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जेब में पड़ा 200 रुपये का बिल आपको करोड़पति बना सकता है, सरकार लाई है तगड़ी योजना

सरकार ने जीएसटी बिल की संख्या को बढ़ाने के लिए 'मेरा बिल मेरा अधिकार' योजना शुरू की है. यह योजना 1 सितंबर 2023 से शुरू होगी.

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सरकार दे रही एक करोड़ रुपये (तस्वीर: सोशल मीडिया)

आपके खाने का बिल, कपड़ों का बिल या परचून का बिल आपको 1 करोड़ रुपये जिता सकता है. कोई गप नहीं, बल्कि सीधे-सीधे सरकार की तरफ से. जीएसटी काउंसिल ग्राहकों के लिए एक शानदार-जबरदस्त-जिन्दाबाद स्कीम लेकर आई है. 'मेरा बिल मेरा अधिकार' (Mera Bill Mera Adhikaar Scheme) योजना के अंतर्गत ग्राहकों को अपनी खरीददारी के जीएसटी बिल को ऐप पर अपलोड करना होगा. इसके बाद हर महीने निकलेगी लॉटरी और मिलेंगे लाखों के इनाम. योजना कल यानी 1 सितंबर 2023 से स्टार्ट हो रही है और देश का कोई भी नागरिक इसमें भाग ले सकता है. क्या है पूरी योजना और कौन से बिल दिलाएंगे आपको लाखों रुपए. चलिए जानते हैं.

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वित्त मंत्रालय के मुताबिक 'मेरा बिल मेरा अधिकार' योजना के तहत लोगों को 1 करोड़ इनाम के साथ कई और इनाम भी मिलेंगे. योजना में हर महीने सरकार लॉटरी के माध्यम से 800 लोगों को चुनेगी. ये 800 लोग वो होंगे जो हर महीने अपना जीएसटी बिल (GST Bill) 'मेरा बिल मेरा अधिकार' ऐप पर अपलोड करेंगे. इन 800 लोगों को 10,000 रुपये का ईनाम मिलेगा.

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इसके बाद एक और स्लैब है 10 लाख रुपये का. इसके अंतर्गत 10 लकी लोग चुने जाएंगे. इसके बाद बारी आएगी करोड़पति बनने की. एक करोड़ का इनाम सरकार द्वारा तिमाही के आधार पर दिया जाएगा. 

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मेरा बिल मेरा अधिकार 

सरकार के मुताबिक ये योजना चुनिंदा राज्यों के लिए ही है. इन राज्यों में गुजरात, असम, हरियाणा और केंद्रशासित प्रदेश जैसे दमन और दीव, दादर नगर हवेली और पुडुचेरी ही शामिल हैं.  ऐप की आधिकारिक साइट ‘web.merabill.gst.gov.in’ पर जाकर भी बिल अपलोड किये जा सकते हैं. 

योजना का लाभ उठाने के लिए कम से कम 200 रुपये का जीएसटी बिल अपलोड करना होगा. 'मेरा बिल मेरा अधिकार' ऐप के मुताबिक सिर्फ B2C बिल ही इस योजना के दायरे में आएंगे. मतलब ऐसे बिल जो किसी दुकान, मॉल या संस्थान से सीधे एंड यूजर को दिए गए हैं. B2B यानी कमर्सियल बिल इस योजना का हिस्सा नहीं है.

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कैसे और क्या करें? 

इसके लिए ग्राहकों को 'मेरा बिल मेरा अधिकार' ऐप पर अपने बेसिक डिटेल्स से लॉगिन करना होगा. एक यूजर महीने में 100 से ज्यादा बिल अपलोड नहीं कर सकता है. हालांकि बिलों की संख्या पर चीजें साफ़ नहीं हैं. कई खबरों में इसकी लिमिट 25 बताई गई है. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि पेट्रोल का बिल इस योजना का हिस्सा नहीं है, लेकिन एलपीजी गैस का बिल इस योजना में इस्तेमाल हो सकता है. स्कूल की फीस अगर B2C कैटेगरी में आती है तो वो भी योजना का हिस्सा होगी. इस योजना का लाभ पाने के लिए जीएसटीआईएन (GSTIN) इनवॉइस नंबर, बिल का अमाउंट, टैक्स अमाउंट और डेट आदि की जानकारी भी दर्ज करनी होगी.

इनाम जीतने वाले यूजर्स को एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा. यूजर्स को असली बिल संभालकर रखना होगा और इनाम जीतने के 30 दिनों के भीतर पैन नंबर (PAN Number), आधार नंबर (Aadhaar Number) और बैंक अकाउंट की जानकारी 'मेरा बिल मेरा अधिकार' के ऐप पर अपलोड करनी होगी.

सूचना समाप्त... अब एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दीजिए और अपनी हर खरीददारी का बिल ध्यान से लीजिए.

वीडियो: जीएसटी काउंसिल की बैठक के इन फैसलों का आप पर सीधा असर पड़ेगा!

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