई. उन्होंने खुद बॉलिंग मशीन संभालकर स्मिथ को बैटिंग करने को कहा. इसके बाद से वह कई बार बैटिंग प्रैक्टिस के दौरान स्मिथ के लिए बॉलिंग मशीन चला चुकी हैं. वकालत कर चुकीं दानी ने बाद में स्मिथ से शादी की.

साल 2014-15 में स्मिथ ने भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 769 रन मारे. साल 2015 में माइकल क्लार्क के रिटायर होने के बाद स्मिथ को ऑस्ट्रेलिया का कप्तान चुना गया. स्मिथ ने तीन साल तक ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की. साल 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुई सीरीज के दौरान बॉल टेम्परिंग का मामला सामने आया. इसके बाद स्मिथ सालभर के लिए बैन हुए. उन्होंने इस बैन से वापसी का जश्न 2019 की एशेज में 774 रन मारकर बनाया. इसी साल हुए वर्ल्ड कप में भी स्मिथ ने अच्छा खेल दिखाया था. उन्होंने टूर्नामेंट में 37.90 की औसत से 379 रन बनाए थे.

एक लेग स्पिनर के तौर पर ऑस्ट्रेलिया की टीम में शामिल होने वाले स्मिथ आज टेस्ट में नंबर एक बल्लेबाज हैं. टेस्ट में उनके 62.84 के ऐवरेज को देखते हुए अक्सर उनकी तुलना डॉन ब्रेडमैन से की जाती है. 2 जून, 1989 को पैदा हुए स्मिथ आज 31 साल के हो गए.


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