क्रिकेट. अंग्रेजों द्वारा बनाया गया बड़ा ही मज़ेदार गेम. इस गेम को कैसे खेला जाएगा, क्या नियम होंगे, ये सब उन्होंने ही बनाए हैं. और अब इस खेल को ऑलमोस्ट पूरी दुनिया खेलती है. उन्हीं के द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार. लेकिन जब ये नियम उनके खिलाफ़ इस्तेमाल होने लगते हैं, तो वो लिबिर-लिबिर करना शुरू कर देते हैं.
वो मौके, जब स्टुअर्ट ब्रॉड के डैडी ने 'स्पिरिट ऑफ गेम' को बेदर्दी से मार डाला!
सीनियर ब्रॉड आउट हुए तो स्टंप पर ही पिल पड़े.


हाल ही में ऐसा इंडिया वर्सेज़ इंग्लैंड की सीरीज़ में देखने को मिला था. जब इंडियन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़ी चार्ली डीन को रन आउट कर दिया. उस समय पूरा अंग्रेज़ वर्ल्ड उठकर ‘स्पिरिट ऑफ क्रिकेट’ के मर्डर पर ज्ञान देने लगा था. पूर्व से लेकर मौजूदा क्रिकेटर्स तक, सबने टिप्पणियां की. कुछ ने तो दीप्ति को झूठा तक कह दिया.
और इसी बीच इंग्लैंड के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक स्टुअर्ट ब्रॉड ने ICC के ट्वीट का रिप्लाई करते हुए लिखा,
‘रन आउट? गेम को खत्म करने का सबसे खराब तरीका.’
इन सारी बासी बातों पर आप अब तक अंग्रेज़ों को सुन चुके होंगे. इंग्लैंड के खिलाड़ियों को खूब गरिया भी चुके होंगे. इंग्लिश खिलाड़ियों की करतूतों के क़िस्से उठाकर उनको ट्विटर पर टैग भी कर चुके होंगे. लेकिन इन तमाम बातों के बीच हम आपको ऐसे क़िस्सा सुनाते हैं जो आपने शायद ही सुने हों. ये क़िस्सा ब्रॉड परिवार से जुड़ा है. और इसमें भी ‘स्पिरिट ऑफ गेम’ का मर्डर हुआ था.
और ये मर्डर स्टुअर्ट ब्रॉड ने नहीं, बल्कि उनके डैडी क्रिस ब्रॉड ने किया था. ये अलग बात है कि उनके इसी बर्ताव ने क्रिस का प्लेइंग करियर भी बहुत जल्द खत्म कर दिया था. तो चलिए, अब शुरू करते हैं.
ये बात साल 1988 की है. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच इकलौता टेस्ट मैच खेला जा रहा था. इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. इंग्लैंड के लिए मार्टिन मॉक्सन (Martyn Moxon) के साथ क्रिस ब्रॉड ओपनिंग करने के लिए आए. और दोनों ने शानदार खेल दिखाया.
लेकिन यहां हम अपना फोकस सिर्फ क्रिस ब्रॉड पर रखेंगे. क्रिस ने इस मैच में एक बढ़िया शतकीय पारी खेली. इसमें उन्होंने 13 चौके के साथ 361 गेंदों में 139 रन बना दिए. लेकिन फिर स्टीव वॉ ने उनको बोल्ड कर दिया. और बोल्ड होते ही उनको इतना गुस्सा आया, कि उन्होंने बल्ले से मारकर स्टंप्स को ही गिरा दिया.

अपने इस किए की भरपाई क्रिस को फाइन देकर करनी पड़ी. टीम के टूर मैनेजर ने उन पर 500 पाउंड का जुर्माना लगाया. ये रकम उस समय की इंडियन करंसी के अनुसार 12,375 रूपये थी.
# जब ब्रॉड के साथी ने उनको वापस भेजाक्रिस ब्रॉड का सिर्फ एक यही क़िस्सा फेमस नहीं है. वो अक्सर आउट होने के बाद भड़क जाते थे. और कई बार तो वापस पविलियन ही जाने से इंकार देते थे. बिल्कुल सही पढ़ा आपने, ऐसा हुआ है. जब इंग्लैंड टीम, पाकिस्तान का सामना कर रही थी. उस दौरान LBW आउट होने के बाद भी क्रिस क्रीज़ पर अड़ गए थे.
ये बात साल 1987 की है. इंग्लैंड की टीम पाकिस्तान के खिलाफ़ तीन वनडे और इतने ही टेस्ट मैच की सीरीज़ खेलने पहुंची थी. वनडे सीरीज़ में पाकिस्तान को क्लीन स्वीप करने के बाद टेस्ट सीरीज़ शुरू हुई. पहला मैच लाहौर में खेला गया. और इस मैच की पहली पारी में क्रिस ब्रॉड ने 165 गेंदों में 41 रन बनाए.
इसके बाद जब दूसरी पारी आई तो इसमें वो 36 गेंदों में 13 रन बनाकर कॉट बिहाइंड हो गए. और ऐसे आउट होकर उनको इतना गुस्सा आया, कि उन्होंने क्रीज़ छोड़कर जाने से ही इंकार कर दिया. वो मैदान पर ही जम गए. जिसके बाद उनके साथी ओपनर ग्राहम गूच ने उनको वापस पविलियन की ओर बढ़ाया.
क्रिस के व्यवहार के साथ उनकी खराब फील्डिंग और कमर की दिक्कतों ने भी उनका करियर जल्दी खत्म करने में बड़ा रोल निभाया. क्रिस ने इंग्लैंड के लिए कुल 25 टेस्ट मुकाबले खेले. इसमें उन्होंने 39.54 की औसत से 1661 रन बनाए. इसमें छह शतक और छह पचासे शामिल हैं.
इसके साथ 34 वनडे मैच में क्रिस ने 40.02 की औसत से 1361 रन बनाए. वहीं, इनका फर्स्ट क्लास करियर देखें, तो उधर क्रिस ने 340 मुकाबले खेले. इसमें 50 शतक और 105 पचासे के साथ 21892 रन बनाए.
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