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गर्भवती महिला को बांग्लादेश डिपोर्ट किया, घरवाले बोले- अगर बच्चा वहां पैदा हुआ तो किसका नागरिक?

Sunali Bibi के केस की सुनवाई Calcutta High Court में हो रही है. कोर्ट ने Delhi Police से मामले की सभी डिटेल्स प्रस्तुत करने को कहा है. और बंगाल के मुख्य सचिव को दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ समन्वय करने को कहा है.

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19 अगस्त 2025 (पब्लिश्ड: 10:01 AM IST)
Sunali bibi bangladesh tmc bengal delhi police
दिल्ली पुलिस ने सुनाली बीबी को बांग्लादेश डिपोर्ट किया. (इंडिया टुडे)
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सुनाली बीबी (Sunali Bibi) को अवैध प्रवासी होने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेश (Bangladesh) डिपोर्ट कर दिया था. उस वक्त सुनाली प्रेग्नेंट थी. अब इस मामले में सुनाली के परिवार ने कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) का दरवाजा खटखटाया है. और सवाल पूछा है कि यदि वह पड़ोसी देश में बच्चे को जन्म देती हैं तो उसका क्या होगा? सुनाली बीबी, उनके पति दानिश और आठ साल के बेटे को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. और 26 जून को उन सभी को बांग्लादेश भेज दिया था.

सुनाली और उनका परिवार पिछले दो दशकों से दिल्ली में कूड़ा बीनने और घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर रहा है. उनको हिरासत में लिए जाने के बाद परिवार ने पहले दिल्ली की एक कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. लेकिन फिर अपनी याचिका वापस ले ली. फिर पश्चिम बंगाल प्रवासी श्रमिक कल्याण बोर्ड की मदद से उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका दायर की. 

सुनाली बीबी की मां ज्योत्सनारा बीबी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,  

मेरी बेटी आठ महीने की प्रेग्नेंट है. इस महीने के अंत तक या अगले महीने उसका प्रसव होना है. हमें नहीं पता कि वे बांग्लादेश में कैसे रह रहे हैं. हमें नहीं पता कि वह वहां बच्चे को कैसे जन्म देगी. और क्या बच्चा बांग्लादेशी नागरिक होगा? हमारी आखिरी उम्मीद अदालत पर है.

ज्योत्सनारा बीबी पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में रहती हैं. सुनाली की तरह बीरभूम के धितोरा गांव की रहने वाली स्वीटी बीबी को उनके 6 और 16 साल के दो बच्चों के साथ हिरासत में लेकर बांग्लादेश भेज दिया गया. दोनों परिवारों को दिल्ली के केएन काटजू मार्ग थाने में हिरासत में लिया गया. और फिर उन्हें बांग्लादेश निर्वासित कर दिया गया.

दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इस मामले में उचित प्रक्रिया का पालन किया गया है.  फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) ने दोनों परिवारों के दस्तावेजों की समीक्षा की. और इसके बाद उनको निर्वासित कर दिया गया. मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है. 

सुनाली बीबी के केस की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट में हो रही है. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मामले की सभी डिटेल्स प्रस्तुत करने को कहा है. और बंगाल के मुख्य सचिव को दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ समन्वय करने को कहा है. 

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बता दें कि देश भर में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान चल रहा है. इस अभियान के तहत गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और मध्य प्रदेश में कई लोगों को हिरासत में लिया गया. और उन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया है. मुंबई और राजस्थान में भी नौ लोगों को हिरासत में लेकर बांग्लादेश भेजा गया था. लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार के हस्तक्षेप के बाद इनको वापस लाया गया.

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