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जब अनुष्का शर्मा को पहली बार एक्टिंग करते देख शाहरुख ने हंसते हुए 10 मिनट का ब्रेक ले लिया था

2007 में शाहरुख खान की फिल्म ‘ओम शांति ओम’ रिलीज़ हुई थी. फराह खान के डायरेक्शन में बनी रेगुलर बॉलीवुड मसाला फिल्म. दीपिका पादुकोण के करियर की पहली फिल्म. इसके बाद शाहरुख अपनी अगली फिल्मों में लगे हुए थे. जिसमें कई गेस्ट अपीयरेंस और ‘रा-वन’ और ‘माय नेम इज़ खान’ जैसी फुल फ्लेज़्ड फिल्में शामिल थीं. अचानक एक दिन शाम को शाहरुख को आदित्य चोपड़ा का फोन आता है. 2000 में आई ‘मोहब्बतें’ के बाद शाहरुख और आदित्य ने साथ में काम नहीं किया था. आदित्य चोपड़ा लगातार (यशराज फिल्म्स के तले) फिल्में प्रोड्यूस कर रहे थे लेकिन डायरेक्शन से ब्रेक लिया हुआ था. शाहरुख उनसे जब भी मिलते, बोलते आदि पिक्चर बना. आदित्य बोलते बना तो रहा हूं. यानी प्रोड्यूस तो कर रहा हूं. उस दिन फोन पर आदित्य चोपड़ा ने शाहरुख से कहा कि वो लंदन में हैं और एक फिल्म लिख रहे हैं. इस बार सिर्फ प्रोड्यूस ही नहीं डायरेक्ट भी खुद ही करेंगे. और वो चाहते हैं कि इस फिल्म में शाहरुख काम करें. शाहरुख ने कहा ठीक है. उन्होंने आदित्य चोपड़ा के साथ काम किया हुआ है, इसलिए जानते हैं कि वो अपनी फिल्में बिलकुल धीमी आंच पर पकाते हैं. मतलब बनाने में समय लेते हैं. अभी तो सिर्फ कहानी लिखी है.

तीन दिन बाद आदित्य लंदन से आए और शाहरुख को अपनी फिल्म की कहानी सुनाई. शाहरुख ने कहा कूल, कर लेंगे. लेकिन आदित्य वो फिल्म दो महीने के अंदर शुरू करना चाहते थे. अगर आपको ये समय ज़्यादा लग रहा है, तो ये समझ लीजिए कि शाहरुख-सलमान जैसे स्टार्स के पास अगले 2-3 साल तक की डेट्स नहीं होतीं (अगर शाहरुख का अभी वाला टाइम छोड़ दें तो). उनकी तीन-चार फिल्मों पर लगातार काम चल रहा होता है. एक की शूटिंग निपटाते ही वो दूसरी में लग जाते हैं. ऐसे में 2 महीने के भीतर नया प्रोजेक्ट शुरू करना काफी मुश्किल था. लेकिन ये कोई रेगुलर यशराज फिल्म नहीं थी. 2007-08 वाली दौर के लिहाज़ से काफी एक्सपेरिमेंटल थी. शाहरुख आगे जो भी पिक्चर करने जा रहे थे, उनका मिजाज़ भी हटके ही था. शाहरुख खुद ही कुछ अलग करना चाहते थे और सामने से आदित्य चोपड़ा ने उस टाइप की एक फिल्म ऑफर कर दी. पर्सनल संबंधों और पास्ट कोलैबरेशन रिकॉर्ड को देखते हुए फिल्म शुरू हो गई. फिल्म का नाम ‘रब ने बना दी जोड़ी’.

Rab Ne Bana Di Jodi Desktop

‘रब ने बना दी जोड़ी’ 12 दिसंबर, 2008 को रिलीज़ हुई थी. ये शाहरुख की उन शुरुआती फिल्मों में से एक थी (जी, हमने ‘माया मेम साब’ और ‘कभी हां कभी ना’ जैसी फिल्मों पर बहस कर लिया है), जिससे लोगों को पता चला कि शाहरुख भी मेनस्ट्रीम से निकल कॉन्टेंट की ओर बढ़ रहे हैं. इस फिल्म में उन्होंने डबल रोल (नॉट एक्जै़क्ट्ली) किया था. ये कहानी थी अमृतसर में रहने वाले सुरिंदर साहनी की. सुरिंदर साहनी ठीक वैसे ही था, जैसे सड़क से गुज़रता अधेड़ उम्र का कोई भी आम आदमी. इसमें अमोल पालेकर वाला आम आदमीपन था. बाकियों की तरह इसके पास भी प्रेम कहानी कहानी थी, जिसे आदित्य चोपड़ा ने सुनाने के लिए चुना था. इस आदमी से जुड़ी हर चीज़ का आम होना, इस फिल्म की सबसे खास बात थी. दूसरी तरफ था सुरिंदर का ऑल्टर इगो राज कपूर. बड़बोला, अतरंगी और फुल ऑफ लाइफ. तकरीबन ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ वाले राज जैसा. ‘रब ने बना दी जोड़ी’ में ये दोनों ही किरदार शाहरुख ने निभाए थे. फिल्म और रियल लाइफ दोनों ही साइड पर शाहरुख का कंपटीशन राज से था. क्योंकि जिस राज के लिए बाबूजी ने सिमरन का हाथ छोड़ा था, अब उसी राज को हराकर सुरिंदर को जीतना था. मतलब राज का रेज खत्म हो चुका था. और सुरिंदर मन ही मन में ‘अपना टाइम आएगा’ गुनगुना रहा था.

फिल्म के एक सीन में शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा.
फिल्म के एक सीन में शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा. दोनों ने पति-पत्नी का रोल किया था.

ढीले कपड़े, स्पोर्ट्स शू, बढ़ी हुई मूंछें, चिपके हुए बाल और गोल चश्माधारी शाहरुख खान. इतना सबकुछ होने के बावजूद शाहरुख का किरदार बहुत ऑथेंटिक नहीं लग पा रहा था. फिल्म में एक ऐसी लड़की चाहिए, जो इतनी सिंपल हो कि देखने वाले को सुरिंदर साहनी की कहानी पर यकीन आ जाए. दूसरी तरफ एक लड़की बैंगलोर में मॉडलिंग करती थी. उसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मुंबई आई थी. डेढ़ साल पहले. नाम अनुष्का शर्मा. लेकिन अनुष्का को मुंबई में मॉडलिंग के साथ-साथ एक्टिंग प्रोजेक्ट भी ऑफर होने लगे. ऐसे ही इनकी एक तस्वीर यशराज फिल्म्स के ऑफिस पहुंची और इन्हें शॉर्टलिस्ट कर लिया गया. ऑडिशन के लिए कॉल आया. पहली बार में ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का वो सीन करने को कहा गया, जब सिमरन बाबूजी से हॉलीडे पर यूरोप जाने की परमिशन मांगती है. लेकिन इसमें काजोल की नकल नहीं करनी थी. अपनी समझ के हिसाब से करना था. तब तक अनुष्का को नहीं पता था कि इस फिल्म को आदित्य चोपड़ा डायरेक्ट करने वाले हैं. और वो शाहरुख खान के अपोज़िट कास्ट की जाने वाली हैं. अनुष्का के फिल्मों में आने से पहले का एक एक्टिंग वर्कशॉप वीडियो देख लीजिए:

अनुष्का शर्मा को शाहरुख खान के साथ फिल्म मिलने की खबर उन्हें अखबार से मिली. हालांकि यशराज फिल्म्स अनुष्का को लेकर श्योर नहीं थी. वो और लड़कियों का ऑडिशन वगैरह रहे थे. लेकिन फिर अनुष्का को दूसरी बार ऑडिशन के लिए बुलाया गया. ये वाला ऑडिशन खुद आदित्य चोपड़ा लेने वाले हैं ये भी अनुष्का को नहीं पता था. वो पहुंची ओर उन्हें देखकर नर्वस हो गईं. इस बार उन्हें नई लाइनें बोलनी थीं, जो उनकी (होने वाली) फिल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ की थीं. और इतने सब के बाद उन्हें फिल्म के लिए साइन कर लिया गया.

शाहरुख खान के साथ अपना करियर शुरू करने वाली डेब्यूतांत अनुष्का शर्मा.
शाहरुख खान के साथ अपना करियर शुरू करने वाली डेब्यूतांत अनुष्का शर्मा.

फिल्म की शूटिंग शुरू हुई. पहला टॉकी सीन यानी वो सीन जिसमें अनुष्का और शाहरुख बात करते दिखाई देते हैं, शूट होना था. शूट शुरू हुआ और अनुष्का का बोलने वाला हिस्सा खत्म होते ही शाहरुख हंसने लगे. उन्होंने आदित्य चोपड़ा से कहा कि वो इस सीन की तैयारी के लिए 10 मिनट का ब्रेक लेंगे. वो एक्चुअली अनुष्का के लिए प्रोत्साहन था कि उन्होंने ये सीन इतना अच्छा किया कि शाहरुख खान को 10 मिनट का ब्रेक लेना पड़ा. एक और इंट्रेस्टिंग किस्सा अनुष्का अपने इंटरव्यू में बताती हैं. फिल्म में एक सीन लंबा सीन था, जिसे एक कट में स्टार्ट टू फिनिश करना था. इस सीन के शूट होने के बाद सेट पर मौजूद पूरी क्रू ने अनुष्का के लिए खड़े होकर तालियां बजाईं. ऐसी चीज़ें आमतौर पर स्टार्स के लिए होती हैं. लेकिन यहां वो अनुष्का को एनकरेज करने की मकसद से किया गया था. आदित्य चोपड़ा अपने एक्टर्स को लगातार पुश करते रहते हैं. इन दो मौकों को अनुष्का अपनी पहली फिल्म की सबसे यादगार बातें मानती हैं.

राज कपूर और उसकी तानी पार्टनर की दोस्ती एक डांस कंपटीशन की वजह से बढ़ती है.
राज कपूर और उसकी तानी पार्टनर की दोस्ती एक डांस कंपटीशन की वजह से बढ़ती है.

‘रब ने बना दी जोड़ी’ म्यूज़कली भी काफी हिट रही थी. फिल्म का म्यूज़िक सलीम-सुलेमान की जोड़ी ने की थी. वही म्यूज़िकल जोड़ी, जिसने अभी-अभी आदित्य चोपड़ा पर उनकी रॉयल्टी मारने का आरोप लगाया है. खैर, फिल्म के सारे गाने म्यूज़िक डायरेक्टरों ने तय किया. सिचुएशन के हिसाब से. लेकिन डायरेक्टर आदित्य एक गाने को फिल्म में रखने पर अड़े हुए थे. उनका मानना था कि एक गाना खास तौर पर सुरिंदर साहनी  की स्लो पेस पर चल रही लव स्टोरी के लिए होना चाहिए. वो खुद ही ‘हौले हौले हो जाएगा प्यार’ गुनगुना लगे. बाद में इसी हुकलाइन पर जयदीप साहनी ने गाना लिखा और सलीम-सुलेमान ने अपनी धुनों से इसे सजाया. अब उस गाने को शूट करना था. आदित्य चाहते थे कि इस गाने को तीन से पांच शॉट में कंप्लीट किया जाए. इसकी ज़िम्मेदारी थी कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट के सिर पर. उनकी टीम ने हां तो बोल दिया लेकिन ये गाना शूट करने में उनके माथे से खूब पसीना बहा. क्योंकि फिल्म मुंबई में ही शूट हो रही थी और महीना मई-जून (2008) का था. लेकिन जैसे-तैसे उन्होंने वो गाना शूट कर ही दिया. इतनी मेहनत से जो गाना बना वो आप नीचे देखिए:

‘रब ने बना दी जोड़ी’ की रिलीज़ डेट काफी ऑकवर्ड थी. ये मुंबई में 26\11 अटैक के 10-11 दिन के बाद थिएटर्स में लगने वाली थी. तय हुआ कि इस फिल्म को पाकिस्तान में रिलीज़ नहीं किया जाएगा. एक इंट्रेस्टिंग बात ये कि शाहरुख की ‘रब ने बना दी जोड़ी’ और आमिर की ‘ग़जनी’ साथ-साथ शूट हो रही थीं. ‘ग़जनी’ की शूटिंग काफी पहले शुरू हुई थी लेकिन वो आराम से शूट हो रही थी. इसे छोटे-छोटे कट्स में शूट किया जा रहा था. नॉर्मल बातचीत वाले सीन भी तीन एंगल से शूट हो रहे थे. वहीं ‘रब ने बना दी जोड़ी’ में लंबे शॉट्स की संख्या ज़्यादा थी. इसीलिए शाहरुख की फिल्म के फाइनल कट में 120 शॉट हैं और आमिर वाली फिल्म की शॉट संख्या 400-500 के बीच में थी. जो कि एक आम फिल्म से काफी ज़्यादा है. साल की दो मोस्ट अवेटेड फिल्मों को एक ही आदमी शूट कर रहा था. सिनेमैटोग्राफर रवि. के. चंद्रन.

सूरी की 'तुझमें रब दिखता है' वाली होली.
सूरी की ‘तुझमें रब दिखता है’ वाली होली.

‘रब ने बना दी जोड़ी’ को जनता ने रिलीज़ के समय भी पसंद किया था और टीवी पर आ जाए तो आज भी चाव से देखी जाती है. हां, इसे क्लासिक्स में काउंट नहीं किया जाता. ये शाहरुख खान की एक्सपेरिमेंट वाली दुकान से निकला प्रोडक्ट था. शाहरुख ने बीच में ‘चेन्नई एक्स्प्रेस’ पकड़कर थोड़ी ‘रईसी’ दिखाई लेकिन जब प्रयोगधर्मी ‘हैरी से सेजल मिली’ और हासिल हुआ ‘ज़ीरो’, तब से शाहरुख का दिल टूट गया. और उनके करियर वाली गाड़ी बेपटरी हो गई.


वीडियो देखें: सलमान खान अपनी इस सुपरहिट फिल्म पर खुश होते होंगे या अफ़सोस करते होंगे

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