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वो कल्ट फिल्म, जो संजय दत्त और डॉन छोटा शकील की बातचीत लीक होने से अटक गई थी

संजय गुप्ता एक फिल्म बना रहे थे. ‘जंग’ नाम की. फिल्म काफी समय से बन रही थी. 1998 में शुरू हुई थी और 2000 में भी फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग बाकी थी. अचानक से प्रोड्यूसर का दिमाग भिन्नाया और उसने इनकंप्लीट फिल्म को ही रिलीज़ करने का मन बना लिया. संजय ने कहा थोड़ी शूटिंग बची है, खत्म कर लेते हैं. फिर फिल्म के साथ जो करना हो, करें. प्रोड्यूसर ने कहा अब कोई शूटिंग नहीं होगी. एकाध आइटम नंबर शूट करो और खत्म करो. गानों को लेकर भी प्रोड्यूसर की शर्त थी कि इन्हें फिल्मसिटी से लेकर लिंकिंग रोड के बीच ही शूट किया जाए. इसमें पैसे भी कम लगेंगे और समय भी. संजय ने गुस्से में वो फिल्म आधी ही छोड़ दी. फिल्म के हीरो संजय दत्त ने अपनी लाइनों की डबिंग करने से इंकार कर दिया. जैसे-तैसे फिल्म के बाकी टेक्निकल काम निपटाकर प्रोड्यूसर ने वो फिल्म रिलीज़ कर दी. और कमाल ये हुआ कि फिल्म चल गई.

इस फिल्म के बाद संजय गुप्ता ने उस फिल्म पर काम शुरू किया, जिसे वो पिछले 8 सालों से बनाना चाहते थे. उसकी कहानी लिखी और अपने बेस्ट फ्रेंड संजय दत्त के पास पहुंचे. गुप्ता और दत्त ने डेढ़-दो साल तक उसकी स्क्रिप्ट पर काम किया. स्क्रिप्ट रेडी हो गई. हॉलीवुड के प्रोड्यूसर राजू पटेल और प्रीतिश नंदी इस प्रोजेक्ट पर पैसा लगाने को तैयार हो गए. तय हुआ कि इस फिल्म को हॉलीवुड में, वहीं के टेक्निकल क्रू के साथ शूट किया जाएगा. इसे लॉस एंजेलिस में 30 दिन में शूट किया गया. पूरी तरह से एलए में शूट की जाने वाली ये पहली हिंदी फिल्म थी. टॉप क्लास ऑनसॉम्बल स्टारकास्ट को लेकर बनी ये एक स्टाइलिश हाइस्ट फिल्म थी. फिल्म का नाम ‘कांटे’. बाद में इसे बनाने वाले संजय गुप्ता ‘कांटे फेम संजय गुप्ता’ बन गए. लेकिन फिल्म को रिलीज़ करना इतना भी आसान नहीं था.

फिल्म कांटे का ओपनिंग सीक्वेंस.
फिल्म कांटे का ओपनिंग सीक्वेंस.

जब संजय दत्त और संजय गुप्ता डॉन से बात करते पकड़े गए

महेश मांजरेकर की फिल्म ‘कुरुक्षेत्र’ की रिलीज़ के बाद संजय दत्त, महेश मांजरेकर, संजय गुप्ता और हरिश सुगंध शिरडी मत्था टेकने गए थे. वहां से वापस आते समय ये लोग 14 दिसंबर, 2000 को नाशिक के एक होटल में रुके हुए थे. वहां से इन चारों ने दुबई बेस्ड डॉन छोटा शकील से फोन पर बातचीत की. एक बार फिर से पुलिस को इंटरफेयर करना पड़ा. लेकिन कर-कराके कुछ दिनों में ये सारा झोल खत्म हो गया था. ‘कांटे’ की रिलीज़ डेट अगस्त 2002 में फिक्स की गई. जुलाई में उनकी बातचीत का वो टेप पुलिस ने पब्लिक कर दिया. वो टेप पूरी मीडिया में फैल गया. ‘कांटे’ साल की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से थी. वजह थी उसकी स्टारकास्ट. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव ने काम किया था. और टेप की लीक के बाद अब फिल्म की हालत ये थी कि उसके डायरेक्टर से लेकर दो लीडिंग एक्टर्स (संजय और महेश) अंडरवर्ल्ड के साथ कनेक्शन में पकड़े गए थे.

फिल्म 'कांटे' के लिए हुए कैरेक्टर लुक फोटोशूट के दौरान संजय दत्त.
फिल्म ‘कांटे’ के लिए हुए कैरेक्टर लुक फोटोशूट के दौरान संजय दत्त.

इस बातचीत में छोटा शकील बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड की धाक को कम करने की बात कहते सुना जा सकता है. संजय दत्त उसे फिल्म इंडस्ट्री की कुछ अंदर वाली खबरें बता रहे थे. साथ ही गोविंदा की शिकायत भी कर रहे थे. और महेश मांजरेकर डॉन से उसकी कहानी मांगकर फिल्म बनाने की बात कह रहे थे. अगर ये बातचीत डिटेल में पढ़ना चाहते हैं, तो यहां क्लिक करें. मतलब संजय गुप्ता के करियर की सबसे बड़ी फिल्म उन्हीं की वजह से मुश्किल में फंस गई थी. लकी अली ने ‘कांटे’ की शूटिंग खत्म करने के बाद ‘सुर’ की शूटिंग की थी. ‘सुर’ बनकर रिलीज़ हो गई और ‘कांटे’ की राह के कांटे खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे थे. फिल्म की अगली रिलीज़ डेट 6 और फिर 11 दिसंबर तय हुई. लेकिन ‘कांटे’ इन दिनों पर भी रिलीज़ नहीं हो पाई. फाइनली तमाम दिक्कतों और विवादों के बीच इसे 20 दिसंबर, 2002 को रिलीज़ किया गया.

फिल्म का सुपर स्टाइलिश स्टारकास्ट.
फिल्म का सुपर स्टाइलिश स्टारकास्ट.

जब सुनील शेट्टी को पुलिस ने आतंकवादी समझकर पकड़ लिया

संजय गुप्ता अपनी टीम के साथ यूएस  में शूटिंग कर रहे थे. उसी दौरान अमेरिका में 9/11 अटैक हो गया. पूरा अमेरिका हाई-अलर्ट पर था. इसका असर ये पड़ा कि कुछ  दिनों के लिए शूटिंग रुक गई. इस वजह से खर्चा बढ़ गया. और पहले से प्लान की गई जगहों पर शूटिंग करने की परमिशन भी कैंसिल कर दी गई. इस फिल्म के लिए संजय गुप्ता नेे हर किरदार का लुक अलग तरीके से डिजाइन करवाया था. सब लोग रफ-टफ जोन में थे लेकिन एक-दूसरे से अलग दिख रहे थे. एक बार सुनील शेट्टी लॉस एंजेलिस एयरपोर्ट से निकल रहे थे. उनके संदेहास्पद लुक की वजह से उन्हें एयरपोर्ट पर रोक दिया गया. एयरपोर्ट सिक्योरिटी उन्हें आतंकवादी समझ रही थी. उनसे पूछताछ शुरू हुई. उन्हें पुलिसवालों को बहुत समझाना और सबूत दिखाना पड़ा कि वो कोई टेररिस्ट नहीं बल्कि एक बॉलीवुड एक्टर है. बस उनका फिल्म वाला लुक थोड़ा शेडी है. सुनील ने फिल्म में मार्क नाम के एक बाउंसर का रोल किया था, जिसकी गर्लफ्रेंड बार में डांसर है.

फिल्म के एक सीन में सुनील शेट्टी.
फिल्म के एक सीन में सुनील शेट्टी.

इसी फिल्म के बाद सुनील शेट्टी का नाम अन्ना पड़ गया था. संजय दत्त अपनी खुशमिज़ाजी और मुंहफट होने के लिए जाने जाते हैं. ‘कांटे’ के सेट पर भी वैसे ही मस्ती में रहते थे. लेकिन सुनील शेट्टी उन्हें बार-बार समझाते रहते. इससे परेशान होकर संजू बाबा ने उन्हें अन्ना यानी बड़ा भाई बुलाना शुरू कर दिया. फिर वही चीज़ अमिताभ बच्चन फॉलो करने लगे. धीरे-धीरे सेट पर सबलोग उन्हें इसी नाम से बुलाने लगे. और अब उन्हें हर उम्र वर्ग के लोग उन्हें अन्ना ही बुलाते हैं.

फिल्म की रिलीज़ के बाद हीरोइन ने लगाया चीटिंग का आरोप

इस फिल्म की कास्टिंग अपने आप में काफी बड़ा इवेंट थी. अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, महेश मांजरेकर, कुमार गौरव पहले से ऑनबोर्ड थे. मैक के कैरेक्टर के लिए अक्षय खन्ना कास्ट किए गए थे. लास्ट मोमेंट पर अक्षय ने फिल्म नहीं करने का फैसला ले लिया. फाइनली उस कैरेक्टर में सिंगर लकी अली को ले लिया गया. यही किरदार फिल्म के ओपनिंग सीक्वेंस में सभी कैरेक्टर्स से हमारा इंट्रो करवाता है. और पूरी फिल्म में बतौर नैरेटर बना रहता है. संजय गुप्ता ‘कांटे’ को मैंस फिल्म कहते हैं. यानी ये फिल्म मर्दों के बारे में है. हालांकि उन्होंने कुछ हीरोइनों को भी फिल्म में लिया लेकिन उनके किरदारों लंबाई गेस्ट अपीयरेंस जितनी ही थी. रति अग्निहोत्री ने अमिताभ बच्चन की बीमार पत्नी का रोल किया था. मलाइका अरोड़ा सुनील शेट्टी की बार डांसर गर्लफ्रेंड के रोल में थीं. साथ में उनके हिस्से ‘माही वे’ जैसा सुपरहिट गाना भी था. इन लोगों के साथ-साथ ईशा कोप्पिकर भी इस फिल्म का हिस्सा थीं. फिल्म का सबसे हिट गाना ‘माही वे’ आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं:

संजय गुप्ता ने ईशा को फिल्म के लिए साइन करते हुए कहा कि उनका कैरेक्टर संजय दत्त की गर्लफ्रेंड का होगा. राम गोपाल वर्मा की ‘कंपनी’ में ‘खल्लास’ नाम का आइटम नंबर करने के बाद वो रेज बन गई थीं. लेकिन अब उन्हें सिर्फ आइटम नंबर ही ऑफर हो रहे थे. ऐसे में इसे एक्टिंग करने का मौका समझकर ईशा ने हां कर दी. उनके हिस्से की शूटिंग शुरू हुई. सबसे पहले ‘इश्क समुंदर’ गाने की शूटिंग हुई. गाने के खत्म होते ही ईशा को कहा गया कि फिल्म की लंबाई थोड़ी ज़्यादा हो रही है. इसलिए संजय की गर्लफ्रेंड वाला हिस्सा स्क्रैप करना पड़ेगा. और उन्हें फिल्म से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. ईशा अपने कई इंटरव्यूज़ में इस वाकये को अपने साथ हुई चीटिंग मान चुकी हैं. ‘इश्क समुंदर’ गाना यहां देखिए:

जब वर्ल्ड क्लास फिल्ममेकर क्वेंटिन टैरेंटिनो ने ‘कांटे’ को अपने थिएटर में चलाया

संजय गुप्ता की तकरीबन सभी फिल्मों को विदेशों फिल्मों का रीमेक बताया जाता है. उनकी पहली फिल्म ‘आतिश’- अ बेटर टुमॉरो से इंस्पायर्ड बताई जाती है. ‘राम शस्त्र’ की प्रेरणा ‘हार्ड टू किल’ बताई जाती है. ‘कांटे’ के बारे में कहा गया कि ये क्वेंटिन टैरेंटिनो की कल्ट फिल्म ‘रिज़र्वायर डॉग्स’ की रीमेक है. संजय खुद मानते हैं कि सिर्फ ‘रिज़र्वायर डॉग्स’ से नहीं, उनकी फिल्म हॉन्ग कॉन्ग की फिल्म ‘सिटी ऑफ फायर’ से भी प्रेरणा लेकर बनाई गई है. इसी वजह से ‘कांटे’ को कभी ज़्यादा भाव भी नहीं दिया गया. 2007 में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ लॉस एंजेलिस में शॉर्ट फिल्म डायरेक्टर श्रीनिवास टैरेंटिनो का इंटरव्यू ले रहे थे. जब उनसे उनकी फिल्म की इस रीमेक के बारे में पूछा गया, तो टैरेंटिनो का कहना था-

”मेरी फिल्म (रिज़र्वायर डॉग्स) के ढेरों रीमेक्स में से हॉन्ग कॉन्ग में बनी ‘टू मेनी वेज़ टू बी नंबर 1’ ( Too Many Ways To Be No.1) और ‘कांटे’ मुझे कमाल लगीं थीं. इस फिल्म (कांटे) की सबसे अच्छी बात ये थी इंडिया के कुछ लोग यूएस आते हैं, यूएस के एक बैंक को लूटने के लिए. ये काफी कूल है. मैं सम्मानित महसूस कर रहा था कि ये सारे किरदार बॉलीवुड के लीजेंड लोग निभा रहे थे. मैं यहां बैठा एक फिल्म देख रहा हूं (कांटे), जो मेरी ही बनाई फिल्म की रीमेक है. लेकिन फिर ये फिल्म हर किरदार के पीछे की कहानी बताती है. मुझे ये चीज़ बड़ी शानदार लगी. मैं हर बार अपनी फिल्मों में किरदारों की बैकग्राउंड स्टोरी रखता हूं. लेकिन वो हर बार एडिटिंग में कट जाती हैं. इसलिए मैं ‘कांटे’ में ये बात देखकर हैरान था. देखते-देखते अचानक मुझे एहसास हुआ कि ये ‘रिज़र्वायर डॉग्स’ नहीं है. लेकिन आखिर में ये फिल्म अपने किरदारों के गुप्त ठिकाने पर पहुंचती है और मुझे लगता है ये वापस से रिज़र्वायर डॉग्स वाले जोन में आ गई. ये कितनी मज़ेदार बात है.”

क्वेंटिन टैरेंटिनो डायरेक्टेड फिल्म 'रिज़र्वायर डॉग्स' का पोस्टर.
क्वेंटिन टैरेंटिनो डायरेक्टेड फिल्म ‘रिज़र्वायर डॉग्स’ का पोस्टर.

‘रिज़र्वायर डॉग्स’ के 25 साल पूरे होने पर क्वेंटिन टैरेंटिनो ने अप्रैल 2017 में तीन फिल्मों की स्क्रीनिंग रखी थी. इस स्क्रीनिंग में ‘रिज़र्वायर डॉग्स’ के साथ ‘सिटी ऑफ फायर’ और ‘कांटे’ को भी प्रीमियर किया गया था. ये प्रीमियर टैंरेंटिनो के थिएटर न्यू बेवर्ली हिल्स में हुआ था. सबूत यहां देखिए:


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