Submit your post

रोजाना लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

Follow Us

10 एड-जिंगल्स जो आपको बचपने में ले जाएंगी

480
शेयर्स

नॉस्टेल्जिया!

बड़ी कमाल की चीज़ है ये. व्हाट्सएप से लेकर किसी ड्रेस के सेलेक्शन तक में यदि इसका छौंक लग जाए तो ‘लॉजिक’ जैसा विशालकाय जिन्न कूं-कूं कर बोतल में समा जाता है. कौन है जिसने कभी न कहा होगा,“वो भी क्या दिन थे”? कौन है जिसने कम से कम एक बार ही सही वर्तमान को हिकारत से और अतीत को हसरत से नहीं देखा होगा?

लेकिन वृद्धों से जब पूछा, एक यही उत्तर आया,
अब न रहे वह पीने वाले, अब न रही वह मधुशाला.

जेनरेशन एक्स: नॉस्टेल्जिया वाले आयाम में जेनरेशन एक्स की स्थिति बड़ी ‘किंकर्तव्यविमूढ़’ या ‘डिलेमा’ वाली है. एक तरफ ‘शक्तिमान’ है कि छूटता नहीं और दूसरी तरफ ‘गेम ऑफ़ थ्रोन्स’ है कि छोड़ा नहीं जाता – काबा मेरे पीछे है, कलीसा मेरे आगे. पैंतीस के होने को आए और हम लोगों को आई फोन एक्स भी चाहिए, आईस-पाईस भी.

यदि हमसे पहले वाली जेनरेशन को रेडियो, अमिताभ, बैल बॉटम और किशोर कुमार से और हमारे बाद वाली जेनरेशन को स्मार्ट-फ़ोन, अरिजीत, वायरल और सेल्फी से टैग किया जाएगा तो हमारी वाली को सुपर कमांडो ध्रुव, दूरदर्शन, किस्मी बार, उदित नारायण और गले में लटके ‘टॉर्च और स्नेकस वाले नोकिया 1100’ से टैग किया जावे.

और उसमें भी दूरदर्शन के बिना तो जेन-एक्स का नॉस्टेल्जिया वैसा ही है जैसा गुलाबी रंग के बिन अपना ‘दी लल्लनटॉप’.

कहते हैं एक नशे पे दूसरा मत चढ़ाओ. मगर क्या कीजे एक दूरदर्शन, दूसरा म्यूज़िक: म्यूज़िक एक ऐसी चीज़ है जिसकी नॉस्टैल्जिक पॉवर का मान महत्तम होता है. और साथ ही अचर. यानी आप किसी भी जनरेशन का प्रतिनिधित्व करते हों संगीत और गाने टाइम मशीन की तरह आपके सामने सारी यादें एज़-इट-इज़, बक़ायदा गंध और चित्र के साथ ‘उपस्थित’ कर देंगे. और यदि डी.डी. वन और गायन को मिला दिया जाय तो – करेला वो भी नीम चढ़ा.

तो आइए विदाउट एनी फर्दर एडू, दूरदर्शन में आने वाले दस ऐसे एड-जिंगल्स का काउंटडाउन करते हैं जो नॉस्टेल्जिया के पर्यायवाची हैं. यादों की यही तो खूबी है – वो अच्छी हों या बुरी, पलकें भीग ही जाती हैं.

#10) डाबर आंवला केश तेल

घने मुलायम काले बाल
खिले खिले मतवाले बाल
रेशम का एहसास जगे
चेहरा कितना ख़ास लगे.


#9) मैगी

दोस्तों का जमघट
मांगे मैगी झटपट
जब सोता हूं
जब उठती हूं
दो मिनट रुक सकते हैं
सर के बल रह सकते हैं
क्यूंकि…
बड़े गज़ब की भूख लगी
मैगी चाहिए मुझे अभी!


#8)  वीडियोकॉन वाशिंग मशीन

ये धोते, साफ़ करते
कपड़े भी सुखाते हैं
बस एक ही पल में
आप हो गए तैयार.


#7) विको टरमरिक

विको टरमरिक, नहीं कॉस्मेटिक
विको टरमरिक आयुर्वेदिक क्रीम
कील-मुहांसों को जड़ से मिटाए
हल्दी चन्दन के गुण इसमें समाए
त्वचा की रक्षा करे आयुर्वेदिक क्रीम


#6) एक्शन का स्कूल टाइम

प्रेयर्स होती एवरी मॉर्निंग
लाइन से होती सबकी चेकिंग
क्लासवर्क, होमवर्क, पनिशमेंट, लेक्चर
गुड, गुडमॉर्निंग टीचर
फाइटिंग, फ्रेंडशिप, मस्ती, पी.टी.
बजी बैल और हो गई छुट्टी
ओ ओ ओ स्कूल टाइम


#5) लिज्जत पापड़

चाय कॉफ़ी के संग भाए
कर्रम-कुर्रम, कुर्रम-कर्रम
मेहमानों को खुश कर जाए
कुर्रम-कुर्रम
मज़ेदार, लिज्जतदार सात स्वाद में लिज्जत-लिज्जत पापड़
जब जी चाहे शौक से खाएं
कर्रम-कुर्रम,कुर्रम-कर्रम
सेंक के खाएं, तल के खाएं
कुर्रम-कुर्रम
मज़ेदार, लिज्जतदार सात स्वाद में लिज्जत -लिज्जत पापड़


#4) डाबर लाल दंत मंजन

दांतों की करे हिफाज़त
मोती सा चमकाए
डाबर लाल दंत मंजन से
मुखड़ा खिल खिल जाए


#3) कैडबरी डेरी मिल्क

कुछ ख़ास है, हम सभी में
कुछ बात है, हम सभी में
बात है, ख़ास है
कुछ स्वाद है
क्या स्वाद है, ज़िंदगी में


#2)  वाशिंग पाउडर – निरमा 

दूध सी सफ़ेदी निरमा से आए,
रंगीन कपड़ा भी खिल खिल जाए
निरमा ने बांधा समा.
थोड़ा सा पाउडर, और झाग ढेर सारा
घर घर के कपड़ों को पल में निखारा
हेमा, रेखा, जया और सुषमा
सबकी पसंद निरमा
कम कीमत में अधिक सफेदी लाया निरमा
इसी लिए तो घर घर में आया निरमा
वाशिंग पाउडर निरमा, वाशिंग पाउडर निरमा


#1) बजाज

ये ज़मीं ये आसमां
हमारा कल, हमारा आज
बुलंद भारत की, बुलंद तस्वीर
हमारा बजाज, हमारा बजाज


ये भी पढ़ें: 

शहीदों की वो जंग, जिसके दम पर अमित शाह ओडिशा जीतने चले हैं

गोडसे और गांधी की लड़ाई में हर बार स्टूडेंट्स को क्यों घसीटा जाता है?

इस ‘तिरंगा’ से आजादी कब मिलेगी सरकार?

लगे आजादी के वो नारे, जिनसे हर हिंदुस्तानी खुश होगा

अपनी आजादी तो भइय्या लौंडिया के तिल में है


हिमाचल चुनाव: क्यों कुल्लू वालों का मन कांग्रेस-भाजपा दोनों से टूट चुका है?

लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
Old Doordarshan Advertisement Jingles which make you fall in nostalgia

पोस्टमॉर्टम हाउस

पड़ताल : पता चल गया बनारस में जो पुल गिरा, उसका ठेकेदार कौन था?

अज्ञात ठेकेदार पर एफआईआर होने का क्या मामला है?

फिल्म रिव्यू - बायोस्कोपवाला

ये फिल्म देखने के लिए अगर आपको सौ किलोमीटर दूर भी जाना पड़े, तो जाइए.

फिल्म रिव्यू: बकेट लिस्ट

34 साल के इंतज़ार के बाद आई है ये फिल्म.

जिस फिल्म के लिए पापा सैफ अली खान खुश हुए, उसी ने बेटी सारा को हाईकोर्ट पहुंचा दिया!

अभी एक भी फिल्म नहीं आई और सारा अली खान के साथ ये हो गया.

परमाणु- दी स्टोरी ऑफ पोखरण: फिल्म रिव्यू

कलाम को राष्ट्रपति बनाने वाले धमाके की कहानी.

आखिर राजस्थान का एक सरपंच क्यों चाहता था कि जनसुनवाई में उसका घोटाला सामने आए?

इसके बाद जनसुनवाई से एक-एक कर सैंकड़ों घोटाले सामने आते गए.

फिल्म रिव्यू 'रेडू': जिससे इश्क था, उस रेडियो के खो जाने की अनोखी कहानी

इश्क तो इश्क होता है, चाहे इंसान से हो चाहे रेडियो से.

फिल्म रिव्यूः अंग्रेजी में कहते हैं...

खुद देखें या नहीं लेकिन अपने मां-पिता को ये फिल्म ज़रूर दिखाने ले जाएं.

फिल्म रिव्यू: डेडपूल 2

ये फिल्म ऐसी है, जैसे गोविंदा का डांस... जैसे 3 साल का बांस.

पुतिन ने जिसकी छाती पर ऊंचा तमगा बांधा वो अकेला इंडियन डायरेक्टर

भारत के ये लैजेंड्री फिल्म निर्देशक 95 बरस के हो गए हैं. बर्थडे पर उनके बारे में जाने सबकुछ.