Submit your post

Follow Us

मोदी जी, अगर आप सच बोल रहे हैं तो मनमोहन सिंह को गिरफ्तार क्यों नहीं कर लेते

4.33 K
शेयर्स

संस्कृत का एक श्लोक है

सत्यं ब्रूयात्, प्रियं ब्रूयात्, न ब्रूयात् सत्य अप्रियं.
प्रियं च नानृतम् ब्रूयात्, एष धर्मः सनातन:

हिंदी में समझें तो इसका मतलब होता है

सच बोलो, प्रिय बोलो, जो सच अप्रिय हो वो मत बोलो. जो प्रिय हो लेकिन झूठा हो वो नहीं बोलना चाहिए. यही सनातन धर्म है.

तो मितरो! बात ये है कि बनावट के उसूलों से सच्चाई को छिपाया नहीं जा सकता है. गुजरात में चुनाव हैं. लोगों ने इतने चुनाव देख लिए हैं कि नेताओं के वादों को सुनते ही झूठा करार दे देते हैं. बात जब देश की हो तो उसमें झूठ के शामिल होने की गुंजाइश कम ही होती है. लेकिन इस चुनाव में इस मामूली गुंजाइश ने भी एक बड़ी सी जगह बना ली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर को गुजरात के पालनपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने 8 दिसंबर को बनासकांठा में किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा.
प्रधानमंत्री मोदी ने 8 दिसंबर को बनासकांठा में किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा.

उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव में पाकिस्तान सीधे तौर पर हस्तक्षेप कर रहा है और कांग्रेस के नेता सीमापार से मदद ले रहे हैं. उन्होंने दावा किया-

‘कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के घर पर एक बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान के उच्चायुक्त, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री, भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिस्सा लिया. इस मीटिंग के बाद पाकिस्तान के उच्च पदों पर बैठे लोग गुजरात में पटेल को सीएम बनाने के लिए सहयोग की पहल कर रहे हैं.’

मोदी ने यह भी दावा किया कि इस मीटिंग के बाद भी मणिशंकर अय्यर ने उन्हें नीच कहा था. पीएम ने कहा-

‘एक तरफ पाकिस्तानी सेना के पूर्व डीजी गुजरात के चुनाव में हस्तक्षेप कर रहे हैं, दूसरी तरफ पाकिस्तान के लोग मणिशंकर अय्यर के घर पर बैठक कर रहे हैं. क्या आप नहीं मानते कि इस तरह की घटनाएं संदेह पैदा करती हैं. इस बैठक के तुरंत बाद कांग्रेसी गुजरात के आम लोगों की, यहां की पिछड़ी आबादी की, गरीब लोगों की और मोदी की बेइज्जती करते हैं, क्या आपको नहीं लगता इन पर शक़ किया जाना चाहिए. कांग्रेस को देश की जनता को बताना चाहिए कि क्या योजना बन रही थी.’

modi1
पाकिस्तान के अलावा पीएम मोदी ने राम मंदिर का भी जिक्र गुजरात चुनाव में किया है.

अपने भाषण में मोदी ने कहा-

”पाकिस्तानी सेना के पूर्व डायरेक्टर जनरल सरदार अरशद रफ़ीक़ गुजरात के अगले मुख्यमंत्री के रूप में अहमद पटेल को देखना चाहते हैं.”

इससे पहले भी आठ दिसंबर को जब पीएम मोदी ने बनासकांठा के भाभर में रैली की थी, तो कहा था-

”मणिशंकर अय्यर जब पाकिस्‍तान गए थे तो उन्‍होंने लोगों से कहा था कि मोदी को हटा दो और फिर देखें भारत-पाकिस्‍तान शांति का क्‍या होगा.”

ये तो रही मोदी की बात. कांग्रेस इन बातों को खारिज कर रही है. चलिए कांग्रेस की बातों को नहीं मानते हैं, क्योंकि उन्हीं पर आरोप लगा है.  बात करते हैं तीसरे पक्ष की, जो उस मीटिंग में मौजूद था.

एक वरिष्ठ पत्रकार, कश्मीर मुद्दे पर किताब लिख चुके और पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के सूचना सलाहकार प्रेम शंकर झा ने बीबीसी को बताया है कि वो खुद इस मीटिंग में मौजूद थे. प्रेम शंकर झा का कहना है प्रधानमंत्री जिस बैठक का हवाला दे रहे हैं, वो 6 दिसंबर को हुई थी और करीब तीन घंटे तक चली थी. इस बैठक में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी भी मौजूद थे. प्रेम शंकर झा के मुताबिक यह एक निजी मुलाक़ात थी. कसूरी और अय्यर पुराने दोस्त हैं. इस बैठक में भारत-पाक रिश्तों को कैसे बेहतर किया जाए, इस पर बात हुई थी. इसके अलावा कश्मीर की समस्या पर भी बात हुई, लेकिन गुजरात पर कोई चर्चा नहीं हुई. इस बैठक में गुजरात चुनाव का कोई जिक्र ही नहीं हुआ. बैठक में गुजरात या फिर अहमद पटेल का नाम तक नहीं लिया गया.

प्रेम शंकर झा पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के सूचना सलाहकार रह चुके हैं.
प्रेम शंकर झा पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के सूचना सलाहकार रह चुके हैं.

ये कहना एक वरिष्ठ पत्रकार का है. आप इसे भी खारिज करना चाहते हैं. ठीक है, इसे भी खारिज कर दीजिए. लेकिन इस एक शख्स की बात को तो आप किसी तरह से खारिज नहीं कर सकते. वो शख्स हैं. भारत के पूर्व सेनाध्यक्ष दीपक कपूर. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा है-

”मणिशंकर के घर हुई बैठक में मैं मौजूद था. बैठक में सिर्फ भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर बातचीत हुई थी और किसी मुद्दे पर नहीं.”

मेजर जनरल दीपक कपूर पूर्व सेनाध्यक्ष रह चुके हैं.
मेजर जनरल दीपक कपूर पूर्व सेनाध्यक्ष रह चुके हैं.

इस देश में लोगों का संविधान के बाद किसी चीज पर सबसे ज्यादा भरोसा है, तो वो है इंडियन आर्मी. लोग नेताओं के वादे और दावे को सुनकर परेशान हो चुके हैं, लेकिन भारतीय सेना की कही हुई एक-एक बात पर लोगों को 100 फीसदी यकीन होता है. और बात जब सेनाध्यक्ष जैसे सर्वोच्च पद पर बैठा व्यक्ति करे, तो उसपर शक-ओ-शुबह की किसी तरह की कोई गुंजाइश भी नहीं होती है. उसकी बातों को शक की निगाह से देखना पूरी सेना को शक की निगाह से देखना होगा.

बातें दो हैं, लेकिन सच्चाई तो एक ही हो सकती है. या तो पीएम मोदी झूठ बोल रहे हैं या फिर पत्रकार प्रेम शंकर झा और पूर्व सेनाध्यक्ष दीपक कपूर. दीपक कपूर पर किसी तरह की शक की गुंजाइश नहीं है, इसलिए नतीजा निकालना मुश्किल काम नहीं है.

नरेंद्र मोदी और मणि शंकर अय्यर (पुराने दिन)
नरेंद्र मोदी और मणि शंकर अय्यर (पुराने दिन)

अब बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की. एक बार को मान लेते हैं कि उनकी बात 100 फीसदी सच है. ठीक है, पूरी सहमति है. लेकिन फिर एक सवाल भी है. सवाल ये कि पाकिस्तान जिसे भाषणों में दुश्मन मुल्क बताया जाता है, (सिर्फ भाषणों में, क्योंकि केंद्र सरकार ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दे रखा है), उसका साथ देने वाला एक शख्स खुलेआम कैसे घूम रहा है. जब प्रधानमंत्री को इस बात का पता है कि दिल्ली में एक घर में पाकिस्तान के लोग बैठकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाता. बेहतर तो ये था कि जब पता चला कि दिल्ली में पाकिस्तान के लोगों के साथ गुप्त बैठक हो रही है, उस बैठक में मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व मंत्री मणिशंकर अय्यर, पत्रकार प्रेम शंकर झा और पूर्व सेनाध्यक्ष दीपक कपूर के साथ ही पाकिस्तानी डेलिगेट पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए पहले कानूनी कार्रवाई की जाती और फिर उसका जिक्र भाषणों में किया जाता.

लेकिन अफसोस, ऐसा नहीं हुआ. क्यों नहीं हुआ, इसका जवाब तो खुद पीएम मोदी ही दे सकते हैं. वो प्रधानमंत्री हैं. पूरे देश के प्रधानमंत्री. गुजरात चुनाव को एक बार के लिए किनारे रख के देखें, तो दुनिया में भारत का प्रतिनिधित्व उनके जिम्मे है. अगर सब कुछ जानते हुए वो खुद को गुजरात के चुनाव तक समेट लेगें, तो फिर देश का क्या होगा.

झूठ तो कांग्रेस ने भी बोला है

Anand Sharma
कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा था कि ऐसी कोई मीटिंग नहीं हुई है.

जब पीएम मोदी ने आरोप लगाए  कि कांग्रेस के एक नेता के घर पाकिस्तान के अधिकारियों की बैठक हुई, तो कांग्रेस ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया. कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि मोदी या तो इस बात को और मुलाकात को साबित करें या फिर पीएम अपने शब्द वापस लें और माफी मांगे. पत्रकार प्रेम शंकर झा और पूर्व सेनाध्यक्ष की बातों से एक बात तो साफ है कि बैठक हुई है. ऐसे में कांग्रेस का भी ये दावा झूठा साबित हुआ है कि बैठक नहीं हुई थी.

अब पाकिस्तान की भी सुन लीजिए

प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों पर सियासत तेज हुई तो पाकिस्तान से भी बयान आ ही गया. इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने अपना पल्ला झाड़ लिया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने ट्वीट कर कहा है कि चुनावी बहस में भारत को पाकिस्तान को घसीटना बंद करना चाहिए. साजिशों की बजाय अपने दम पर चुनावी जीत हासिल करने की कोशिश करें. ऐसे आरोप बेबुनियाद और गैरजिम्मेदाराना हैं.

और आखिर में  बात जब गुजरात से ही निकली है, तो फिर एक गुजराती की भी बात कर लेते हैं.

gandhi

मोहन दास करमचंद गांधी नाम का एक शख्स पैदा हुआ था इसी गुजरात में. भारत को आजादी दिलाने के लिए क्या कुछ नहीं किया. सत्य और अहिंसा भी हथियार के तौर पर इस्तेमाल हो सकते हैं, पूरी दुनिया ने उसी शख्स से जाना. आधुनिक भारत में उस शख्स को महात्मा की उपाधि दी गई और फिर उसे बापू के नाम से नवाजा गया. उन्होंने सत्य के बारे में अपनी आत्मकथा माई एक्सपेरिमेंट विथ ट्रूथ (सत्य के साथ मेरे प्रयोग) में लिखा है-

‘सत्य मेरे लिए सर्वोपरि सिद्धांत है. मैं वचन और चिंतन में सत्य की स्थापना करने की कोशिश करता हूं. मैं सत्य के रूप में परमात्मा की पूजा करता हूं. सत्य की खोज में अपनी प्रिय चीज की भी बलि चढ़ा सकता हूं’.

तो मितरो! सत्य की खोज करिए, सत्य बोलिए, चुनाव तो हर साल कहीं न कहीं होता ही रहेगा. अगर एक बार सत्य से हटे तो फिर कोई भी क्यों न हो, ये देश और देश के लोग उसे कहीं का नहीं छोड़ेंगे.


वीडियो में देखिए उस शख्स को जिसने गुजरात के सभी मुख्यमंत्री बनते देखे

ये भी पढ़ें:

Gujarat Elections 2017: ख़ाक निष्पक्ष चुनाव कराएगा चुनाव आयोग, नियम तक तो पता नहीं हैं

हार्दिक पटेल Interview: परिवार जिस बीजेपी का कट्टर समर्थक था, उससे वो नफरत क्यों करते हैं

गुजरात चुनाव के पहले ही दिन EVM मशीनों के हैक होने का सच ये है

ग्राउंड रिपोर्ट वलसाडः वो जगह जहां से जीतने वाली पार्टी की गुजरात में सरकार बनती है

जगत प्रसिद्ध ‘गुजरात मॉडल’ को गुजरात में ही क्यों नहीं बेच रही है बीजेपी!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

चुनाव 2018

कमल नाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, कैबिनेट में ये नाम हो सकते हैं शामिल

कमल नाथ पहली बार दिल्ली से भोपाल की राजनीति में आए हैं.

राजस्थान: हो गया शपथ ग्रहण, CM बने गहलोत और पायलट बने उनके डेप्युटी

राहुल गांधी, मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के ज्यादातर बड़े नेता जयपुर के अल्बर्ट हॉल पहुंचे हैं.

मायावती-अजित जोगी के ये 11 कैंडिडेट न होते, तो छत्तीसगढ़ में भाजपा की 5 सीटें भी नहीं आती

कांग्रेस के कुछ वोट बंट गए, भाजपा की इज़्ज़त बच गई.

2019 पर कितना असर डालेंगे पांच राज्यों के चुनावी नतीजे?

क्या मोदी के लिए परेशानी खड़ी कर पाएंगे राहुल गांधी?

क्या अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए अपनी गोटी सेट कर ली है

लेकिन सचिन पायलट का एक दाव अशोक गहलोत को चित्त कर सकता है.

मोदी सरकार के लिए खतरे की घंटी क्यों हैं ये नतीजे?

आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो पांच राज्यों में भाजपा को क्यों लगेगा जोर का झटका?

भंवरी देवी सेक्स सीडी कांड से चर्चित हुई सीटों पर क्या हुआ?

इस केस में विधायक और मंत्री जेल में गए.

क्या शिवराज के कहने पर कलेक्टरों ने परिणाम लेट किए?

सोशल मीडिया का दावा है. जानिए कि परिणामों में देरी किस तरह हो जाती है.

राजस्थान चुनाव 2018 का नतीजा : ये कांग्रेस की हार है

फिनिश लाइन को पार करने की इस लड़ाई में कांग्रेस ने एक बड़ा मौका गंवा दिया.

बीजेपी को वोट न देने पर गद्दार और देशद्रोही कहने वाले कौन हैं?

जनता ने मूड बदला तो इनके तेवर बदल गए और गालियां देने लगे.