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सांसदों की सैलरी, भत्ता, पेंशन सब बढ़ गया, पता है अब कितना पैसा मिलेगा?

MPs salary, pension Hike: संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में वर्तमान सदस्यों के दैनिक भत्ते और पेंशन में भी वृद्धि की गई है. इतना ही नहीं, पूर्व सांसदों के लिए पांच वर्ष से अधिक की सेवा के प्रत्येक वर्ष के हिसाब से अतिरिक्त पेंशन की घोषणा भी की गई है.

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24 मार्च 2025 (अपडेटेड: 24 मार्च 2025, 07:53 PM IST)
Centre notifies 24 percent hike in salaries, pensions for MPs and ex-Parliamentarians
मौजूदा और पूर्व सांसदों को दिए जाने वाले वेतन और भत्ते में इससे पहले अप्रैल 2018 में संशोधन किया गया था. (फोटो- PTI)
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केंद्र सरकार ने 24 मार्च को सांसदों और पूर्व सांसदों के वेतन से जुड़ी एक बड़ी घोषणा की है. सांसदों और पूर्व सांसदों के वेतन, दैनिक भत्ते और पेंशन में 1 अप्रैल, 2023 से 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में वर्तमान सदस्यों के दैनिक भत्ते और पेंशन में भी वृद्धि की गई है (Centre notifies 24 percent hike in salaries, pensions for MPs). इतना ही नहीं, पूर्व सांसदों के लिए पांच वर्ष से अधिक की सेवा के प्रत्येक वर्ष के हिसाब से अतिरिक्त पेंशन की घोषणा भी की गई है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा सांसदों को अब 1.24 लाख रुपये मासिक वेतन मिलेगा. इससे पहले उन्हें 1 लाख रुपये की सैलरी मिलती थी. नोटिस के अनुसार, दैनिक भत्ते 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिए गए हैं. इसमें कहा गया है कि पूर्व सांसदों की पेंशन 25,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 31,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है.

नोटिस की माने तो पूर्व सांसदों को पांच वर्ष से अधिक की सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए अतिरिक्त पेंशन 2,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है.

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पूर्व सांसदों की पेंशन 25,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 31,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है.

संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन की घोषणा की गई थी. मौजूदा और पूर्व सांसदों को दिए जाने वाले वेतन और भत्ते में इससे पहले अप्रैल 2018 में संशोधन किया गया था. 2018 में संशोधन के तहत सांसदों के लिए बेसिक वेतन 1,00,000 रुपये प्रति महीने घोषित किया गया था. इस राशि को निर्धारित करने का उद्देश्य उनके वेतन को मुद्रास्फीति की दरों और जीवन की बढ़ती लागत के अनुरूप लाना था.

2018 के संशोधन के अनुसार, सांसदों को अपने कार्यालयों को चलाने और अपने संबंधित जिलों में मतदाताओं से संवाद बनाए रखने की लागत का भुगतान करने के लिए निर्वाचन क्षेत्र भत्ते के रूप में 70,000 रुपये का भत्ता मिलता है. इसके अलावा, उन्हें कार्यालय भत्ते के रूप में प्रति माह 60,000 रुपये और संसदीय सत्रों के दौरान 2,000 रुपये दैनिक भत्ते के रूप में मिलते हैं. इन भत्तों में भी अब बढ़ोतरी की जाएगी.

इसके अलावा, सांसदों को फोन और इंटरनेट के इस्तेमाल के लिए सालाना भत्ता भी मिलता है. वो अपने और अपने परिवार के लिए प्रति वर्ष 34 मुफ़्त घरेलू उड़ानों का आनंद लेते हैं, और पेशेवर और व्यक्तिगत उपयोग के लिए किसी भी समय प्रथम श्रेणी की ट्रेन यात्रा का आनंद ले सकते हैं. वो सड़क का उपयोग करने पर माइलेज भत्ता भी ले सकते हैं. सांसदों को सालाना 50,000 मुफ्त बिजली यूनिट और 4,000 किलोलीटर पानी का लाभ भी मिलता है.

सरकार उनके आवास और रहने की व्यवस्था का भी ध्यान रखती है. अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान, सांसदों को नई दिल्ली में किराए-मुक्त आवास प्रदान किया जाता है. उन्हें अपनी वरिष्ठता के आधार पर अपार्टमेंट या बंगले मिल सकते हैं. जो व्यक्ति आधिकारिक आवास का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, वो मासिक आवास भत्ते के लिए पात्र होते हैं.

वीडियो: संसद में आज: सदन में अमित शाह ने क्या कहा? नड्डा ने ओवर वेट सांसदों को क्या सलाह दी?

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