आपने ओटीपी शेयर किया और अकाउंट खाली हो गया. साइबर ठगी में सबसे ज्यादा अपराध इसी तरीके से होते हैं. हर कोई इसका शिकार है मगर घर के बड़े-बुजुर्ग इस ठगी में काफी आसानी से फंस जाते हैं. काश ऐसा होता कि एसएमएस से आने वाली ओटीपी डालते ही अकाउंट साफ नहीं होता. एक और लेयर सुरक्षा होने से ऐसे फ्रॉड पर लगाम लग सकती थी. ंसोशल मीडिया अकाउंट जैसे ओटीपी पर भी टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जैसा कुछ हो, इसकी मांग भी की जा रही थी. समझो, अब आपकी बात पूरी हो हो ही गई.
साइबर ठगी से अब अकाउंट नहीं होगा खाली, दो OTP सुविधा से बढ़ेगी सिक्योरिटी!
हरियाणा में dual OTP-authentication सिस्टम लॉन्च किया गया है. हरियाणा के गुरुग्राम, पंचकूला, नूह, फरीदाबाद और पलवल में लोगों को फ्रॉड से बचाने, स्पेशली वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट इनवेस्टमेंट फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से बचाने के लिए में डबल ओटीपी ऑथेंटिकेशन शुरू किया गया है.


हरियाणा में dual OTP-authentication सिस्टम लॉन्च किया गया है. हरियाणा के गुरुग्राम, पंचकूला, नूह, फरीदाबाद और पलवल में लोगों को फ्रॉड से बचाने, स्पेशली वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट इनवेस्टमेंट फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से बचाने के लिए डबल ओटीपी ऑथेंटिकेशन शुरू किया गया है.
एक नहीं दो ओटीपी डालना होगाहरियाणा पुलिस के मुताबिक, डुअल ओटीपी सिस्टम निजी बैंक ने स्टार्ट किया है. इस सुविधा में वरिष्ठ नागरिक अपने बैंक खाते से परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य का दूसरा मोबाइल नंबर लिंक कर सकते हैं. लेन-देन के समय दो ओटीपी जनरेट होंगे और दोनों नंबरों पर अलग-अलग भेजे जाएंगे. लेन-देन तभी पूरा होगा जब दोनों नंबरों की पुष्टि हो जाएगी.
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, हरियाणा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सुविधा को पहले-पहल गुरुग्राम और पंचकुला में प्रयोग के तौर पर स्टार्ट किया गया था और अब इसका विस्तार किया जा रहा है. एचडीएफसी बैंक इस प्रोजेक्ट का हिस्सा था. उम्मीद है कि बाकी बैंक भी इस फीचर को जल्द ही अपने सिस्टम में इनेबल करेंगे.
इसके अलावा, हरियाणा पुलिस ने व्यापारियों, कारोबारियों और प्रमुख हस्तियों को विदेशी गिरोहों के चलाए जा रहे जबरन वसूली रैकेट (extortion rackets) से बचाने के उद्देश्य से "अभेद्य" (Abhedya) सेफ़्टी एप्लिकेशन भी लॉन्च किया है. गुरुग्राम और हरियाणा के अन्य हिस्सों में कई व्यापारियों, बिल्डरों और फैशन डिजाइनरों को विदेश से सक्रिय गिरोहों से बार-बार जबरन वसूली के फोन आ रहे हैं. कुछ मामलों में तो गोलीबारी की घटनाएं भी हुई हैं. इस ऐप को उन्हें एक डिजिटल सुरक्षा कवच प्रदान करने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया है.
पुलिस इस एप्लिकेशन की इंस्टॉलेशन फाइल फोन पर चलाने के लिए उपलब्ध कराएगी. ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों सिस्टम पर चलेगा. ऐप गैंगस्टरों की ओर से भेजे गए सभी कॉल और यहां तक कि वॉयस नोट को भी ब्लॉक करेगा और उनको डिवाइस से हटा देगा. ऐप ऐसे कॉल को बैकएंड पर ट्रैक करने में भी मदद करेगा.
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