ध्रुव जुरेल (Dhruv Jurel) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में धमाकेदार पारी खेलते हुए अपना पहला टेस्ट शतक जड़ दिया. ऋषभ पंत (Rishabh Pant) की चोट के कारण टीम में शामिल हुए जुरेल ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका. जुरेल ने इसी के साथ ये साबित कर दिया कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं. साथ ही ये डिबेट भी शुरू करा दी है कि अगर पंत की टीम में वापसी होती है तो इसके बावजूद जुरेल को बतौर बैटर शामिल किया जाना चाहिए.
जुरेल ने सेंचुरी के बाद क्यों किया गार्ड ऑफ ऑनर सेलिब्रेशन? वजह जान इमोशनल हो जाएंगे
वेस्टइंडीज के खिलाफ Ahmedabad Test में Dhruv Jurel ने अपने टेस्ट करियर की पहली सेंचुरी लगाई. इसके बाद उन्होंने जिस तरह इसे सेलिब्रेट किया, उसकी चर्चा सब तरफ हो रही है. उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर सेलिब्रेशन किया.


हालांकि, जितनी खास ध्रुव की यह पारी थी उतना ही खास उनका सेलिब्रेशन भी था. रिटायर्ड आर्मी हवलदार के बेटे ध्रुव ने अपनी इस सेंचुरी को अपने पिता को समर्पित किया. उन्होंने उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर सेलिब्रेशन किया.
कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) का विकेट गिरने के बाद बैटिंग करने आए ध्रुव जुरेल ने 210 गेंदों पर 125 रन की शानदार पारी खेली. इसमें 15 चौके और तीन गगनचुंबी छक्के शामिल थे. उन्होंने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 206 रन की शानदार पार्टनरशिप की. इससे टीम इंडिया एक मजबूत स्थिति में पहुंच गई है.
जुरेल जब 99 रन पर थे, उन्होंने चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया. उसके बाद उन्होंने जिस तहर इसे सेलिब्रेट किया, इसकी खूब चर्चा हो रही है. ध्रुव के पिता नेम चंद ने 1999 के कारगिल युद्ध में देश की सेवा की थी. इसलिए उन्होंने अपने पिता के सम्मान में बैट को राइफल की तरह रखकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इससे पहले, उन्होंने अपनी हाफ सेंचुरी को भी सैल्यूट के साथ ही पूरा किया था. ध्रुव की इस शानदार इनिंग को ड्रेसिंग रूम से भी खूब सराहना मिली. साथ ही उनका सेलिब्रेशन देख रवींद्र जडेजा के भी चेहरे पर मुस्कान आ गई.
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ध्रुव जुरेल इसी के साथ, टेस्ट क्रिकेट में सेंचुरी लगाने वाले 12वें भारतीय विकेटकीपर बन गए. खास बात यह है कि वह विजय मांजरेकर, फारूक इंजीनियर, अजय रात्रा और ऋद्धिमान साहा जैसे पांच अन्य दिग्गजों के साथ उस क्लब में शामिल हो गए, जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था. यह शतक साल 2025 में किसी भारतीय विकेटकीपर की ओर से तीसरी सेंचुरी है. इसी साल पंत के बल्ले से भी दो सेंचुरी आई हैं. एक कैलेंडर वर्ष में देश के लिए ये सबसे ज्यादा है. साथ ही किसी भी टीम के लिए संयुक्त रूप से दूसरा सबसे ज्यादा शतक है, सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के चार (2013) इससे आगे हैं.
अंत में तेज पारी, फिर आउटजुरेल ने मैच में शतक पूरा होते ही गियर बदल दिया. उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर तेज अटैक शुरू कर दिया. उन्होंने अगले ही ओवर में एक शानदार छक्का और एक चौका जड़ दिया. हालांकि, रन गति तेज करने की कोशिश में वह डेब्यू करने वाले खैरी पीयर की गेंद पर विकेट के पीछे शाई होप को एक बाहरी किनारा दे बैठे. हालांकि, तब तक वह 125 रन जड़ चुके थे. उनकी इस शानदार पारी के दम पर टीम इंडिया ने दिन का खेल खत्म होने तक 5 विकेट पर 448 रन बना लिए थे. रवींद्र जडेजा 104 और वॉशिंंगटन सुंंदर 9 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं. इसी के साथ पहली इनिंग में टीम इंडिया की लीड 286 रनों की भी हो गई है. पहली इनिंग में वेस्टइंडीज 162 रनों पर ही ऑलआउट हो गई थी.
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