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जब वाजपेयी के साथ बैठे मुशर्रफ खाना खा नहीं, बस देख रहे थे

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साल था 2001. अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री थे. उस वक्त उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के लिए दिल्ली के ताज होटल में लंच का आयोजन किया था. वाजपेयी के साथ विदेशी दौरों पर साथ रहने वाले हेमंत ओबेराय खान-पान की व्यवस्था कर रहे थे. लंच तैयार था. वाजपेयी और मुशर्ऱफ खाने की मेज पर बैठे थे. खाना लगा हुआ था, लेकिन मुशर्रफ ने खाना शुरू नहीं किया. वो सिर्फ खाने को देख रहे थे. वाजपेयी ने हेमंत को बुलाया और पूछा कि मुशर्रफ खाना क्यों नहीं खा रहे हैं. पता चला कि मुशर्रफ इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हो पा रहे थे कि उनके सामने जो मीट परोसा गया है, वो झटका है या फिर हलाल. जब ओबेराय ने मुशर्रफ को भरोसा दिलाया कि परोसा गया मीट झटका नहीं, बल्कि हलाल है, तब मुशर्रफ ने खाना खाया था.

अटल बिहारी वाजपेयी खाना बनाने के भी बेहद शौकीन थे.
अटल बिहारी वाजपेयी खाना बनाने के भी बेहद शौकीन थे.

इस बात को याद करते हुए हेमंत ओबेराय ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया है कि अटल बिहारी वाजपेयी खाने को लेकर कितने शौकीन थे. जब वो जापान जाते थे, तो वहां पर वो जापान का लोकल ससिमी खाते थे. अमृतसरी स्टाइल में बनी मछली और केरल की प्रॉन करी उन्हें पसंद थी. जब वो लखनऊ जाते थे, तो वो पूड़ी-भाजी खाना पसंद करते थे. ओबेराय याद करते हैं कि एक बार तो टोकियो में वाजपेयी ने पूड़ी-भाजी मांग ली थी, लेकिन उस वक्त आटा मौजूद नहीं था. बाद में आटे की व्यवस्था की गई थी. वाजपेयी जब बिहार में जाते थे, तो वहां लिट्टी-चोखा ज़रूर खाते थे. बिहार के बक्सर की पापड़ी भी उन्हें बेहद पसंद थी. इसके अलावा वाजपेयी जब ग्वालियर जाते थे, तो बहादुरा के बूंदी के लड्डू खाना नहीं भूलते थे. दिल्ली में रहते थे, तो मंडी हाउस में बने बंगाली स्वीट हाउस के आटे का लड्डू खाते थे. इस लड्डू को खास तौर पर तैयार किया जाता था, जिसमें काली मिर्च और तिल मिला होता था. मिठाई में उन्हें गुलाब जामुन भी उन्हें बेहद पसंद था और खाने में उन्हें खिचड़ी, मक्के की रोटी और सरसों का साग ज्यादा पसंद था.  अटल के खाने-पीने को लेकर इतने किस्से हैं कि उसपर एक पूरी किताब तैयार की जा सकती है.


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