अनलिमिटेड शब्द का नाम लेते ही हमारे देश में सबसे पहले जिस चीज का ख्याल आता है वो है मोबाइल डेटा. शायद ही कोई नेटवर्क ऑपरेटर होगा जो अपने प्लान के साथ झोला भरकर डेटा मुफ़्त में नहीं देता हो. होता ऐसा है कि कंपनियां अपने प्लान्स को बेचने के लिए अनलिमिटेड कीवर्ड का सहारा लेती हैं. लेकिन साथ में छोटे-छोटे अक्षरों में यह भी बता देती हैं कि हाई-स्पीड डेटा की एक सीमा है और लिमिट खत्म होने पर एक निर्धारित स्पीड में इंटरनेट डेटा मिलेगा. ये जो स्पीड है वो देश की अर्थव्यवस्था की चाल से काफी मेल खाती है. मंद...मंद. धीमे...धीमे.हौले...हौले.
स्मार्टफोन पर इंटरनेट डेटा देर तक साथ नहीं देता?
प्लान के बारे में विस्तार से पढ़ते हो और पता चलता है कि कंपनी ने आपको अनलिमिटेड डेटा देने का वादा तो किया था लेकिन हाई-स्पीड में सिर्फ 2 जीबी, उसके बाद 64kbps की स्पीड.


कुल मिलाकर ये अनलिमिटेड अपने आप में एक झोल है. किसी एक कंपनी का प्लान खरीदा. बेफिक्री के साथ इंटरनेट इस्तेमाल शुरू किया. दिन खत्म होने से पहले 2 जीबी कहां खत्म हो गए. पता ही नहीं चला. फिर भी मोबाइल डेटा चलना बंद नहीं हुआ. लेकिन अब जो स्पीड मिलती है उससे होती है चिढ़. और निकलती है भड़ास नेटवर्क ऑपरेटर्स के लिए.
तब आप अपने प्लान के बारे में विस्तार से पढ़ते हो और पता चलता है कि कंपनी ने आपको अनलिमिटेड डेटा देने का वादा तो किया था लेकिन हाई-स्पीड में सिर्फ 2 जीबी, उसके बाद 64kbps की स्पीड. यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा होता है तो आपको हमारे बताए उपाय अपनाने की जरूरत है. ऐसा करके आप अपनी तय लिमिट में वीडियो सर्फिंग से लेकर सोशल मीडिया का पूरा मजा ले पाएंगे.
1. सेटिंग्स में जाइए और नेटवर्क या इंटरनेट सर्च कीजिए. डेटा या लो डेटा का ऑप्शन भी सर्च किया जा सकता है.
2. डेटा वार्निंग और लिमिट का ऑप्शन नजर आएगा. (स्मार्टफोन के हिसाब से नाम अलग भी हो सकता है)
3. मोबाइल डेटा यूसेज साइकिल पर क्लिक कीजिए.
4. सेट डेटा लिमिट पर क्लिक कीजिए.
5. आपको रोजाना या महीने में मिलने वाली डेटा लिमिट को सेट कीजिए. आपके प्लान में इसका जिक्र होता है और आप संबंधित कंपनी के ऐप पर भी ये देख सकते हैं. कई सारे फोन्स में बिलिंग साइकिल के नाम से भी यही ऑप्शन मिलता है.

नाम से साफ पता चलता है कि ये जनाब डेटा की खपत पर लगाम लगाते हैं. सेटिंग्स में मिलेगा ये ऑप्शन. इसको ऑन करते ही ऐप्स बैकग्राउंड में डेटा को चूसना बंद कर देते हैं. कहने का मतलब जब आप ऐप ओपन करेंगे तभी वो डेटा इस्तेमाल करेगा. आप यहीं से ये भी निश्चित कर सकते हैं कि डेटा सेवर ऑन होने के बाद भी कौन सा ऐप बैकग्राउंड में उसका इस्तेमाल करे या नहीं.

वैसे ये ऑप्शन सभी स्मार्टफोन में नहीं होता. लेकिन यदि आपके फोन में है तो बंद कर दें. Dual-channel network acceleration नाम का ये फीचर डाउनलोड स्पीड को तेज करने के लिए Wi-Fi और मोबाइल डेटा का एक साथ इस्तेमाल करता है. बंद कर दीजिए.
ऐप्स ऑटो अपडेटवैसे तो ऐप्स को अपडेट रखना जरूरी है ताकि वो ढंग से चलते रहें. कोई बग्स हो तो वो भी ठीक हो जाते हैं. लेकिन ऑटो अपडेट आपके डेटा में बग्स डाल डेटा है. मतलब डेटा की खपत हो जाती है. ऐप्स ऑटो अपडेट को सिर्फ वाई-फाई पर रखें. इसके लिए Google play पर जाइए और सेटिंग्स में जाकर Network preferences पर क्लिक कीजिए. यहां पर App download preference, Auto-update apps, and Auto-play videos नजर आएंगे. सभी को सिर्फ वाई-फाई के लिए हां कहिए.
अगर आप अपने iPhone पर इस स्टोरी को पढ़ रहे हैं तो सोच रहे होंगे कि आपके लिए तो कुछ बताया नहीं. तो थोड़ा धैर्य रखिए.
डेटा लिमिट सेट करने का कोई ऑप्शन नहीं है आईफोन में, लेकिन आप इसको मॉनिटर करने के लिए अपने नेटवर्क ऑपरेटर के ऐप की मदद ले सकते हैं. ऐप के होम पेज पर ही रोज और महीने की डेटा लिमिट दिखती है. हां, बैकग्राउंड प्रोसेस आप भी बंद या लिमिट कर सकते हैं. ऐसा करने के लिए आपको सेटिंग्स में जनरल के अंदर Background app refresh का ऑप्शन मिलेगा. चाहें तो पूरा ऑफ करिए या फिर ऐप के हिसाब से भी तय कर सकते हैं. लो डेटा मोड भी आपको सेटिंग्स में ही मिल जाएगा. Cellular के अंदर झाकेंगे तो किस ऐप को डेटा इनेबल करना है और किसको नहीं, वो ऑप्शन भी है. इसके बाद ऐप्स ऑटो अपडेट को वाई-फाई पर करिए.

इसके लिए सेटिंग्स में नीचे आने पर ऐप स्टोर मिलेगा. ऑटोमैटिक डाउनलोड के भतेरे ऑप्शन सामने दिख जाएंगे. आपकी जैसी जरूरत वैसे इस्तेमाल कीजिए.
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