कुछ दिनों पहले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI - ट्राई) ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट के तहत कॉल मैनेजमेंट ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे Truecaller, Hiya और Whoscall के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिकार मांगे थे. ट्राई के मुताबिक ये ऐप्स कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए तय स्पेशल नंबरिंग सीरीज़ (1400 और 1600) से आने वाली कॉल्स को स्पैम के तौर पर टैग और ब्लॉक कर रहे हैं. 1400 से स्टार्ट होने वाले नंबर का इस्तेमाल कंपनियों अपने प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए करती हैं जबकि 1600 का इस्तेमाल देश के बैंकों द्वारा किया जाता है. अब इस मामले पर Truecaller का जवाब (TRAI’s attempt to regulate it makes ‘no sense’) आया है.
रोज इन 51 करोड़ कॉल्स का कोई जवाब नहीं देता, अब Truecaller पर होगी कार्रवाई?
1400 और 1600 नंबर से स्टार्ट होने वाले कॉल्स को व्हाइटलिस्ट में रखा जाता है. माने ऐसे कॉल्स को ब्लॉक नहीं किया जाता और उनको स्पैम मार्क भी नहीं किया जाता. लेकिन जब ऐसे नंबर्स को कई सारे यूजर्स की तरफ से ऐप पर स्पैम और ब्लॉक किया जाता है तो फिर ऐप खुद से उनको स्पैम मार्क करने लगता है.


Truecaller के CEO ऋषित झुनझुनवाला ने कहा कि कंपनी ने TRAI के उस निर्देश का पालन किया था जिसमें खास नंबर सीरीज़ को व्हाइटलिस्ट करने के लिए कहा गया था, भले ही इस बात पर सवाल उठाए गए थे कि क्या रेगुलेटर के पास इंटरनेट ऐप्स को ऐसे निर्देश जारी करने का अधिकार है या नहीं. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस कदम का नतीजा उम्मीद से बिल्कुल उल्टा निकला.
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झुनझुनवाला ने एक्स पर लिखा, "हर दिन दोनों सीरीज़ से 51 करोड़ से ज़्यादा कॉल का कोई जवाब नहीं दिया जाता है." उन्होंने आगे कहा कि ट्रू कॉलर को "अपने यूज़र्स को यह बताने की मनाही थी कि वे कॉल स्पैम हैं," जबकि स्पैम और स्कैम कॉल की कम्युनिटी रिपोर्ट्स बढ़ रही थीं.
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि 1400 और 1600 नंबर से स्टार्ट होने वाले कॉल्स को व्हाइटलिस्ट में रखा जाता है. माने ऐसे कॉल्स को ब्लॉक नहीं किया जाता और उनको स्पैम मार्क भी नहीं किया जाता. लेकिन जब ऐसे नंबर्स को कई सारे यूजर्स की तरफ से ऐप पर स्पैम और ब्लॉक किया जाता है तो फिर ऐप खुद से उनको स्पैम मार्क करने लगता है.
वैसे ऐप के प्रीमियम यूजर्स को किसी भी नंबर सीरीज को ब्लॉक करने का ऑप्शन मिलता है. ट्रूकॉलर के अनुसार, TRAI की ओर से शुरू की गई खास नंबर सीरीज़ से आने वाली कॉल्स पर यूजर्स का भरोसा कम होता जा रहा है. कंपनी ने बताया कि पिछले आठ महीनों में यूजर्स ने 140-सीरीज़ की 81 फीसदी और 1600-सीरीज़ की 79 फीसदी कॉल्स को नज़रअंदाज़ किया, जबकि अक्टूबर 2025 से 1600-सीरीज़ के नंबर्स को मैन्युअल रूप से ब्लॉक करने के मामलों में 208 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
TRAI फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं कर सकताटेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) अभी ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं कर सकती क्योंकि वे 'इंटरमीडियरी' (मध्यस्थ) के तौर पर IT एक्ट के दायरे में आते हैं. टेलीकॉम ऑपरेटरों के उलट, ये प्लेटफ़ॉर्म डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT) के तहत लाइसेंस-धारक नहीं होते हैं. इसलिए टेलीकॉम ऑपरेटरों को रेगुलेटर के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होता है.
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