जिस सरकारी इंस्टीट्यूट पर वैज्ञानिक बनाने की जिम्मेदारी उसके पास सैलरी देने के पैसे तक नहीं
प्रसिद्ध वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की देख-रेख में हुई थी शुरुआत.
Advertisement
देश के परमाणु ऊर्जा वैज्ञानिकों के लिए तनख्वाह के लाले पड़ रहे हैं. टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिकों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं. इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब सेंटर के रजिस्ट्रार ने फंड की कमी होने के बाबत कर्मचारियों को चिट्ठी लिखी. रजिस्ट्रार विंग कमांडर (रिटायर्ड) जॉर्ज एंटोनी ने कर्मचारियों को लिखा कि उनको फरवरी की सिर्फ आधी तनख्वाह ही दी जा सकती है. संस्थान के पास फंड की कमी है. वीडियो में देखिए क्या है इस इंस्टिट्यूट का इतिहास और इसकी ऐसी हालत क्यों हो गई है.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)




















