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'रो-को' की जोड़ी का नया कीर्तिमान, सचिन-द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ दिया

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने रविवार को रांची के स्टेडियम में कदम रखते ही सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ का एक रिकॉर्ड तोड़ दिया. सचिन और द्रविड़ ने अभी तक भारत के लिए सबसे ज्यादा 391 मैच साथ खेले थे लेकिन अब ये कीर्तिमान 'रो-को' के नाम दर्ज हो गया है.

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विराट कोहली ने सचिन और द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ दिया (india today)

जोड़ी हो तो ‘रो-को’ जैसी. ‘रो’ से रोहित शर्मा. ‘को’ से विराट कोहली. नाम ही ऐसा कि चुनौती में ‘चीन की दीवार’ लगे, जिसे भेदना किसी भी टीम के लिए मुश्किल हो जाए. लंबे अर्से बाद नीली जर्सी में सफेद बॉल के साथ भारतीय टीम रांची में जब क्रिकेट के मैदान में उतरी तो सबकी निगाहें इसी दीवार वाली जोड़ी पर थी. खेल शुरू हुआ तो ‘रो-को’ ने अपनी कलात्मक बल्लेबाजी से कमाल दिखाया भी लेकिन क्या आप जानते हैं, रविवार, 30 नवंबर को दोनों ने जैसे ही रांची के जेएससीए स्टेडियम में कदम रखा, एक अनोखा रिकॉर्ड ‘चुपचाप’ टूट गया. ऐसा रिकॉर्ड जो ‘रो-को’ यानी रोहित शर्मा और विराट कोहली की अभूतपूर्व साझेदारी का परिचायक बन गया है. 

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भारतीय टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली की साझेदारी रविवार (30 नवबंर) को 392 अंतरराष्ट्रीय मैचों तक पहुंच गई. गेस कीजिए, इससे पहले यह रिकॉर्ड किसके नाम था? 

सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के नाम. भारतीय टीम के इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने 391 मैच साथ खेलने का रिकॉर्ड बनाया था लेकिन 'रो-को' ने रविवार को एक साथ मैदान में उतरकर ये रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. इससे भारतीय बल्लेबाजी में अटूट पार्टनरशिप की अमीर परंपरा में एक नया और रोचक अध्याय जुड़ गया है.

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क्रिकेट की दुनिया में सचिन और द्रविड़ का युग काफी पीछे छूट गया है. यहां तक कि भारत की ‘सबसे जवान’ पुरानी जोड़ी ‘रो-को’ भी अपने दौर के किनारे पर है. लेकिन कई सालों से सचिन और द्रविड़ के साथ-साथ 391 मैचों के रिकॉर्ड को कोई जोड़ी छू भी नहीं पा रही थी. सचिन और द्रविड़ ने साथ-साथ 146 टेस्ट और 245 वनडे मैच खेले हैं. एक समय था जब दोनों अंगद के पांव की तरह मैदान में जम जाते थे तो उनकी साझेदारी तोड़ने में विरोधी टीम के पसीने छूट जाते थे. 

लेकिन अब दोनों भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं. 16 नवंबर 2013 को सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया. इसके एक साल पहले मार्च 2012 में राहुल द्रविड़ ने भी संन्यास ले लिया. 

रो-को की जोड़ी

इन दोनों के बाद कई सालों तक भारत ने रोहित और कोहली के रूप में एक और दमदार पार्टनरशिप की झलक देखी है. दोनों ने 60 टेस्ट मैच, 226 वनडे और 106 टी-20 मैच एक साथ खेले हैं. यह पूरा आंकड़ा 392 मैचों का बनता है. क्रिकेट के मैदान पर सबसे लंबी चली जोड़ी के मामले में भारत में अब यही रिकॉर्ड है.      

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इसके अलावा, सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली भारतीय जोड़ियों में राहुल द्रविड़-सौरव गांगुली (369 मैच) सचिन तेंदुलकर-अनिल कुंबले (367 मैच), सचिन तेंदुलकर-सौरव गांगुली (341 मैच) और विराट कोहली-रवींद्र जडेजा (309 मैच) शामिल हैं.

धोनी की टीम में शुरू किया करियर

रोहित और विराट दोनों ने ही अपना करियर तब शुरू किया था जब एमएस धोनी टीम के कप्तान थे. वॉइट बॉल क्रिकेट, चाहे वो वनडे हो या टी-20, दोनों में ‘रो-को’ भारतीय टीम की अटूट उम्मीदों का केंद्र थे. धीरे-धीरे दोनों ने टेस्ट में भी अपना दबदबा बनाया और भारतीय बैटिंग को जबर्दस्त मजबूती दी. उन्होंने टीम के लिए साथ में ओपनिंग भी की और अहम मुकाबलों में बड़े लक्ष्यों का पीछा करते हुए टीम को संभाला भी. भारत में और भारत के बाहर कई बड़े टेस्ट मैंचों में दोनों ने टीम की जीत के लिए वो भूमिका निभाई, जिसने फैन्स के दिलों में उनकी जोड़ी को अमर कर दिया. 

हालांकि, दोनों अब अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट और टी-20 नहीं खेलते हैं. रिटायर हो चुके हैं लेकिन उनके प्रशंसक खेल के मैदान में दोनों को साथ देखना चाहते हैं. वनडे अब अकेला ऐसा फॉर्मेट बचा है, जहां दोनों के एक साथ खेलने की सूरत बनती है. 

हालांकि, दोनों के वनडे करियर की दिशा अब 2027 के वर्ल्ड कप पर टिकी है. अगर वे तब तक टीम में बने रहे तो साझेदारी का जो आंकड़ा 392 मैचों तक पहुंच गया है, वो 400 के पार भी जा सकता है.

दुनिया में कौन टॉप पर?

भारत में तो रो-को की जोड़ी नंबर वन हो गई है लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये 'पार्टनरशिप' 6ठे नंबर पर है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा मैच साथ खेलने का रिकॉर्ड श्रीलंकाई जोड़ी कुमार संगकारा और महेला जयवर्द्धने के नाम है. दोनों ने एक साथ 550 मैच खेले हैं. इसके बाद इस लिस्ट में जयवर्धने–दिलशान (426 मैच),  संगकारा–दिलशान (418 मैच), जयसूर्या–मुरलीधरन (408 मैच), जैक कैलिस–मार्क बाउचर (407 मैच) आते हैं. रोहित–कोहली की 392 मैचों की साझेदारी इसके ठीक बाद आती है. 

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