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WTC Final: मुंबई में पैदा हुआ, इंग्लैंड में रास्ता बदला और अब भारत को हराने उतरेगा ये क्रिकेटर

कुर्सी की पेटियां बंध रही हैं. हफ्तों चले इंतजार के बाद आखिरकार वो दिन आने ही वाला है. भारत और न्यूज़ीलैंड की टीमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए तैयार हैं.  और साथ ही तैयार हैं हम जैसे लोग भी. जो टेस्ट क्रिकेट के नए बादशाह का इस्तकबाल करने के लिए बेसब्र हैं. और इन तमाम तैयारियों के बीच न्यूज़ीलैंड ने चल दी है अपनी पहली चाल. और बता दिए हैं अपने वो 15 प्लेयर्स जिनमें से 11 देंगे विराट कोहली एंड कंपनी को टक्कर.

न्यूज़ीलैंड ने इस मैच के लिए अपनी ओरिजिनल 20 मेंबर्स की टीम से डग ब्रेसवेल, जैकब डफी, डैरेल मिशेल, रचिन रविंद्र और मिचेल सैंटनर को बाहर कर दिया है. यानी कि अब बचे टॉम लाथम, डेवन कॉन्वे, केन विलियमसन, रॉस टेलर, हेनरी निकल्स, विल यंग, बीजे वॉटलिंग, टॉम ब्लंडल, कोलिन डे ग्रैंडहोम, काएल जेमिसन, टिम साउदी, नील वैग्नर, एजाज़ पटेल, ट्रेंट बोल्ट और मैट हेनरी.

इन प्लेयर्स में एक नाम है जो थोड़ा सा चौंकाने वाला लग रहा है. एजाज़ पटेल. 32 साल के एजाज़ को मिचेल सैंटनर पर वरीयता मिली है.  भारत के खिलाफ होने वाले WTC फाइनल के लिए न्यूज़ीलैंड की स्क्वॉड में सेलेक्शन होने के बाद एजाज़ ने क्रिकइंफो से कहा था,

‘मैं खुद पर कोई प्रेशर नहीं डालना चाहता. मेरे लिए विश्वास एक बड़ा फैक्टर है, जो मुझे जमीन से जुड़े रहने और मुझ पर आ रही तमाम चुनौतियों के आगे सहज रहने में मदद करता है. मैं कड़ी मेहनत कर अपना गेम डेवलप करना और लगातार बेहतर होना चाहता हूं जिससे जब भी मौका आए मैं उसका पूरा फायदा उठा पाऊं.’

# कौन है Ajaz Patel?

ऐसे में हमने सोचा कि क्यों ना थोड़ी खोजबीन कर आपको बताया जाए कि आखिर ये मेहनती और विश्वासी एजाज़ पटेल हैं कौन. इनका बेसिक परिचय ये है कि ये भारतीय मूल के हैं. अब आपको आगे की बात बताते हैं. एजाज़ बचपन से लेफ्ट आर्म सीमर थे. आज से कुछ 10-12 साल पहले न्यूज़ीलैंड की अंडर-19 टीम में जगह नहीं मिली तो प्लान में थोड़ा चेंज आया. इंग्लिश काउंटी सरे के क्रैनली क्रिकेट क्लब से इन्होंने स्पिन बोलिंग शुरू की. और उस साल की गर्मियां इसी क्लब के लिए बोलिंग करते हुए बिताईं.

एजाज़ को स्पिनर बनाने में न्यूज़ीलैंड के पूर्व दीपक पटेल का भी बड़ा हाथ रहा. उन्होंने घंटों तक साथ खड़े होकर एजाज़ को एक स्पिनर से पेसर बनाया. इन सेशंस का एजाज़ को खूब फायदा मिला. शायद इन्हीं सेशंस का कमाल है कि अब वह WTC फाइनल खेलने के इतना क़रीब हैं.

लेकिन चीजें इतनी आसान नहीं थीं. एजाज़ मुंबई में पैदा हुए थे. जब वह सिर्फ आठ साल के थे, तभी उनका परिवार न्यूज़ीलैंड शिफ्ट हो गया. यहां उनके पिता ने जब अपना बिजनेस सेटअप करना चाहा तो तमाम दिक्कतों के साथ एक दिक्कत भाषा की भी आई. उन्होंने बहुत मेहनत के बाद अंग्रेजी सीखी और धीरे-धीरे उनका बिजनेस भी चलने ही लगा.

अपने पिता का संघर्ष देख चुके एजाज़ का मानना है कि उनके लिए कोई भी चीज मुश्किल नहीं है. अगर उनके पिता एकदम नई जगह, नए कल्चर में आकर सफल हो सकते हैं, तो उनके पास तो असफल होने का कोई कारण ही नहीं है. न्यूज़ीलैंड आने के बाद एजाज़ ने तमाम स्कूलों में एक पेसर के रूप में खूब ट्रायल्स दिए. ऐसे ही एक स्कूल ट्रायल में मार्टिन गप्टिल ने उन्हें इतना लंबा छक्का मारा, इतना लंबा छक्का मारा कि एजाज़ को वह शॉट और वह दिन आज भी याद है.

साल 2010 में क्रैनली के साथ पहली बार स्पिन बोलिंग करने वाले एजाज़ ने इसके बाद छह सीजन सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के लिए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेली. तब कहीं जाकर साल 2018 में उन्हें न्यूज़ीलैंड डेब्यू का मौका मिला. एजाज़ को टेस्ट में मौका मिलने का क़िस्सा भी मजेदार है. क्रिकइंफो के मुताबिक एक रात वह अपने परिवार के लगभग 30 लोगों के साथ खाना खा रहे थे. और उसी वक्त उन तक ख़बर आई कि वह पाकिस्तान के खिलाफ खेलने वाली न्यूज़ीलैंड की टीम में सेलेक्ट हो गए हैं. इस सेलेक्शन के बाद से उन्होंने कुल नौ टेस्ट मैचों में 26 विकेट लिए हैं.


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