Submit your post

Follow Us

भगवान जगन्नाथ की पूरी कहानी, कैसे वो लकड़ी के बन गए

11.03 K
शेयर्स

पुरी में श्री जगन्नाथ का मंदिर है. जहां इनकी आम भगवानों की तरह पत्थर की नहीं बल्कि लकड़ी की मूर्ति रखी हुई है. ये भगवान कैसे प्रकट हुए इसकी एक कहानी बहुत फेमस है. जहां लिखी है, उसका नाम आप पूरा पढ़ेंगे नहीं. फिर भी मैं बता दूं. ये स्कंद पुराण के वैष्णव खंड के ‘पुरुषोत्तम क्षेत्र महात्म्य’ में लिखी हुई है. ओह पूरा पढ़ लिया. शाबाश.

ये स्टोरी डमरू वाले शिवजी ने अपने बेटे कार्तिकेय और स्कंद को सुनाई थी. लेकिन ये पड़ोस वाली शर्मा आंटी की तरह चुपके से जैमिनी ऋषि ने सुन ली. शर्मा आंटी की तरह ही ऋषि ने ये स्टोरी अपने फ्रेंड्स यानी दूसरे तपस्वियों को सुनाई. जगन्नाथ बड़े आराम से अकेले अपनी गुफ़ा में रह रहे थे. गुफ़ा भी ऐसी जगह, जैसे कोई टूरिस्ट स्पॉट, घने जंगल और नीली पहाड़ी के बीच. जगन्नाथ को टिपिकल भगवान वाला लुक दिया जाता है. चार हाथ हैं. इनमें भी कुछ-कुछ पकड़ा हुआ है. ये उनके अस्त्र-शस्त्र हैं.

Lord-Vishnu

गुफा के पास जगन्नाथ का रोहिनी कुंड नाम का अपना एक पर्सनल स्विमिंग पूल था. और एक एवरग्रीन बरगद का पेड़ भी. स्विमिंग पूल ऐसा जिसमें एक डुबकी, स्वर्ग की सैर करा दे. एक बार एक कौआ इस स्विमिंग पूल में गिर गया. बाहर आया उस टिपिकल भगवान वाले लुक के साथ, जिस लुक को हम पहले डिसक्राइब कर चुके हैं.

यमराज को माधव से बहुत जलन होती थी. सोचते होंगे, ‘मैं यहा लावे में और वो स्विमिंग पूल में डुबकी लगा रहा है.’ ऐसे में यमराज क्यूट फेस लेकर जगन्नाथ के पास पहुंचे. उनको दोस्ती की दुहाई दी. जगन्नाथ इमोशनल हो गए. यमराज से कहा, ठीक है मैं गायब हो रहा हूं, लेकिन ब्रेक के बाद फिर आऊंगा.’

शर्मा आंटी की तितलियों से होती हुई ये खबर, अवंति के किंग इंद्रद्युम्न के कानों तक पहुंची. जैसे घर के छोटे बेटे को नए पड़ोसी के यहां तांका-झांकी करने के लिए भेज दिया जाता है. ठीक वैसे ही इस राजा ने अपने पुजारी विद्यापति को भगवान की गुफ़ा में जाने को कहा. छोटा बेटा यानी पुजारी निकल तो गया घर से लेकिन रास्ते में ही खो गया.

vishnu

एक कूल ट्राइबल लीडर विश्ववासु ने पुजारी को देखा. दोनों के बीच बातें हुईं तो पता चला कि ये ट्राइबल वाला भगवान का सो कॉल्ड फ्रेंड है. उनकी पूजा करके उन्हें खुश रखता है. शेखी झाड़ने के लिए विश्ववासु पुजारी को लेकिन भगवान की गुफ़ा गया. स्विमिंग पूल देखा, साथ ही भगवान का टिपिकल लुक भी. विश्ववासु ने उसे भगवान की एक माला दी और कहा अपने राजा को दे देना. पुजारी ठीक वैसे ही एक्साइटेड हुआ जैसे छोटा बच्चा नए पड़ोसी के यहां टॉफ़ी पाकर हो जाता है.

भगवान को बाद में लगा होगा,’यार बताओ इतनी आसानी से इंसानों को मिल जाऊंगा, तो अहमियत कम हो जाएगी.’ ऐसे में उन्होंने गोल्डन स्पार्कल आई मीन स्वर्णिम रेत छिड़ककर पूरी नीली पहाड़ी को ढ़क दिया. आसमान से लाउडस्पीकर पर बुलवा दिया, ‘इस दिन के बाद से माधव कभी नहीं दिखेंगे.’ बाकी के भगवान स्वर्ग में बैठे-बैठे सोचने लगे कि ये क्या हो गया. ब्रह्मा जी के पास पहुंचे तो उन्होंने कहा, ‘डोन्ट वरी, माधव अपने टिपिकल लुक से बोर हो गए हैं, नया लकड़ी की मूर्ति वाला लुक लेकर वापस आएंगे.’

rath_070311074510

पुजारी के आने की खबर राजा को लगी तो वो भागे-भागे उसे लेने पहुंचा. माला देखकर ऐसे खुश हुआ जैसे बेटे के हाथ में टॉफी देख पड़ोसी की अमीरी के बारे में सोचकर, हम हो जाते हैं. राजा कई लोगों को साथ लेकर भगवान के दर्शन के लिए निकला. ठीक वैसे ही जैसे पूरे परिवार समेत हम नए पड़ोसी के यहां खाने निकल जाते हैं. ब्रह्मा जी के बेटे नारद प्रकट हुए. कहने लगे, ‘मैं भी चलूंगा.’ राजा ने कहा, ‘चलो’.

बीच रास्ते में ही पता चल गया कि भगवान नहीं मिलेंगे. राजा रोने लगा. नारद ने समझाया, ‘बेटा रोते नहीं हैं, टिपिकल भगवान को खुश करने के लिए टिपिकल सहस्र अश्वमेध यज्ञ करो. यानी हज़ारों घोड़ों की बलि चढ़ाओ. बलि का मतलब विद्वानों ने अलग-अलग बताया है. इसका मतलब हर कोई घोड़ों की जान लेना नहीं मानता. इससे भगवान लकड़ी वाले फॉर्म में दर्शन देंगे.

ये सारे नीली पहाड़ी पर पहुंचे. इन्होंने देखा, वहां आधे शेर और इंसान के लुक वाले नरसिंह, दैत्य हिरण्यकश्यप को मारने में लगे हुए हैं. नरसिंह भी भगवान हैं, तो उन्हें खुश करने के लिए राजा ने पहले उनका मंदिर बनवा दिया. माधव ये सब कहीं से देख रहे थे. खुश हो गए. सोचा, ‘थोड़ा जादू दिखाने का टाइम आ गया है. लेकिन इनसे लकड़ी वाले लुक में ही मिलूंगा.’

radhma 3

राजा को पहले समुद्र में एक चटक लाल रंग का पेड़ तैरता दिखा. ये थे सुदर्शन जी. जिन्हें हम जगन्नाथ मंदिर में जगन्नाथ जी के बगल में खड़े देखते हैं. माधव ने अनाउंसमेंट करवा दी, ‘तुम्हारे बीच एक कारपेंटर है, अच्छी आर्ट भी आती है उसे. उससे कहो लकड़ी वाली मूर्ति बनाए.’

अपने आप को प्यारा चेहरा देने के लिए माधव खुद कारपेंटर बनकर सामने आ गए. कहा, ‘मैं एक दम वैसी ही मूर्ति बनाऊंगा, जैसे राजा अपने सपने में भगवान को इमैजिन करते हैं.’ राजा सोच रहा होगा, ‘कूल, बनाओ-बनाओ.’ 15 दिन में मूर्तियां तैयार. ये थे जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा और सुदर्शन. अब पेंट करने के बारे में भगवान ने सोचा होगा, ‘ये भी मैं करूं?’ फिर अनाउंसमेंट करवाई, ‘ जगन्नाथ पर डार्क ब्लू पेंट कर दो, बलभद्र को सफ़ेद कर दो, सुभद्रा पर पीला पोत दो और सुदर्शन पर चटक लाल फ़ेर दो.’

Jagannath_Balabhadra_Subhadra

स्पाइडरमैन ने कहा है, ‘बड़ी ताकत के साथ, बड़ी ज़िम्मेदारियां भी आती हैं’. ठीक वैसे ही जैसे नए पड़ोसियों के यहां दावत खाने पहुंचो और उनके घर में कुछ सामान न हो, तो आपको उलटा उन्हें खाने पर बुलाना पड़ता है. अब राजा को भगवानों के लिए मंदिर बनवाना था. राजा अच्छा था, उसने अपनी सारी जमा-पूंजी मंदिर बनवाने में लगा दी. नाराद ने कहा, ‘मैं पापा को बुला लाता हूं. राजा ने कहा, ‘रुको तनिक मंदिर बन जाने दो, मैं भी साथ चलूंगा स्वर्ग.’

मंदिर बनने के बाद ये दोनों ब्रह्मा से मिलने पहुंचे. ब्रह्मा ने वहां राजा को बताया, ‘बॉस तुम स्वर्ग आ गए. यहां के मुकाबले धरती पर टाइम जल्दी बीतता है. अब तुम पहुंचो वहां, सदियां बीत गई होंगी, वंशज सारे मर गए होंगे.’ राजा पहुंचा वापस धरती. ब्रह्मा जी ने तीन रथ तैयार कर दिए ताकि मूर्तियों को नरसिंह के पास से उठाकर नीली पहाड़ी के मंदिर में बैठा दिया जाए.

Screenshot_42

गाला नाम का एक राजा था. उसके पास अब भी माधव के टिपिकल भगवान वाले लुक की मूर्ति थी. राजा इंद्रद्युम्न को पता चला तो गाला के घर से मूर्ति उठवा दी. इंद्रद्युम्न ने सोचा होगा, ‘लकड़ी वाले मिल रहे हैं, ये पत्थर के लेकर बैठा है.’ गाला गुस्से से लाल हो गया. लेकिन जैसे ही पता चला कि ब्रह्मा जी इस काम में लगे हैं, फिर खुश हो गया. रथ से उतारकर मूर्तियों को मंदिर में रखवा दिया गया. इसके बाद ब्रह्मा अपने घर चले गए. इंद्रद्युम्न ने भी सारी ज़िम्मेदारी गाला को सौंपी और ब्रह्मा जी के पीछे-पीछे स्वर्ग चले गए.


इस स्टोरी के लिए इनपुट सुभाष पाणी’ की बुक ‘रथ यात्रा’ से लिया गया है.

81kXdc0CQyL
‘रथ यात्रा’ बुक का कवर

ये भी पढ़ें:

द्रौपदी के स्वयंवर में दुर्योधन क्यों नहीं गए थे?

परशुराम ने मां की हत्या क्यों की थी और क्षत्रियों को क्यों मारते थे, यहां जानो

कहानी कार्तवीर्य की, जिसने रावण को दबोचा, जिसको परशुराम ने मारा

इक्ष्वाकु और भगवान राम में था 53 पीढ़ियों का जेनरेशन गैप

नाम रखने की खातिर प्रकट होते ही रोने लगे थे शिव!

 

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

KBC क्विज़: इन 15 सवालों का जवाब देकर बना था पहला करोड़पति, तुम भी खेलकर देखो

आज से KBC ग्यारहवां सीज़न शुरू हो रहा है. अगर इन सारे सवालों के जवाब सही दिए तो खुद को करोड़पति मान सकते हो बिंदास!

क्विज: अरविंद केजरीवाल के बारे में कितना जानते हैं आप?

अरविंद केजरीवाल के बारे में जानते हो, तो ये क्विज खेलो.

क्विज: कौन था वह इकलौता पाकिस्तानी जिसे भारत रत्न मिला?

प्रणब मुखर्जी को मिला भारत रत्न, ये क्विज जीत गए तो आपके क्विज रत्न बन जाने की गारंटी है.

ये क्विज़ बताएगा कि संसद में जो भी होता है, उसके कितने जानकार हैं आप?

लोकसभा और राज्यसभा के बारे में अपनी जानकारी चेक कर लीजिए.

संजय दत्त के बारे में पता न हो, तो इस क्विज पर क्लिक न करना

बाबा के न सही मुन्ना भाई के तो फैन जरूर होगे. क्विज खेलो और स्कोर करो.

बजट के ऊपर ज्ञान बघारने का इससे चौंचक मौका और कहीं न मिलेगा!

Quiz खेलो, यहां बजट की स्पेलिंग में 'J' आता है या 'Z' जैसे सवाल नहीं हैं.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?

चेक करो अनुपम खेर पर अपना ज्ञान और टॉलरेंस लेवल

अनुपम खेर को ट्विटर और व्हाट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो.