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गॉडमदर संतोखबेन जडेजा की सीट पर क्या हुआ

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विधानसभा: कुतियाणा (पोरबंदर)

एनसीपी 23,709 वोटों से जीती.

एनसीपी के कांधल जडेजा कोः 59,406 वोट

बीजेपी के लक्ष्मणभाई भीमा दुला ओडेदरा कोः 35,697 वोट

2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए उतरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या राहुल गांधी, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल हों या दलित नेता जिग्नेश मेवानी, सब की ज़ुबान पर किसी न किसी तरीके से महात्मा गांधी का नाम आया ही था. आना स्वाभाविक भी था. महात्मा गांधी गुजरात से जो थे. उनकी पैदाइश पोरबंदर की थी. उस पोरबंदर की, जहां की कुतियाणा विधानसभा, 2017 के चुनाव में अपने कैंडिडेट्स की वजह से चर्चा में रही. कारण उनका बैकग्राउंड था. गुंडई-बदमाशी का बैकग्राउंड. बीजेपी के कैंडिडेट लक्ष्मणभाई हों या एनसीपी के कांधल जडेजा, दोनों पर ही तमाम मुकदमे दर्ज हैं.

यहां की पॉलिटिक्स समझें

# बीजेपी ने यहां लक्ष्मणभाई भीमा दुला ओडेदरा को उम्मीदवार बनाया था, जो पोरबंदर के गैंगस्टर कहे जाने वाले भीमा दुला के बेटे और बीजेपी के पूर्व विधायक रहे करसन दुला ओडेदरा के भतीजे हैं. लक्ष्मण और उनके पिता पर 2005 में कांग्रेस नेता मुलु मोढवाडिया के मर्डर का आरोप लगा था. हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी. चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

विजेता एनसीपी उम्मीदवार कांधल जडेजा कुख्यात लेडी डॉन संतोखबेन के बेटे हैं. संतोखबेन को गुजरात में गॉडमदर के नाम से जाना जाता है, जिन पर फिल्म भी बनी है. जब राज्यसभा के चुनाव हुए थे, तो कांधल जडेजा ने बीजेपी उम्मीदवार को वोट दिया था. कांधल जडेजा को उम्मीद थी कि बीजेपी उन्हें कुतियाणा से उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बावजूद वो जीते.

गुजरात के पोरबंदर जिले की विधानसभाओं का महत्व महात्मा गांधी का जन्मस्थान होने के कारण और बढ़ जाता है.
गुजरात के पोरबंदर जिले की विधानसभाओं का महत्व महात्मा गांधी का जन्मस्थान होने से और बढ़ जाता है.

कांधल जडेजा पर भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. कांधल अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल भी जा चुके हैं. संतोखबेन को चिमनभाई पटेल का करीबी माना जाता था. संतोखबेन पर टाडा के तहत भी केस चला था. संतोखबेन और उसके गैंग पर 500 से भी अधिक मुकदमे दर्ज थे.

पिछले चुनाव का नतीजा

2012 में एनसीपी के कांधल जडेजा ने बीजेपी के करसन दुला ओडेदरा को 18 हजार से अधिक वोटों से हराया था. जडेजा को 61,416 वोट मिले थे. वहीं बीजेपी को 42,942 वोट मिले थे.


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