Submit your post

Follow Us

जब अटल ने पेट पूजा के लिए टूटी चप्पल दिखाके 5 रुपये मांगे

997
शेयर्स

अटल कानपुर में लॉ की पढ़ाई छोड़कर आ गए थे लखनऊ. यहां वो बन गए पत्रकार. 15 अगस्त 1947 को लखनऊ से राष्ट्रधर्म नाम की मासिक पत्रिका शुरू हुई थी. अटल उसमें सहायक संपादक बन गए. अटल बड़ी मेहनत से यहां काम करने लगे. राष्ट्रधर्म के प्रबंधक पवनपुत्र बादल ने दैनिक जागरण को बताया कि कि 31 अगस्त 1947 को राष्ट्रधर्म पत्रिका का पहला अंक प्रकाशित हुआ. पहले अंक की 3500 कॉपियां बिकीं जो उस समय रेकॉर्ड थीं.

विपक्ष के लाए अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए वाजपेयी ने सोनिया गांधी पर सवाल दागा. कहा, ऐसा लगता है कि आप डिक्शनरी सामने खोलकर लिख रही थीं.
अटल बिहारी वाजपेयी ने लखनऊ में पत्रकारिता की शुरुआत की और वहीं से बाद में लंबे समय तक सांसद रहे.

इसी दौर का एक किस्सा सुनाते हुए पवनपुत्र बताते हैं कि अटलजी ने एक दिन तत्कालीन कार्यालय प्रमुख जगदंबा प्रसाद से पांच रुपये मांगे. उन्होंने तल्ख नजरों से देखा और पूछा- ‘क्या करोगे पांच रुपये का?’ अटल जी ने उन्हें अपनी टूटी चप्पल दिखा दी. बस फिर क्या था, रुपये मिल गए. अटल रुपये लेकर वचनेश त्रिपाठी संग चप्पल खरीदने के बजाए चले गए पेट पूजा करने. वहां दबा के भुट्टा खाए गए और लस्सी पी गई. जब खाने-पीने का कार्यक्रम पूरा हुआ तो वचनेश ने पूछा- चप्पल का क्या होगा? तो अटल ने जवाब दिया, इतने दिनों से काम चला रहे हैं, दो-तीन महीने और चला लेंगे.


ये भी पढ़ें –

जब प्रणब मुखर्जी से बोले अटल, आज हमारे रक्षा मंत्री को बख्श दो

कानपुर के डीएवी कॉलेज में क्यों बच्चा-बच्चा अटल और उनके पिता का नाम जप रहा था?

नेहरू ने कभी नहीं कहा कि अटल प्रधानमंत्री बनेंगे

जब चुनाव हारने के बाद अटल जी ने आडवाणी से कहा, ‘चलो फिल्म देखते हैं’

सोनिया ने ऐसा क्या लिखा कि अटल ने कहा- डिक्शनरी से देखकर लिखा है क्या?

जब अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि मेरा किसलय मुझे लौटा दो

लल्लनटॉप वीडियो देखें –

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्रिकेट के किस्से

जब तेज बुखार के बावजूद गावस्कर ने पहला वनडे शतक जड़ा और वो आखिरी साबित हुआ

मानों 107 वनडे मैचों से सुनील गावस्कर इसी एक दिन का इंतजार कर रहे थे.

चेहरे पर गेंद लगी, छह टांके लगे, लौटकर उसी बॉलर को पहली बॉल पर छक्का मार दिया

इन्होंने 1983 वर्ल्ड कप फाइनल और सेमी-फाइनल दोनों ही मैचों में 'मैन ऑफ द मैच' का अवॉर्ड जीता था.

पाकिस्तान आराम से जीत रहा था, फिर गांगुली ने गेंद थामी और गदर मचा दिया

बल्ले से बिल्कुल फेल रहे दादा, फिर भी मैन ऑफ दी मैच.

जब वाजपेयी ने क्रिकेट टीम से हंसते हुए कहा- फिर तो हम पाकिस्तान में भी चुनाव जीत जाएंगे

2004 में इंडियन टीम 19 साल बाद पाकिस्तान के दौरे पर गई थी.

शिवनारायण चंद्रपॉल की आंखों के नीचे ये काली पट्टी क्यों होती थी?

आज जन्मदिन है इस खब्बू बल्लेबाज का.

ऐशेज़: क्रिकेट के इतिहास की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी दुश्मनी की कहानी

और 5 किस्से जो इस सीरीज़ को और मज़ेदार बनाते हैं

जब शराब के नशे में हर्शेल गिब्स ने ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दी

उस मैच में 8 घंटे के भीतर दुनिया के दो सबसे बड़े स्कोर बने. किस्सा 13 साल पुराना.

वो इंडियन क्रिकेटर जो इंग्लैंड में जीतने के बाद कप्तान की सारी शराब पी गया

देश के लिए खेलने वाला आख़िरी पारसी क्रिकेटर.

जब श्रीनाथ-कुंबले के बल्लों ने दशहरे की रात को ही दीपावली मनवा दी थी

इंडिया 164/8 थी, 52 रन जीत के लिए चाहिए थे और फिर दोनों ने कमाल कर दिया.

श्रीसंत ने बताया वो किस्सा जब पूरी दुनिया के साथ छोड़ देने के बाद सचिन ने उनकी मदद की थी

सचिन और वर्ल्ड कप से जुड़ा ये किस्सा सुनाने के बाद फूट-फूटकर रोए श्रीसंत.