Submit your post

Follow Us

PM मोदी के 'Oh no!' मोमेंट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश-दुनिया में बहुत पॉपुलर है. स्पीच देते हैं बहुत जबर. लेकिन हैं तो आखिर इंसान ही. ऊंच-नीच हो जाती है. अभी रूस में राष्ट्रगान पर चल पड़े थे. अब जिस आदमी को हर समय कैमरा देखता रहता हो, तो ‘ऑकवर्ड मोमेंट’ तो रिकॉर्ड हो ही जाते हैं. फिर सोशल मीडिया की जनता भी तो खुर्राट है. सब कुछ वायरल करवा देती है. आप भी देख लीजिए प्रधानमंत्री के इस साल के ऑकवर्ड मोमेंट.

सैंटा जैसा कुछ

फैशन सेंस गज्जब है मितरो. वो भी उसूल और आदर्श के पक्के. जैसा देस वैसा भेस वाली टैगलाइन पकड़ कर चलते हैं. ये ड्रेस पहन कर कैसे मगन हैं देखो.

ऐ जवानों

मोदी जी गए थे चाइना. वहां लोगों ने जिद की कि चलो आपको टेराकोटा वॉरियर्स म्यूजियम दिखा लाते हैं. वहां पत्थर की आदमकद मूर्तियां भाईसाब. एकदम जैसे सच्ची मुच्ची की फौज खड़ी हो. वहां इन मूर्तियों को छूना मना है का बोर्ड लगा था. लेकिन मोदी जी बड़े क्यूरियस. सब सैनिकों से बात कर आए. फेस टू फेस. ई देखौ.

PATLI PIN WALA CHARGER

मेर्रा नाम चिन चिन चू

जब इनके प्रधानमंत्री बनने के बाद मिशेल के हसबेंड और अमेरिका के राष्ट्रपति बराक फर्स्ट टाइम इंडिया आए थे. तो मोदी जी ने ये ड्रेस पहनी थी. उनका नाम इसमें सुनहरे अक्षरों में उकेरा हुआ था. किसी ने कहा कि सूट 10 लाख का है. वहां अमेरिका में मस्त खाना पीना और गप्पें हो रही थी और यहां बवाल मच चुका था.

फ्रांस ट्रिप मेमोरीज फोल्डर

फ्रांस यात्रा के दौरान बहुत मजा आया दोस्त. लेकिन वहां के प्रेसीडेंट फ्रंस्वा ओलांद साहब थोड़े मजाकिया हैं. बताओ. ये किताब मेरे हैंड शेक से ज्यादा जरूरी तो नहीं थी.

लेडीज की रेस्पेक्ट

दुनिया जानती है कि लेडीज की कित्ती रेस्पेक्ट करते हैं हमारे मोदी जी. किसी को शिकायत का मौका नहीं देते. खुद बढ़ कर हाथ मिलाते हैं हमेशा. कभी-कभी टाइमिंग गड़बड़ा जाती है.

अंग्रेज हमसे जलते क्यों हैं

डेविड कैमरन भी न. सो बैकवर्ड टाइप. अमां यार ताली देनी होती है जब कोई ऐसे करे तो.

with david camron

खैर माफ किया जाओ

बच्चे मन के सच्चे, कान के कच्चे

इसीलिए प्रधानमंत्री बच्चों से मिलते ही उनके कान का ऑपरेशन कर देते हैं. न रहेगा कान न होगा कच्चा पक्का.

इन पार्टी मूड

पता नहीं ये कहां के सीरियस डिस्कशन की फोटू है. कम्बख्तों ने इसे भी नहीं बख्शा. लग रहा है दोनों मित्र खाने की टेबल पर होने वाली हलचल के इंतजार में हैं.

Awwwwww

दुबई ट्रिप की भावुक कर देने वाली यादें. बादशाह सलामत भी हमारे प्रधानमंत्री के साथ इमोशंस में बह गए.

डोंट यू डेयर ब्लॉक द कैमरा

फेसबुक पर तो बहुत बातचीत होती थी. अब इच्छा थी कि आमने सामने मिला जाए. फोटो शोटो खिंचवाया जाए. लेकिन जब फोटो सेशन की बारी आई तो जकरबर्ग उतर आए बेइमानी पर. अरे हटो भई ये क्या हरकत है.

Kool dUdE

लेकिन जो बात है वो बात है. फोटो का असली पोज तो यही है भाईसाब.

mera chand mujhe aya hai najar

नादान दोस्त से समझदार दुश्मन भला

PIB के दफ्तर में पता नहीं किसने ये मजाक किया था. मोदी जी की प्लेन सीट वाली फोटो मोडिफाई करके चेन्नई की बाढ़ दिखा दी थी. इतनी ऊंचाई से इतनी क्लियर पिक्चर. फिर तो लोगों ने भी दिखाया फोटोशॉप का हुनर.

watching flood 1

watching flood 4

watching flood2

watching flood 3

झंडा उल्टा हुआ हमारा

शिंजो आबे भी वहीं खड़े थे. वो भी नहीं बताए. मोदी जी भी नहीं नोटिसियाए कि नेशनल फ्लैग उल्टा लगा है. झंडे का अपमान हुआ और बमचक मच गई.

जन गण मन की बात

ये वाला लेटेस्ट है. जब रूस में अपनी नेशनल एंथम चालू होते ही चल पड़े थे. फिर हाथ पकड़ कर खड़े किए गए.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

गिल्टी: मूवी रिव्यू (नेटफ्लिक्स)

#MeToo पर करण जौहर की इस डेयरिंग की तारीफ़ करनी पड़ेगी.

कामयाब: मूवी रिव्यू

एक्टिंग करने की एक्टिंग करना, बड़ा ही टफ जॉब है बॉस!

फिल्म रिव्यू- बागी 3

इस फिल्म को देख चुकने के बाद आने वाले भाव को निराशा जैसा शब्द भी खुद में नहीं समेट सकता.

देवी: शॉर्ट मूवी रिव्यू (यू ट्यूब)

एक ऐसा सस्पेंस जो जब खुलता है तो न सिर्फ आपके रोंगटे खड़े कर देता है, बल्कि आपको परेशान भी छोड़ जाता है.

ये बैले: मूवी रिव्यू (नेटफ्लिक्स)

'ये धार्मिक दंगे भाड़ में जाएं. सब जगह ऐसा ही है. इज़राइल में भी. एक मात्र एस्केप है- डांस.'

फिल्म रिव्यू- थप्पड़

'थप्पड़' का मकसद आपको थप्पड़ मारना नहीं, इस कॉन्सेप्ट में भरोसा दिलाना, याद करवाना है कि 'इट्स जस्ट अ स्लैप. पर नहीं मार सकता है'.

फिल्म रिव्यू: शुभ मंगल ज़्यादा सावधान

ये एक गे लव स्टोरी है, जो बनाई इस मक़सद से गई है कि इसे सिर्फ लव स्टोरी कहा जाए.

फिल्म रिव्यू- भूत: द हॉन्टेड शिप

डराने की कोशिश करने वाली औसत कॉमेडी फिल्म.

फिल्म रिव्यू: लव आज कल

ये वाली 'लव आज कल' भी आज और बीते हुए कल में हुए लव की बात करती है.

शिकारा: मूवी रिव्यू

एक साहसी मूवी, जो कभी-कभी टिकट खिड़की से डरने लगती है.