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'अंदाज़ अपना अपना' में काम करने के बाद आमिर ने क्यों कहा कि उन्हें सलमाान से दूर रहना है?

1990 में आई फिल्म ‘घायल’ के बाद फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी अपनी अगली फिल्म पर काम कर रहे थे. इस फिल्म का नाम था ‘दामिनी’. इसी समय विनय कुमार सिन्हा नाम के एक शख्स उनके सनी सुपर साउंड वाले ऑफिस पहुंचे. विनय अपने करियर की शुरुआत में फिल्मों के प्रोडक्शन इंचार्ज हुआ करते थे. बाद में उन्होंने ‘शोले’ फेम अमजद खान का काम देखना शुरू कर दिया. अब वो फिल्म प्रोडक्शन में कदम रखना चाहते थे. इसी सिलसिले में बातचीत के मक़सद से वो घर का बना खाना लेकर राजकुमार संतोषी के ऑफिस आए. जब संतोषी खाने लगे, तब विनय ने बात छेड़ी. उन्होंने सवालिया लहज़े में पूछा कि क्या संतोषी उनके प्रोडक्शन की फिल्म डायरेक्ट करेंगे. संतोषी ने कहा बिल्कुल करेंगे.

फिल्म किस बारे में होगी, इसका कोई आइडिया नहीं था. मगर बात फिल्म की स्टारकास्ट तक पहुंच गई. विनय ने कहा कि उनके बड़े भाई आमिर खान का काम देखते हैं. इसलिए वो अपनी इस फिल्म में आमिर को कास्ट करना चाहते हैं. वहीं बैठे-बैठे आमिर को फोन लगाया गया. बिना कोई आइडिया सुने आमिर ये फिल्म करने को तैयार हो गए. इसके थोड़ी देर बाद विनय ने फिर से एक डिमांड रखी. उन्होंने कहा कि सलीम खान से उनकी बड़ी अच्छी दोस्ती हैं. इसलिए सलमान के साथ भी कुछ करना चाहते हैं.

अब राजकुमार संतोषी कंफ्यूज़ होने लगे थे. उन्होंने पूछा कि क्या वो आमिर और सलमान को लेकर दो अलग-अलग फिल्में बनाना चाहते हैं? विनय ने कहा, दोनों को साथ लेकर कुछ हो जाए, तो अच्छा रहेगा. सलमान को फोन लगाया गया. इसके बाद सन एंड सैन्ड होटल में आमिर और सलमान के साथ एक मीटिंग रखी गई. इस मीटिंग से पहले संतोषी ने फिल्म का मोटा-मोटी आइडिया तैयार किया. इंडिया के दो उभरते हुए फिल्म स्टार्स से ये स्टोरी आइडिया शेयर किया गया. सलमान और आमिर, दोनों ही इसमें इंट्रेस्टेड थे. इसके बाद प्रोजेक्ट से रवीना टंडन को जोड़ा गया. दूसरी लीडिंग लेडी के रोल के लिए मनीषा कोइराला को अप्रोच किया गया. मगर मनीषा ने वो फिल्म करने से मना कर दिया. मनीषा वाले रोल में करिश्मा कपूर कास्ट कर ली गईं. राजकुमार संतोषी के बेसिक आइडिया पर जो फिल्म प्लैन हुई, उसका नाम था ‘अंदाज़ अपना अपना’.

राजकुमार संतोषी के बेसिक आइडिया पर जो फिल्म प्लैन हुई उसका नाम रखा गया 'अंदाज़ अपना अपना'.
राजकुमार संतोषी के बेसिक आइडिया पर जो फिल्म प्लैन हुई उसका नाम रखा गया ‘अंदाज़ अपना अपना’.

बताया जाता है कि संतोषी टॉम एंड जेरी का ह्यूमन वर्ज़न बनाना चाहते थे. मगर ये गलत खबरें हैं. ‘अंदाज़ अपना अपना’ के किरदार आर्ची कॉमिक्स से प्रेरित थे. खैर, राजकुमार संतोषी ने कभी इस फिल्म की बाउंड स्क्रिप्ट तैयार नहीं की. मगर उन्हें अच्छे से पता था कि वो किस तरह की फिल्म बनाने जा रहे हैं.

# क्या सलमान और आमिर सेट पर एक दूसरे से बात नहीं करते थे?

राजकुमार संतोषी के प्लैन के मुताबिक 1991 में फिल्म ‘अंदाज़ अपना अपना’ की शूटिंग शुरू हुई. फिल्म का मुहूरत धर्मेंद्र और सचिन तेंडुलकर ने किया. अखबारों के गॉसिप कॉलम से लेकर फिल्मी मैग्ज़ीन्स में ‘अंदाज़ अपना अपना’ के सेट पर सलमान और आमिर के बीच इगो क्लैशेज़ की खबरें छपा करतीं. फिल्म से जुड़े कई राइट-अप्स में ये भी लिखा गया कि सलमान और आमिर सेट पर एक-दूसरे से बात तक नहीं करते थे. हालांकि राजकुमार संतोषी ने इन्हें फर्जी खबर बताया. क्योंकि ये कॉमेडी फिल्म थी. सारा खेल एक्टर्स की कॉमिक टाइमिंग और आपसी केमिस्ट्री का था. फिल्म की शूटिंग के दौरान आमिर और सलमान की बहुत अच्छी दोस्ती तो नहीं हुई थी. मगर दोनों कॉर्डियल थे.

2013 में आमिर खान, करण जौहर के टॉक शो ‘कॉफी विद करण’ पर पहुंचे. सलमान खान से अपने संबंध की बात पर आमिर ने कहा-

”अंदाज़ अपना अपना में मेरा सलमान के साथ काम करने का एक्सपीरियंस बहुत बुरा रहा था. मुझे वो बिल्कुल पसंद नहीं आया. मुझे वो ऐरोगेंट और दूसरों की परवाह न करने वाला व्यक्ति लगा. मैं आगे भी सलमान से कई बार मिला मगर हम लोग सिर्फ हाय-हल्लो करते थे. अंदाज़ अपना अपना में उसके साथ काम करने के बाद ये लगा कि मुझे इस आदमी से दूर रहना है.”

आमिर उसी इंटरव्यू में बताते हैं कि समय के साथ सलमान के बारे में उनका नज़रिया बदला. खासकर 2002 में रीना दत्ता से हुए तलाक के बाद. आमिर जोड़ते हैं-

”2002 में रीना से तलाक के बाद मैं एक-डेढ़ साल तक अपने घर में बंद रहता था. मेरी हालत खराब हो रखी थी. इसी समय एक दिन मैं और सलमान टकरा गए. हमारी थोड़ी बातचीत हुई. उसने कहा कि मैं तुम्हारे घर आता हूं. वो मेरे घर आया. हम दोनों साथ में ड्रिंक्स पर बैठे. यहां उसके साथ मेरा एक कनेक्शन बना. हमने आगे ढेर सारा समय साथ में गुज़ारा, जिससे ये कनेक्शन मजबूत होता चला गया. तब मुझे रियलाइज़ हुआ कि सलमान अंदाज़ अपना अपना वाले दिनों की तरह अक्खड़ और बिगड़ैल नहीं रहा. वो मच्योर हो गया है. मुझे उससे मिलकर लगा कि वो बड़े दिल वाला और कमाल का इन्सान है.”

फिल्म ‘अंदाज़ अपना अपना’ के सेट पर आमिर और सलमान का इक्वेशन तो साफ हो गया. मगर फिल्म की लीडिंग लेडीज़ के बीच वाकई सबकुछ ठीक नहीं था. फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार संतोषी अपने एक इंटरव्यू में बताते हैं कि बाकी फिल्म तो जैसे-तैसे खिंच गई. मगर क्लाइमैक्स की शूटिंग के दौरान रवीना और करिश्मा के बीच काफी ठनी हुई थी. एक्चुअली दोनों ही एक्ट्रेस संजय गुप्ता की फिल्म ‘आतिश’ शूट करने के लिए इंडिया से बाहर गई हुई थीं. जब वो वापस इंडिया आईं, तो किसी बात को लेकर दोनों के बीच एयरपोर्ट पर लड़ाई हो गई. इसलिए क्लाइमैक्स की शूटिंग के दौरान करिश्मा और रवीना एक-दूसरे से बात नहीं कर रही थीं.

'अंदाज़ अपना अपना' की शूटिंग के दौरान फिल्म की लीड स्टारकास्ट.
‘अंदाज़ अपना अपना’ की शूटिंग के दौरान फिल्म की लीड स्टारकास्ट.

# मोगैम्बो के बाद अमरीश पुरी इस फिल्म में बनने वाले थे ज़ोरैम्बो मगर…

1987 में आई शेखर कपूर डायरेक्टेड फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में अमरीश पुरी ने मोगैम्बो नाम का किरदार निभाया था. इस किरदार ने उन्हें बहुत इज्ज़त और शोहरत दी. राजकुमार संतोषी ‘अंदाज़ अपना अपना’ में अमरीश पुरी से ज़ोरैम्बो नाम का रोल करवाना चाहते थे. ये किरदार मोगैम्बो से बिल्कुल उलट था. मोगैम्बो हर बात पर खुश हो जाता था, ज़ोरैम्बो किसी बात पर खुश नहीं होता. मोगैम्बो काले कपड़े पहनता था, ज़ोरैम्बो सफेद कपड़े पहनने वाला था. इन दो किरदारों के बीच ऐसी ही कई और बुनियादी असमानताएं थीं. अमरीश पुरी भी ये रोल करने के लिए एक्साइटेड थे. कॉस्ट्यूम से लेकर कैरेक्टर का लुक सबकुछ सेट था. मगर हुआ ये कि इस किरदार को काटकर फिल्म से बाहर कर दिया गया. क्योंकि ज़ोरैम्बो की वजह से फिल्म की लंबाई काफी बढ़ जा रही थी.

ज़ोरैम्बो के रिप्लेसमेंट के तौर पर फिल्म में क्राइम मास्टर गोगो का किरदार रखा गया गया. ये किरदार खुद को मोगैम्बो का भतीजा बताता था. पहले फिल्म में क्राइम मास्टर गोगो का रोल एक्टर टिनू आनंद करने वाले थे. उन्होंने तीन दिन तक इस फिल्म की शूटिंग भी कर ली थी. मगर डेट्स की समस्या की वजह से उन्हें ये फिल्म छोड़नी पड़ी. फिल्म के क्लाइमैक्स में सारे किरदार एक जगह पर जमा होते हैं. इस सीक्वेंस के लिए सभी एक्टर्स के डेट्स मिल गए. मगर टिनू के पास समय नहीं था. इसलिए उन्हें ये फिल्म छोड़नी पड़ी. फाइनली क्राइम मास्टर गोगो जैसा आइकॉनिक कैरेक्टर आया शक्ति कपूर के खाते में.

क्राइम मास्टर गोगो का किरदार पहले टिनू आनंद निभाने वाले थे. मगर बाद में वो किरदार शक्ति कपूर के खाते में गया.
क्राइम मास्टर गोगो का किरदार पहले टिनू आनंद निभाने वाले थे. मगर बाद में वो किरदार शक्ति कपूर के खाते में गया.

ये फिल्म अपने ऑन्सॉम्बल सपोर्टिंग-स्टारकास्ट के लिए भी याद की जाती हैं. ‘अंदाज़ अपना अपना’ में महमूद, देवेन वर्मा, विजु खोटे, जगदीप, टिकू तलसानिया और परेश रावल जैसे एक्टर्स नज़र आए थे. और इन सब लोगों की कास्टिंग के पीछे बड़े मज़ेदार किस्से हैं. महमूद और राजकुमार संतोषी एक ही होटल में ठहरे हुए थे. उन दोनों की मुलाकात ने फिल्म में जॉनी नाम के एक नए किरदार को जन्म दिया. वहीं आमिर खान के साथ बांद्रा में एक सीन शूट करने के लिए देवेन वर्मा पुणे से बंबई आए. यहां उनके ड्राइवर की बेवकूफी में 30 हज़ार रुपयों से भरा ब्रीफकेस चोरी हो गया.

# सिनेमाघरों में क्यों बुरी पिटी ‘अंदाज़ अपना अपना’?

आज ‘अंदाज़ अपना अपना’ की चर्चा इंडिया की क्लासिक कॉमेडी फिल्मों में होती है. ये फिल्म तीन सालों तक बनती रही. जब 4 नवंबर, 1994 को बनकर सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई, तो इसे दर्शक नसीब नहीं हुए. फिल्म को बॉक्स ऑफिस डिज़ास्टर माना गया. क्योंकि इंडिया के दो पॉपुलर स्टार्स को लेकर बनी इस फिल्म से मेकर्स को बड़ी उम्मीदें थीं. मगर ये फिल्म चली क्यों नहीं?

पिछले दिनों हिंदुस्तान टाइम्स से हुई बातचीत में आमिर खान ने इस मसले का ज़िक्र किया. आमिर बताते हैं कि उन्हें ये फिल्म बड़ी पसंद आई थी. उन्हें लगा था कि कमाल की फिल्म बनी है. मगर थिएटर्स में इसे लोगों ने देखा ही नहीं. इस चीज़ ने मेकर्स के साथ-साथ सलमान और आमिर को भी हैरान किया. मगर सवाल अब भी वही है कि ये फिल्म पिटी क्यों?

आमिर कहते हैं-

”इस फिल्म के साथ सबसे बड़ी गड़बड़ ये हुई कि किसी को पता ही नहीं चला कि ‘अंदाज़ अपना अपना’ कब रिलीज़ हो रही है. लगातार हो रही देरी की वजह से डिस्ट्रिब्यूटर्स श्योर नहीं थे कि उन्हें बताए समय पर फिल्म मिल पाएगी भी या नहीं. मार्केट में रिलीज़ डेट अनाउंस हो चुकी थी मगर किसी को नहीं पता था कि ये फिल्म रिलीज़ होगी कि नहीं. डिस्ट्रिब्यूटर्स को लग रहा था कि अगर उन्होंने फिल्म के पोस्टर्स वगैरह लगा दिए और फिल्म रिलीज़ नहीं हुई, तो पब्लिक उनका बुरा हाल कर देगी. इसलिए फिल्म की पब्लिसिटी शुरू ही नहीं हुई. शुक्रवार को फिल्म रिलीज़ होनी थी. सोमवार को प्रिंट्स की डिलीवरी हुई, तब जाकर डिस्ट्रिब्यूटर्स श्योर हुए कि फिल्म वाकई रिलीज़ हो रही है. इसलिए फिल्म को पब्लिसिटी और प्रमोशन के लिए सिर्फ तीन दिन मिले.

बहुत सारे लोग इस फिल्म का इंतज़ार कर रहे थे. सिर्फ आज नहीं, मेरा और सलमान का कॉम्बिनेशन तब भी बहुत मजबूत था. मैं ‘कयामत से कयामत तक’ और ‘दिल’ जैसी फिल्में कर चुका था. सलमान भी ‘मैंने प्यार किया’ समेत कई सफल फिल्मों के बाद आ रहा था. ‘अंदाज़ अपना अपना’ की स्टारकास्ट उस दौर के लिहाज़ से भी बहुत तगड़ी थी.”

फिल्म के एक सीन में सलमान और आमिर खान.
फिल्म के एक सीन में सलमान और आमिर खान.

फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार संतोषी के मुताबिक ‘अंदाज़ अपना अपना’ के पिटने के पीछे की मुख्य वजह फिल्म की मुंबई टेरिटरी का डिस्ट्रिब्यूटर था. अपने एक इंटरव्यू में संतोषी बताते हैं कि जब ‘अंदाज़ अपना अपना’ बन रही थी, तभी ये डिस्ट्रिब्यूटर उनके पास आया ये फिल्म मांगने आया था. वो बिल्कुल नया डिस्ट्रिब्यूटर था. उसे बिज़नेस के बारे में कुछ नहीं पता था. मगर संतोषी उसे कमिटमेंट दे चुके थे कि उनकी फिल्म वही रिलीज़ करेगा. इसलिए वो अपनी बात से नहीं हट सके. बकौल संतोषी, जब ‘अंदाज़ अपना अपना’ रिलीज़ हुई, तब सलमान, आमिर और संतोषी खुद मुंबई से बाहर अपनी दूसरी फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे. उन्हें जब तक फिल्म की हालत के बारे में पता चलता, मामला हाथ से निकल चुका था.


वीडियो देखें: ‘इश्क’ के सेट पर हुई इस घटना के बाद आमिर और जूही ने 7 साल तक बात नहीं की

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