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शाहरुख के करियर की वो कल्ट फिल्म, जो उन्हें जमीन पर बैठकर साइन करनी पड़ी थी

अपने पहले टीवी सीरियल ‘फौजी’ के बाद शाहरुख ‘उम्मीद’ नाम के एक टीवी शो में नज़र आए. विकास देसाई डायरेक्टेड उस शो में शाहरुख ने दो एपिसोड्स किए थे. उसके प्रोड्यूसर थे ‘जाने भी दो यारों’ फेम कुंदन शाह. ये शाहरुख और कुंदन की पहली मुलाकात थी. इसके बाद शाहरुख ने कुंदन और अजीज़ मिर्ज़ा के डायरेक्शन में बनने वाले टीवी शो ‘सर्कस’ में काम किया. तब तक कुंदन और शाहरुख के बीच बड़ी फॉर्मल सी बातचीत थी. मगर जब कुंदन ने 1984 दंगों पर बेस्ड टीवी शो ‘दूसरा केवल’ में शाहरुख का काम देखा, तो वो बहुत इंप्रेस हो गए. उन्हें लगा कि ये लड़का अपने चेहरे से काफी कुछ एक्सप्रेस कर सकता है.

‘दूसरा केवल’ देखने के बाद कुंदन शाह ने शाहरुख को मिलने बुलाया. तब तक शाहरुख टीवी से निकल फिल्मों की ओर कदम बढ़ा रहे थे. उन्होंने अजीज़ मिर्ज़ा की ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ साइन कर ली थी. जब वो कुंदन से मिलने पहुंचे, तो पता चला कि कुंदन एक स्क्रिप्ट लिख रहे हैं. शाहरुख ने कहा कि वो उस स्क्रिप्ट को पढ़ना चाहते हैं. कुंदन ने कहा कि स्क्रिप्ट में अभी कुछ काम बाकी है, जब पूरा हो जाएगा तब वो उसे पढ़ सकते हैं. मगर शाहरुख नहीं माने. कुंदन एक शर्त पर वो स्क्रिप्ट शाहरुख को देने को तैयार हुए. वो ये कि अगली सुबह उन्हें वो स्क्रिप्ट वापस करनी होगी. शाहरुख मान गए. ये फिल्म ‘कभी हां कभी ना’ की स्क्रिप्ट थी. शाहरुख उस फिल्म में काम करना चाहते थे. इससे जुड़ी सारी बातचीत हो गई. अगले कुछ दिनों में फिल्म की शूटिंग शुरू होनी थी.

मगर ‘कभी हां कभी ना’ की शूटिंग शुरू करने से पहले शाहरुख ने हेमा मालिनी की ‘दिल आशना है’ और राकेश रौशन की ‘करण अर्जुन’ समेत 5-6 फिल्में साइन कर लीं. ये देख ‘कभी हां कभी ना’ के प्रोड्यूसर की हालत बिगड़ने लगी. उन्हें लगने लगा कि पता नहीं अब शाहरुख उनकी फिल्म करेंगे भी या नहीं. क्योंकि कुंदन और शाहरुख के बीच ‘कभी हां कभी ना’ से जुड़ी सिर्फ बातचीत हुई थी. कागज़ पर कुछ नहीं था. जुहू के चर्चित सेंटॉर होटल में शाहरुख की फिल्म ‘दीवाना’ का मुहूर्त हो रहा था. कुंदन वहां पहुंच गए. मगर शाहरुख जिस कमरे में बैठे थे, वहां काफी भीड़-भाड़ थी. जब ‘दीवाना’ के लिए अपना पहला शॉट देने के लिए शाहरुख कमरे से बाहर निकले, तो उनकी मुलाकात कुंदन से हुई. कुंदन ने उन्हें बताया कि उनका प्रोड्यूसर परेशान हो रहा है. उन्होंने शाहरुख से पूछा कि क्या ‘कभी हां कभी ना’ में काम करने के लिए वो कंसेंट लेटर पर साइन कर सकते हैं? शाहरुख ने आसपास देखा, कुछ नज़र नहीं आया. उन्होंने कुंदन से वो लेटर लिया और ज़मीन पर बैठ गए. अपनी गोद में रखकर उन्होंने वो लेटर साइन किया. इसके बदले कुंदन ने उन्हें पांच हज़ार रुपए अडवांस दिए. इंट्रेस्टिंग बात ये कि इस फिल्म में काम करने के लिए शाहरुख को सिर्फ 25 हज़ार रुपए मिले थे.

कुंदन अपने एक इंटरव्यू में बताते हैं कि ‘कभी हां कभी ना’ शाहरुख की दूसरी फिल्मों ‘डर’ और ‘बाज़ीगर’ से पहले बनकर तैयार हो गई थी. मगर उसे कोई भी डिस्ट्रिब्यूटर खरीदने को तैयार नहीं था. इसलिए रिलीज़ में लगातार देरी हो रही थी. शाहरुख की जिन फिल्मों का ज़िक्र हमने पहले किया वो बनकर रिलीज़ होकर हिट हो गईं. बावजूद इसके कोई भी डिस्ट्रिब्यूटर ‘कभी हां कभी ना’ को हाथ नहीं लगाना चाहता था. क्योंकि ये रेगुलर मेनस्ट्रीम फिल्म नहीं थी. शाहरुख स्टार बन गए थे मगर उन्हें अभी वो मुकाम हासिल करना बाकि था कि पब्लिक उनके नाम पर कोई भी फिल्म देखने थिएटर्स में आ जाए. शाहरुख अपनी दूसरी फिल्मों में बिज़ी हो गए मगर उनका ध्यान ‘कभी हां कभी ना’ पर अटका हुआ था. एक दिन समय निकालकर उन्होंने फिल्म प्रोड्यूसर विजय गिलानी से बात की. इस बातचीत के बाद विजय और शाहरुख के साथ वीनस फिल्म्स ने पार्टनरशिप में ‘कभी हां कभी ना’ के बॉम्बे टेरिटरी के डिस्ट्रिब्यूशन राइट्स खरीदे. तब जाकर 25 फरवरी, 1994 वो फिल्म रिलीज़ हो पाई.

फिल्म 'कभी हां कभी ना' के पोस्टर पर शाहरुख खान और सुचित्रा कृष्णमूर्ति.
फिल्म ‘कभी हां कभी ना’ के पोस्टर पर शाहरुख खान और सुचित्रा कृष्णमूर्ति.

ये फिल्म ‘कभी हां कभी ना’ से जुड़ी एक ऐसी बात थी, जो एक टीवी स्टार के फिल्म स्टार बनने की जर्नी दिखाती है. साथ ही दिखाती है, वो पर्सनैलिटी जिसकी नींव पर आज इंडिया का इंटरनेशनल स्टार शाहरुख खान खड़ा है.

# जब शाहरुख की एक्टिंग देखने के लिए डायरेक्टर उनसे देर रात तक एक ही सीन करवाते रहे

एक बार देर रात अजीज़ मिर्ज़ा और कुंदन शाह टीवी शो ‘सर्कस’ की शूटिंग कर रहे थे. शाहरुख ने एक शॉट दिया, जो अजीज़ और कुंदन को बहुत पसंद आया. उन्हें एक्टिंग करते हुए देखने के लिए उन्होंने वही सीन दोबारा करवाया. शाहरुख को लगा ये सीन सही शूट नहीं हुआ, इसलिए उनके मेकर्स रीटेक करवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो कोशिश करेंगे कि ये शॉट पिछले वाले से बेहतर हो. शाहरुख ने वो सीन दोबारा किया. अजीज़ और कुंदन ने उनसे फिर से वही सीन करने को कहा. एक्चुअली दिक्कत ये थी कि उन दिनों मॉनिटर्स नहीं होते थे, जिस पर शॉट को आप रिवाइंड करके देख सकें. और शाहरुख इतना शानदार परफॉर्म कर रहे थे कि अजीज़ और कुंदन की नज़रें उनसे नहीं हट रही थीं. इस चक्कर में उस सीन के देर रात तक कई रीटेक्स हुए.

कुंदन शाह हमेशा से शाहरुख की एक्टिंग पर मोहित थे. फिल्म ‘कभी हां कभी ना’ की शूटिंग चल रही थी. शाहरुख के साथ दीपक भी उस सीन का हिस्सा थे. दीपक की एक आदत थी कि वो हर शॉट के बाद आकर डायरेक्टर से पूछा करते कि सीन में उनकी परफॉरमेंस कैसी थी. शाहरुख के साथ वो सीन शूट करने के बाद वो कुंदन के पास आए और पूछा कि उनका शॉट कैसा था? उस सीन का दूसरा टेक लिया जा रहा था, इसलिए कुंदन ने कहा कि वो इस बार देखकर बताएंगे. दीपक चले गए. दिक्कत ये थी कि पहले शॉट में कुंदन की नज़र एक बार फिर शाहरुख पर अटक गई थी. वो दीपक को देख ही नहीं पाए थे. उस सीन का रीटेक हुआ, दीपक दोबारा कुंदन के पास पहुंचे. मगर इस बार भी कुंदन शाहरुख को ही देखने में रह गए. दीपक को उन्होंने फिर से नहीं देखा. थोड़ी देर में दीपक को पूरा माजरा समझ आ गया. और वो इस बात के लिए कुंदन से नाराज़ हो गए.

फिल्म 'कभी हां कभी ना' के एक सीन में शाहरुख खान और दीपक तिजोरी.
फिल्म ‘कभी हां कभी ना’ के एक सीन में शाहरुख खान और दीपक तिजोरी.

बकौल कुंदन, शाहरुख ‘कभी हां कभी ना’ से निजी तौर पर जुड़े हुए थे. उन्होंने ही दीपक को मनाया और शूटिंग आगे बढ़ी. जब फिल्म रिलीज़ हुई, तो उन्होंने फिल्म को प्रमोट करने की बात कही. ये वो दौर था, जब प्रमोशन जैसी कोई चीज़ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में नहीं होती थी. थोड़ा-बहुत कुछ हुआ, तो हुआ. कई बार तो एक्टर्स को ये तक पता नहीं होता था कि उनकी कौन सी फिल्म किस दिन रिलीज़ हुई है. क्योंकि वो लोग एक साथ कई फिल्मों की शूटिंग करते थे. जो फिल्म पहले बनकर तैयार हुई, वो रिलीज़ हो गई. हीरो दूसरी फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हो गया.

मगर शाहरुख ने इस रवायत को बदलने की शुरुआत की. जब ‘कभी हां कभी ना’ रिलीज़ हुई, तब शाहरुख फिल्म के मेकर्स के साथ हैदराबाद के एक थिएटर में पहुंचे. तब इंडिया में सिनेमाघरों की संख्या बड़ी कम होती थी. ऐसे में हैदराबाद यानी एक नॉन-हिंदी स्पीकिंग इलाके में शाहरुख खान की फिल्म लगी हुई थी. शाहरुख, कुंदन और तमाम लोगों के साथ उस थिएटर में पहुंचे और फिल्म की स्क्रीनिंग रुकवा दी. 10-15 मिनट उन्होंने फिल्म देखने आए लोगों के साथ बातचीत की. इसके बाद उनके साथ बैठकर पूरी पिक्चर देखी. इतना ही नहीं, अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए शाहरुख मुंबई के गेटी सिनेमा पहुंचे. वो वहां टिकट काउंटर पर बैठ गए. जितने भी लोग उनकी फिल्म का टिकट लेने आए, उन्होंने उन सभी टिकटों पर ऑटोग्राफ दिया.

फिल्म के एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान फिल्म की पूरी कास्ट और डायरेक्टर के साथ चीफ गेस्ट सुभाष घई.
फिल्म के एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान फिल्म की पूरी कास्ट और डायरेक्टर के साथ चीफ गेस्ट सुभाष घई.

# जब शाहरुख ने कुंदन को बिना बताए, एक प्यारा गिफ्ट दे डाला

शाहरुख खान अपने इगो और ह्यमिलिटी दोनों ही चीज़ों के लिए जाने जाते हैं. किसे उनका कौन सा रूप दिखेगा, ये पूरी तरह से सामने वाले पर डेपेंड करता है. ‘कभी हां कभी ना’ जब प्लैन हुई, तब इसके बड़े हिस्से की शूटिंग गोवा में होनी थी. मगर ये फिल्म बड़े टाइट बजट में बन रही थी. फिल्म के लीड एक्टर समेत तमाम लोग इकॉनोमी क्लास में सफर कर रहे थे. गोवा में रुकने का इंतज़ाम भी एक सरकारी गेस्ट हाउस में किया गया था, जिसका किराया 160 रुपए प्रतिदिन था. गोवा में शूटिंग के दौरान एक बाद कुंदन शाह एक बुक स्टोर में चले गए. वहां उन्होंने अपने पसंद की कुछ किताबें उठाईं और बिलिंग काउंटर की ओर बढ़ चले. बिलिंग के बाद पता चला कि उन सारी किताबों की कीमत दो हज़ार रुपए से कुछ ऊपर थी. 90 के दशक की शुरुआत में दो हज़ार रुपए बहुत छोटी रकम नहीं थी. ऐसा नहीं था कि कुंदन के पास उन किताबों को खरीदने के पैसे नहीं थे. मगर उन्होंने सोचा कि अभी पैसों की ज़रूरत पड़ेगी. ये किताबें फिर कभी खरीद ली जाएंगी.

बुक स्टोर से लौटकर वो सीधे अपनी फिल्म के सेट पहुंचे. वहां मौजूद कुछ लोगों से उन्होंने ये इंसीडेंट शेयर की. उन कुछ लोगों में शाहरुख भी शामिल थे. शाहरुख ने उस वक्त कुछ नहीं कहा. अगले दिन जब वो ‘कभी हां कभी ना’ के सेट पर पहुंचे, तो उनके हाथ में कुछ किताबें थीं. उन्होंने वो किताबें कुंदन शाह को दे दीं. कुंदन देखते ही समझ गए कि ये वही बुक्स हैं, जिनका ज़िक्र उन्होंने पिछले दिन किया था. शाहरुख के इस जेस्चर से कुंदन टच हो गए. वो शाहरख को उन किताबों के पैसे देने लगे. मगर शाहरुख ने कहा कि ये उनकी ओर से कुंदन के लिए तोहफा है. कुंदन ने वो किताबें ले लीं. मगर उन्हें ये बात अच्छे से पता थी कि शाहरुख के पास भी ज़्यादा पैसे नहीं थे. क्योंकि उन्होंने ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ के अलावा कोई फिल्म नहीं की थी.

शाहरुख के ऊपर लिखी गई एक किताब का अनावरण करने पहुंचे कुंदन शाह.
शाहरुख के ऊपर लिखी गई एक किताब का अनावरण करने पहुंचे कुंदन शाह (शाहरुख के बगल में सफेद शर्ट पहने). 

‘कभी हां कभी ना’ की रिलीज़ के कुछ दिन बाद शाहरुख कुंदन से मिले. उन्होंने कुंदन से कहा कि वो उनकी फिल्म के राइट्स खरीदना चाहते हैं. क्योंकि ये बड़ी प्यारी फिल्म बनी है. ज़ाहिर तौर पर कुंदन ‘कभी हां कभी ना’ के प्रोड्यूसर नहीं थे. ना ही उनके पास ये अधिकार था कि वो फिल्म के राइट्स शाहरुख को बेच पाएं. मगर उन्हें ये अच्छा लगा कि उनके डायरेक्शन में बनी फिल्म के राइट्स खरीदने से पहले शाहरुख ने उनसे भी बात की. ‘कभी हां कभी ना’ की रिलीज़ के कई सालों बाद शाहरुख ने एक इंटरव्यू दिया. इस इंटरव्यू में शाहरुख से उनसे एक ऐसी बात पूछी गई, जिसका उन्हें मलाल रह गया हो!

इसका जवाब देते हुए शाहरुख ने कहा-

“मैं 16-17 साल से काम कर रहा हूं लेकिन ये वो एक मूवी है जो मेरे दिल से सबसे करीब रहेगी. जब ये बन रही थी तब मैं प्रोड्यूसर नहीं था. मेरी एक इच्छा अधूरी रह गई कि काश ये फिल्म मैंने बनाई होती.”


वीडियो देखें: जब ‘शहंशाह’ की शूटिंग से पहले अमिताभ ने कहा- मैं कभी एक्टिंग नहीं कर पाऊंगा

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