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जब श्रीनाथ-कुंबले के बल्लों ने दशहरे की रात को ही दीपावली मनवा दी थी

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22 साल पहले 1996 में भारत में तीन देशों (भारत, दक्षिण अफ्रीका एवं आस्ट्रेलिया) के बीच टाइटन कप के नाम से एक ट्रायंगुलर टूर्नामेंट खेला जा रहा था. इस टूर्नामेंट का एक लीग मैच जवागल श्रीनाथ द्वारा बल्ले से दिखाए गए पराक्रम की वजह से खासा चर्चित हुआ था. अब उस रोमांचक मैच की कहानी.

दशहरा का दिन. तारीख थी 21 अक्तूबर. बैंगलोर का चिन्नास्वामी स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था. टाइटन कप के एक लीग मैच में सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में टीम इंडिया और मार्क टेलर की कप्तानी में आस्ट्रेलियाई टीम डे-नाइट मुकाबले में आमने-सामने थी. मार्क टेलर ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद की जोड़ी ने बेहतरीन शुरूआत की. प्रसाद ने जल्दी ही मार्क वा को आउट कर कंगारुओं को पहला झटका दिया. उसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे. कप्तान और खब्बु ओपनर मार्क टेलर एक छोर पर जमे रहे एवं पुरी आस्ट्रेलियाई पारी में वे 40 पार करने वाले इकलौते बल्लेबाज रहे एवं अपने वनडे करियर का इकलौता शतक (105 रन) बनाया. टेलर के अलावा सिर्फ माइकल बेवन ने 36 रनों का योगदान दिया. कंगारू टीम निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट पर 215 रन हीं बना सकी.

भारतीय पारी की शुरूआत सुजीत सोमसुन्दर एवं कप्तान सचिन तेंदुलकर ने की. लेकिन सुजीत केवल 7 रन बनाकर चलते बने. इसके बाद एक छोर पर कप्तान तेंदुलकर जमे रहे जबकि दूसरे छोर पर आयाराम-गयाराम का सिलसिला चलता रहा. बीच में अजय जडेजा ने तेंदुलकर के साथ साझेदारी जमाने की कोशिश की लेकिन ‘रनिंग बिटवीन द विकेट’ में तेंदुलकर के साथ थोड़ी गलतफहमी हो गई और विकेटों के बीच तेज दौड़ के लिए विख्यात जडेजा भी 27 रन बनाकर रन आउट हो गए. इसके बाद भारत की उम्मीद तब पूरी तरह खत्म मान ली गई जब तेंदुलकर (88 रन) के रूप में भारत का आठवां विकेट 164 रन पर गिर गया.

Match image
जवागल श्रीनाथ और अनिल कुंबले की जोड़ी ने 52 रन जोड़ लिए.

दर्शकों ने मान लिया कि भारत अब मैच हार चुका है और अब सिर्फ़ औपचारिकता ही शेष है क्योंकि लक्ष्य अभी भी 52 रन दूर था. ऐसे मौके पर जवागल श्रीनाथ ने अनिल कुम्बले के साथ मोर्चा संभाला. दोनों ने संभल कर खेलते हुए स्कोर बोर्ड को फिर से चलाना शुरू किया तब लोगों को एक महीन आशा की किरण दिखाई देने लगी. इस बीच स्कोर बोर्ड पर टारगेट दिखने लगा – 31 बॉल पर 36 रन. यहीं जवागल श्रीनाथ ने बिल्कुल स्ट्रेट छक्का मारकर रन और बॉल बराबर कर दिए. इसके बाद कंगारुओं के हौसले पस्त हो गए एवं भारत ने 216 रन का लक्ष्य 49वें ओवर में ही प्राप्त कर लिया. जवागल श्रीनाथ 23 बॉल में 30 रन एवं अनिल कुम्बले 19 बॉल में 16 रन बनाकर नाबाद रहे. इस मैच में जब स्थानीय खिलाड़ी श्रीनाथ-कुम्बले की जोड़ी बल्लेबाजी कर रही थी तब टीवी कैमरा बार-बार दर्शक दीर्घा में एक साथ बैठी दोनों खिलाडियों की मांओं को दिखा रहा था जो भारतीय खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए स्टेडियम में मौजूद थीं.

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ये किस्सा दी लल्लनटॉप के लिए अभिषेक ने लिखा है.

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When Javagal Srinath and Anil Kumble pair took India to a victory over Australia on dussehra festival

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