स्मार्टफोन और टीवी जैसे दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के लिए त्योहारी सीजन अच्छा नहीं रह रहा. ऐसे प्रोडक्ट पर तीन तरफा मार पड़ी है. इस साल भारत की त्योहारी ई-कॉमर्स बिक्री की शुरुआत थोड़ी सुस्त रही है. सेल के दौरान ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) पिछले साल के 33,200 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी घट गई है. फिर पता चला कि स्मार्टफोन शिपमेंट में एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट आई है. अब खबर आई है कि त्योहारी सीज़न की बिक्री में भारी गिरावट के बाद कंपनियां प्रोडक्शन भी कम करने जा रही हैं. आने वाले दो-तीन महीनों में उत्पादन 20% तक कम रहने की आशंका है.
त्योहार निकलते जा रहे, बिक्री नहीं हो रही... परेशान कंपनियों ने फोन-टीवी बनाना कम कर दिया
इस त्योहारी सीज़न में बिक्री में पिछले साल की तुलना में लगभग 25% की गिरावट आई है. इसी के चलते प्रमुख ब्रांडों और उनके निर्माता (contract manufacturers) आने वाले दो-तीन महीनों में उत्पादन को योजनाबद्ध तरीके से 20% तक कम रखने की योजना बना रहे हैं.

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, इस त्योहारी सीज़न में बिक्री (sales volume) में पिछले साल की तुलना में लगभग 25% की गिरावट आई है. इसी के चलते प्रमुख ब्रांडों और उनके निर्माता (contract manufacturers) आने वाले दो-तीन महीनों में उत्पादन को योजनाबद्ध तरीके से 20% तक कम रखने की योजना बना रहे हैं. स्मार्टफोन और टेलीविजन के इंट्री लेवल से लेकर मिडरेंज सेगमेंट में डिमांड सबसे बुरी तरह से प्रभावित हुई है.
स्टॉक गले था भर गया हैओणम से लेकर दिवाली तक चलने वाला त्योहारी सीज़न स्मार्टफोन और टीवी की बिक्री का लगभग 30 फीसदी हिस्सा होता है. माने अगस्त से लेकर अक्टूबर-नवंबर तक जमकर खरीदारी होती है. लेकिन इस साल ऐसा नहीं है. इसी के चलते खुदरा विक्रेताओं के पास बिना बिका हुआ अतिरिक्त स्टॉक जमा हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी सीज़न से पहले जनवरी-सितंबर के दौरान भी स्मार्टफोन और टेलीविजन की यूनिट बिक्री में पिछले साल की तुलना में 10% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी. त्योहार पर इससे रिकवरी की उम्मीद थी, लेकिन मंडी का दौर जारी है.
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धंधा मंदा क्यों है?स्मार्टफोन और टीवी में लगने वाली रैम की कीमतें एवरेस्ट बनने पर उतारू हैं. पिछले एक साल के अंदर रैम की कीमतों में 65 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है. इसी के चलते कई स्मार्टफोन के दाम 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं. फोन की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर ऐप्पल पर पड़ा है. उसकी बिक्री में 30 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक निर्माता 'जैन ग्रुप' के प्रबंध निदेशक प्रदीप जैन ने कहा,
"स्मार्टफोन का उत्पादन 20% तक कम होने वाला है. उम्मीद है कि बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद उपभोक्ता आखिरकार अपने उपकरणों को बदलेंगे, जिससे अगले साल कुछ सुधार देखने को मिलेगा."
इस साल 32-43 इंच के टेलीविजन के लिए मेमोरी चिप्स वाले प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) की कीमतें दोगुनी होकर 80 डॉलर हो गई हैं. उन्होंने यह भी अनुमान जताया कि जनवरी या फरवरी तक यह कीमत बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच सकती है.
Haier India के मुख्य कार्यकारी सतीश एन.एस. ने कहा,
"भले ही अधिकांश कंपनियों ने त्योहारी सीज़न के लिए बहुत सावधानी से स्टॉक तैयार किया था, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि टेलीविजन जैसे मेमोरी उत्पादों की त्योहारी बिक्री पर इतना बुरा असर पड़ेगा."
उनके अनुसार, पिछले साल के त्योहारी सीज़न की तुलना में पूरे उद्योग में टेलीविजन की यूनिट बिक्री 15% तक गिर गई है, जिसके चलते उत्पादन में बदलाव करना पड़ रहा है.
सोनी इंडिया के प्रबंध निदेशक सुनील नायर ने कहा कि बाजार दबाव में है और कीमतें बढ़ने के बाद भी बिक्री पिछले साल के स्तर (मूल्य के मामले में भी) तक नहीं पहुंच पाई है. उन्होंने कहा,
"हमने 65 इंच से बड़े स्क्रीन सेगमेंट में वृद्धि दर्ज की है, लेकिन दबाव मुख्य रूप से 55 इंच और उससे छोटे सेगमेंट में है."
स्टोरी का सार यही है कि मिड सेगमेंट के स्मार्टफोन खरीदने वाला मिडिल क्लास इस बार अपना हाथ बांधे हुए है. दिक्कत ये भी है कि रैम के दाम 2030 तक नीचे नहीं आने वाले.
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