एक दिन आप YouTube पर वीडियो अपलोड करने जाएं और वह अपलोड नहीं हो तो क्या सोचेंगे. शायद यही कि कोई तकनीकी लोचा होगा. वही लोचा जो आजकल जब-तब होता रहता है. जब देखो तब चैनल पर वीडियो अपलोड नहीं होता है. लेकिन जो आपको पता चले कि कोई तकनीकी खामी नहीं है बल्कि यूट्यूब में वीडियो अपलोड करने की जगह (how many videos can youtube upload with 11 characters) ही नहीं बची है तो क्या सोचेंगे. ऐसा कैसे हो सकता है. यूट्यूब में जगह नहीं बची. ऐसा कैसे हो सकता है. हो सकता है जनाब अगर गिनती खत्म हुई तो.
YouTube पर वीडियो अपलोड होना बंद हो सकते हैं अगर उसको गिनती भूल गई तो
अगर YouTube की गिनती खत्म हो गई तो फिर कोई वीडियो अपलोड (how many videos can youtube upload with 11 characters) नहीं होगा. बताते कैसे. पहले जरा आप यूट्यूब के किसी भी वीडियो पर नजर डालिए. हर वीडियो का एक 11 अंकों का यूनिक आईडी है. अगर इसका कॉम्बिनेशन खत्म हो गया तो फिर कोई वीडियो अपलोड नहीं होगा.


मजाक नहीं कर रहे भईया. अगर यूट्यूब की गिनती खत्म हो गई तो फिर कोई वीडियो अपलोड नहीं होगा. बताते कैसे. पहले जरा आप यूट्यूब के किसी भी वीडियो पर नजर डालिए. हर वीडियो का एक 11 अंकों की यूनिक आईडी है. अगर इसका कॉम्बिनेशन खत्म हो गया तो.
यूट्यूब पर वीडियो अपलोड नहीं होगाहमारे कहने से पक्का देख लिया होगा आपने कि हर वीडियो का आईडी 11 अंकों का है और हर आईडी अलग-अलग है. गूगल जैसी बड़ी कंपनी के लिए यह कौन सा बड़ा काम है. लगा रखे होंगे चार सुपर कम्पूटर कॉम्बिनेशन बनाने के लिए. AI को भी काम पर लगा रखा होगा कि करोड़ों कॉम्बिनेशन पहले से बना कर रखो. जैसे ही कोई वीडियो अपलोड करे. उसको एक आईडी दे देना. ठीक बात लेकिन कब तक. कभी ना कभी तो कॉम्बिनेशन खत्म होंगे. हजारों में नहीं, लाखों में नहीं, करोड़ों वीडियो अपलोड होने पर तो सारे अंकों का गड्डम-गड्डम खत्म हो ही जाएगा. इसके पहले बहुत डरा दिया. ऐसा नहीं होगा. बताते कैसे.
यूट्यूब हर वीडियो के यूनिक आईडी के लिए 11 अंकों का इस्तेमाल करता है. इसमें नंबर्स से लेकर अल्फाबेट का कॉम्बिनेशन होता है. माने 0 से 9 तक और A से लेकर Z तक. 0 से 9 मतलब हुए 10 कैरेक्टर. इसके बाद A से Z तक के हुए 52. हां-हां आप कह लो फिर हम बताते हैं. A से Z तो 26 होगा ना. ठीक बात मगर a से z भी तो होगा. बोले तो यूट्यूब अपर और लोअर केस, दोनों का इस्तेमाल करता है. इसके साथ में ऐप _ और - जैसे दो स्पेशल कैरेक्टर का भी इस्तेमाल करता है वीडियो का आईडी बनाने में. हर आईडी अलग हो इसके लिए ब्लूम फ़िल्टर का इस्तेमाल होता है. यह तकनीक अंकों के कॉम्बिनेशन को मिक्स नहीं होने देती है.
कुल कितनेे हुए. 10+52+2= 64 कैरेक्टर. यूट्यूब को चाहिए सिर्फ 11. माने 11 कैरेक्टर कहीं भी आ सकते हैं. 64 बार इधर से उधर हो सकते हैं. मतलब कुल कैरेक्टर की संभावना हुई 64*64(11 बार). अगर गणित करें तो हुआ 7,37,86,97,62,94,83,82,06,464. माने जो धरती पर मौजूद हर इंसान, हर मिनट भी एक वीडियो अपलोड करेगा तो यहां तक पहुंचने में 86 हजार साल लगेंगे. माने तब जाकर वीडियो अपलोड नहीं होगा.
ऐसा हो भी गया तो यूट्यूब वीडियो डिलीट भी तो कर सकता है. बेकार के वीडियो कम थोड़े ना भरे पड़े हैं उसके पास. वैसे आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि अभी यूट्यूब पर 2000 करोड़ वीडियो ही अपलोड हैं. इसलिए आप कोई चिंता मत करो और कॉन्टेन्ट बनाते रहो.
वैसे आपको लगे कि यह सब क्यों बताया तो बस इसलिए ताकि आपको पता रहे कि टेक कंपनी की तैयारी कितनी तगड़ी है. उसे यह सब पहले से पता है. तभी तो वह दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी में से एक है.
गूगल बाबा नाम है. सॉरी अल्फाबेट
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