Submit your post

Follow Us

टोक्यो से गोल्ड लाएगा पहले इंजिनियर, फिर वकील बनने के बाद बंदूक उठाने वाला शूटर?

आपने कभी किसी बच्चे से पूछा है, बड़े होकर क्या बनोगे? पूछा है तो जानते ही होंगे कि इस सवाल के जवाब में अक्सर एक से ज्यादा चीजें सामने आती हैं. फिर सवाल करने वाला सोचता है कि अभी बच्चा है, आगे क्लियर सोच ही लेगा कि क्या करना है. लेकिन क्या हो अगर दो अलग-अलग क्षेत्रों की डिग्रियां पूरी करने के बाद 26 साल का नौजवान किसी तीसरी फील्ड में जाने की बात करने लगे.

ऐसी फील्ड जिसके बारे में पूरे खानदान ने कभी न सोचा हो? और उस लड़के को भी इस फील्ड के बारे में हाल ही में पता चला हो. एक पल को तो लगेगा कि ये क्या बकवास है? पर ऐसा ही हुआ था, अब से कुछ छह साल पहले पानीपत में. लेकिन अब अगर उस लड़के की सीवी देखी जाए तो उसके फैसले को बकवास कहने वालों को खुद पर अफसोस हो रहा होगा.

लड़के का नाम- अभिषेक वर्मा. पहचान- वर्ल्ड नंबर वन शूटर. स्वागत है आपका हमारी टोक्यो 2020 ओलंपिक्स स्पेशल सीरीज ‘उम्मीद’ के आठवें एपिसोड में. आज हम आपको सुनाएंगे शूटर अभिषेक वर्मा की कहानी.

# कौन हैं Abhishek Verma

फेसबुकी दुनिया की भाषा में अगर अभिषेक का नाम लिखें तो वो कुछ इस तरह लिखाएगा- इंजिनियर एडवोकेट अभिषेक वर्मा. अभिषेक ने पहले चार साल इंजिनियरिंग की, फिर लॉ की पढ़ाई और फिर इसी पढ़ाई के दौरान किसी ने उनके कान में गुनगुना दिया- दिल तो बच्चा है जी! बात दरअसल ऐसी है कि फिटनेस और एक्शन फिल्मों का शौक रखने वाले अभिषेक को एक रोज़ किसी ने बताया कि हिसार में नई शूटिंग रेंज खुली है. फिल्मों में ताबड़तोड़ गोलियां चलते देख सोफे से उछलने वाले अभिषेक के दिल ने कहा- चलो लाइव गोलीबारी देखते हैं.

थोड़ी और खोजबीन हुई तो पता चला कि ये शूटिंग रेंज तो अभिषेक के जिम के पास ही था. अभिषेक यहां जाने लगे. लेकिन बस शौकिया. करियर का रास्ता अभी भी सीधा ही था- ला करना है ला. फिर एक दिन आया जब लॉ की डिग्री पूरी हो गई. शौकिया शूटर अभिषेक वर्मा 28 साल के हो गए. और भारत में ये उम्र सेटल होने की मानी जाती है. शादी-विवाह करिए, अपने पैरों पर खड़े हो जाइए ताकि घरवालों का सिर दर्द दूर हो. लेकिन इस नाजुक उम्र में अभिषेक ने बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान कर दिया- हमको शूटर बनना है.

इस ऐलान पर पहला रिएक्शन दिया थ्री इडियट्स के फरहान ने- पापा नहीं मानेंगे. यहां पापा पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में जज हैं, तो सोचिए जब उनको पता लगा कि उनका बेटा कन्फ्यूज है तो क्या बवाल हुआ होगा. लेकिन अभिषेक ने तो सोच लिया था कि यही करना है. फिर क्या, उन्होंने उठाई पिस्टल और पापा-मम्मी सबको मनाकर ही दम लिया. आखिरकार साल 2017 में अभिषेक ने शूटिंग कंपटिशन में भाग लेना शुरू ही कर दिया. इस बारे में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था,

‘उन्होंने कहा कि अगर तुमने चार साल इंजिनियरिंग और फिर तीन साल लॉ किया है, तो फिर तुम कैसे इन सबको किनारे रखकर स्पोर्ट्स में जा सकते हो? उनको लगा कि मैं कन्फ्यूज हूं. मेरे पिता ने एक बात क्लियर कर दी कि अगर मैं एक साल के अंदर इंडियन टीम में एंट्री न ले पाया तो मुझे कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस शुरू करनी होगी.’

पापा ने भले बात क्लियर कर दी हो, लेकिन कोर्ट की किस्मत में अभी और तारीखें लिखी थीं. अगले ही साल न सिर्फ अभिषेक टीम इंडिया में आए बल्कि इसी साल उनका पहला इंटरनेशनल मेडल भी आ गया. 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम में न चुने गए अभिषेक ने इसकी कसर इसी साल के एशियन गेम्स में निकाली.

उन्होंने 2018 एशियन गेम्स के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीत लिया. हालांकि इस इवेंट का गोल्ड भी भारत में आने के चलते उन्हें ज्यादा सुर्खियां नहीं मिलीं. लेकिन सुर्खियों से दूर इस मेडल ने अभिषेक को जो भरोसा दिया उसका परिणाम आज सबके सामने है. अपने करियर की शुरुआत के बारे में अभिषेक ने एक मीडिया इंटरैक्शन में कहा था,

‘मैंने 27 साल की उम्र में 2015 में शूटिंग शुरू की. लोगों ने मुझे हॉबी शूटर कहा. लेकिन एशियन गेम्स मेडल के बाद मैंने सोचा कि मैं कुछ तो कर ही सकता हूं.’

# खास क्यों हैं Abhishek?

27 साल की उम्र में शूटिंग शुरू करने वाले अभिषेक ने 29 साल तक आते-आते एशियन गेम्स का मेडल जीत लिया. इंटरनेशनल डेब्यू पर आया ये मेडल अभिषेक के लिए बेहद खास था. उन्होंने दुनियाभर के दिग्गजों को मात देकर इसे जीता था. इस बारे में ओलंपिक चैनल से बात करते हुए अभिषेक ने कहा था,

‘यह खास अनुभव था क्योंकि मैं पहली बार भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा था. और इस इवेंट में मुझे कई ओलंपियंस का सामना करना था. इनमें साउथ कोरिया के जिन जोंग ओह भी शामिल थे, जिन्होंने छह बार ओलंपिक्स मेडल जीता है.’

एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए अभिषेक ने जापान के टोमोयुकी मसुदा, कज़ाकिस्तान के व्लादिमिर इसाचेंको और साउथ कोरिया के ली दाइ युंग और जिन जोंग ओह जैसे सीनियर शूटर्स को मात दी. 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ल्ड नंबर वन अभिषेक बेहद तेजी से कामयाबी की सीढ़ियां चढ़े हैं. एशियन गेम्स के तुरंत बाद उन्होंने वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप के टीम इवेंट का सिल्वर मेडल भी जीता.

अभिषेक ने पहले ही साल दो इंटरनेशनल मेडल्स जीत लिए. लेकिन असली धमाका होना तो अभी बाकी था. साल 2019 में अभिषेक ने दो वर्ल्ड कप गोल्ड और एक एशियन शूटिंग चैंपियनशिप गोल्ड जीत लिए. वर्ल्ड कप गोल्ड जहां 10 मीटर एयर पिस्टल में थे वहीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप वाला मिक्स्ड टीम का. इतना ही नहीं, इसी साल उन्होंने मिक्स्ड टीम इवेंट में एक वर्ल्ड कप सिल्वर और एक एशियन शूटिंग चैंपियनशिप ब्रॉन्ज़ भी जीता.

# Abhishek Verma से उम्मीद क्यों?

अभिषेक ने डेब्यू के शुरुआती दो सालों मे ही दुनिया जीत ली. लेकिन साल 2020 में कोविड-19 के चलते इवेंट्स ही नहीं हो पाए. लोगों को लगा कि एक तो इसने पहले ही देरी से शुरू किया था और अब ये ब्रेक… कहीं इसका करियर यहीं ना रुक जाए. लेकिन कोविड-19 ना दुनिया को रोक पाया, ना अभिषेक का करियर.

2021 में हुआ शूटिंग वर्ल्ड कप. दिल्ली में हुए इस टूर्नामेंट में अभिषेक ने 10 मीटर एयर पिस्टल मेंस टीम का गोल्ड मेडल जीता. जबकि मिक्स्ड टीम और पर्सनल इवेंट में उनके नाम ब्रॉन्ज़ मेडल्स रहे. सिर्फ तीन साल की शूटिंग में अभिषेक 10 मीटर एयर पिस्टल में दुनिया के नंबर एक शूटर बन चुके हैं.

अपने इस छोटे से सफर में वह लगभग सभी दिग्गजों को मात दे चुके हैं. हालात ऐसे हैं कि अब इंटरनेशनल इवेंट्स में उन्हें सबसे कड़ी टक्कर सौरभ चौधरी से मिलती है. जी हां, सिर्फ 19 साल के सौरभ अक्सर इवेंट्स में अभिषेक के रूममेट रहते हैं. दोनों साथ में शॉपिंग करते हैं, घूमते हैं, प्रैक्टिस करते हैं और फिर शूटिंग रेंज में एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देते हैं. अब ऐसे हाल में भी बताना पड़ेगा- इनसे उम्मीद क्यों?


उम्मीद: बॉक्सर विकास कृष्ण इस बार जीत पाएंगे ओलंपिक्स में गोल्ड मैडल?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

पहला चुनाव हार गए थे, बीजेपी ने राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है.

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

उनके गाए 'पल' गाने के बगैर आज भी किसी कॉलेज का फेयरवेल पूरा नहीं होता.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

जब ट्रेलर आया था, तबसे लगातार विरोध जारी है.

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

आज जानते हो किसका हैप्पी बड्डे है? माधुरी दीक्षित का. अपन आपका फैन मीटर जांचेंगे. ये क्विज खेलो.

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

कौन सा था वो पहला मीम जो इत्तेफाक से दुनिया में आया?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

चुनावी माहौल में क्विज़ खेलिए और बताइए कितना स्कोर हुआ.

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

राहुल के साथ यहां भी गड़बड़ हो गई.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.