The Lallantop
Logo

वो फिल्म मेकर जो 80 की उम्र में भी अनूठे प्रयोगों वाली फिल्म बनाता था

30 दिसंबर को सुबह 10.30 बजे मृणाल सेन का निधन हो गया.

Advertisement
ऋत्विक घटक और सत्यजीत रे के साथ मृणाल सेन ही थे जिन्होंने भारत में ऐसी फिल्मों का दौर शुरू किया जिनमें कहानियां बिलकुल यथार्थपरक होती थीं, उनमें कोई कमर्शियल मनोरंजन की बाध्यता वाली मिलावट नहीं होती थी. लेकिन वे बांधकर रखने वाली होती थीं. और बेहद जरूरी, वे विश्व स्तर के फिल्म आर्ट की बराबरी करने वाली थीं. ऐसी फिल्मों को आलोचकों ने समानांतर सिनेमा कहकर बुलाना शुरू किया. इन फिल्मों की नींव सेन, रे, घटक व अन्य ने रखी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement