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लिंक भेजा है, App डाउनलोड करो... मिनटों में ऐसे उड़ी रिटायर्ड टीचर के जीवन भर की कमाई

KYC Fraud: पीड़ित महिला साउथ दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल की हेडमास्टर रह चुकी हैं. वह 2019 में रिटायर हो गई थीं. उन्होंने बताया कि ये उनकी जीवन भर की सेविंग थी, जिसे ठगों ने कुछ ही देर में साफ कर दिया. साइबर ठगों ने इस साजिश को अंजाम कैसे दिया?

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delhi cyber fraud on whatsapp kyc verification of bank account teacher loses Rs 47 lakh
साइबर ठगों ने मैसेज के जरिए KYC अपडेट करने के लिए कहा था (फोटो: आजतक/सांकेतिक)
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अर्पित कटियार
31 मार्च 2025 (Updated: 31 मार्च 2025, 12:00 PM IST)
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दिल्ली (Delhi) की रहने वाली एक महिला के अकांउट से साइबर ठगों ने 47 लाख रुपये की ठगी कर ली (Delhi Cyber Fraud). पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि साइबर अपराधियों ने मैसेज के जरिए उन्हें KYC अपडेट करने के लिए कहा था. साथ ही उन्हें एक ऐप का लिंक भी भेजा गया, जिसे डाउनलोड करते ही कुछ घंटो के अंदर ठगों ने अकांउट से पैसे उड़ा दिए. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है.

कैसे दिया साजिश को अंजाम?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 59 साल की रेणु विश्वनाथ, साउथ दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल की हेडमास्टर रह चुकी हैं. वह 2019 में रिटायर हो गईं थी. उन्होंने बताया कि ये उनकी जीवन भर की बचत थी, जिसे ठगों ने कुछ ही देर में साफ कर दिया. महिला ने बताया कि 25 मार्च को वॉट्सऐप पर उन्हें बैंक के नाम से एक मैसेज मिला. मैसेज भेजने वाले की प्रोफाइल पिक्चर में यूको बैंक की फोटो दिख रही थी. उन्होंने आगे बताया,

‘मैसेज में कहा गया कि अगर मैंने अपना KYC वेरिफाई नहीं कराया तो मेरा अकाउंट सस्पेंड कर दिया जाएगा. इसके बाद उन्होंने हेल्प के लिए मुझे एक नंबर भी भेजा. जैसे ही मैंने नंबर डायल किया, दूसरी तरफ से एक विनम्र आवाज ने मेरा स्वागत किया.’

महिला ने बताया कि बातचीत से बिल्कुल भी नहीं पता चला कि कुछ गड़बड़ है. उसने खुद को कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताया. इसके बाद एक दूसरे नंबर से वॉट्सऐप के जरिए एक मैसेज भेजा गया. इसमें कहा गया कि उन्हें अपनी डिवाइस पर एक APK फाइल डाउनलोड करनी पड़ेगी. आगे उन्होंने बताया, 

‘फोन करने वाले ने एक फॉर्म भरने के लिए कहा था. उस फॉर्म में मेरा नाम और डेबिट कार्ड की जानकारी के साथ-साथ अन्य जानकारियां भी भरनी थीं. दोपहर 2 बजे के आसपास उसने फॉर्म भरना शुरू किया. तभी सच्चाई सामने आने लगी. मैंने अपने फोन पर कई मैसेज देखे, जिससे पता चला कि मेरा अकाउंट खाली किया जा रहा था.’

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47 लाख रुपये ट्रांसफर

पीड़ित महिला ने बताया कि कथित तौर पर उस APK फाइल का इस्तेमाल उसके डिवाइस से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए किया गया था. उन्होंने कहा,

‘मुझे अपने फोन पर 10 लाख, 2 लाख... और इसी तरह के मैसेज दिखने लगे, जो मेरे खाते से डेबिट हो रहे थे. लेकिन जब मैंने उससे पूछा तो उसने मुझे बताया कि यह नॉर्मल प्रोसेस है और मेरा पैसा सुरक्षित है.’

महिला ने बताया कि शाम 5.30 बजे तक उनके खाते से 40 से ज्यादा ट्रांजेक्शन में 47 लाख रुपए ट्रांसफर हो चुके थे. अगले दिन यानी 26 मार्च को उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. घटना के 5 दिन बाद रविवार 30 मार्च को पुलिस ने बताया कि जालसाजों ने कथित तौर पर एक म्यूल अकाउंट बनाया था. इसका इस्तेमाल फाइनेंसियल क्राइम के लिए किया जाता था. पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है.

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