अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने विंटर ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली महिला आईस हॉकी टीम को स्टेट ऑफ द यूनियन आने का निमंत्रण दिया. चार्टर्ड प्लेन भेजा. लेकिन, महिला टीम ने जाने से इनकार कर दिया. टीम ने कहा कि पहले से कुछ कमिटमेंट्स हैं, जिसके कारण टीम का कोई भी खिलाड़ी स्टेट ऑफ द यूनियन नहीं जा सकता. पहली बार सुनने में यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है कि आखिर कोई टीम अपने देश के सबसे मजबूत स्थान पर बैठे शख्स का निमंत्रण कैसे ठुकरा सकता है? लेकिन, इसी कदम को दुनिया में वाहवाही मिल रही है. इसे मिसाल बताया जा रहा है. महिला खेल को कमतर आंकने वालों के मुंह पर एक तमाचे की तरह देखा जा रहा है. क्योंकि कहानी सिर्फ महिला टीम के निमंत्रण अस्वीकार करने की नहीं है, कहानी है गलत के खिलाफ खड़े होने की.
अमेरिका की हॉकी टीम ने कर दी राष्ट्रपति ट्रंप की 'बेइज्जती'!
अमेरिका की महिला आइस हॉकी टीम ने राष्ट्रपति Donald Trump के स्टेट ऑफ द यूनियन इनवाइट को ठुकरा दिया. उन्होंने शेड्यूल को इसके पीछे की वजह बताई. लेकिन, असल वजह कुछ और ही है.


इस पूरे मुद्दे की शुरुआत हुई जब अमेरिका की पुरुष हॉकी टीम ने विंटर ओलंपिक्स में गोल्ड मेडल जीता. फाइनल में उन्होंने कनाडा को हराकर यह मेडल अपने नाम किया था. अमेरिका ने लगभग 50 साल बाद इस इवेंट का गोल्ड मेडल जीता. जीत का जमकर जश्न भी मना. टीम ने लॉकर रूम में FBI डायरेक्टर काश पटेल के साथ भी सेलिब्रेट किया. इसी दौरान पटेल ने डोनाल्ड ट्रंप को कॉल किया. ट्रंप ने टीम को बधाई दी. इस दौरान ट्रंप ने पुरुष टीम को स्टेट ऑफ द यूनियन आने का निमंत्रण दिया. इसी के साथ उन्होंने एक ऐसा बयान दिया जो इस विवाद की जड़ बन गया. ट्रंप ने पुरुष टीम को इनवाइट करते हुए कहा,
मैं आप सभी को स्टेट ऑफ द यूनियन में आने का इनवाइट देता हूं. चाहें तो हम एक चार्टर्ड प्लेन का इंतजाम करवा सकते हैं आपके लिए.
इसके बाद ट्रंप ने मजाक करते हुए महिला टीम का जिक्र किया और कहा,
पटेल तुम्हें पता है न अब हमें महिला टीम को भी इनवाइट करना होगा, नहीं तो मैं 'impeached' (दोषी ठहराया) हो जाऊंगा.
उनकी यह बात सुनकर टीम के खिलाड़ी हंसने लगे. एक खिलाड़ी ने सहमति जताते हुए कहा,
Absolutely
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महिला टीम ने इग्नोर किया इनविटेशनडोनाल्ड ट्रंप ने महिला टीम का जिक्र क्यों किया, यह भी आपको बताते हैं. दरअसल, पुरुष टीम के गोल्ड जीतने से तीन दिन पहले ही महिला टीम ने गोल्ड मेडल जीता था. उन्होंने भी कनाडा को हराया था. इस जीत के बाद दुनिया भर से टीम को बधाइयां मिलीं. हालांकि, बधाई देने वालों में डोनाल्ड ट्रंप शामिल नहीं थे. महिला टीम के गोल्ड जीतने को लेकर ट्रंप का बयान न तो खिलाड़ियों को पसंद आया और न ही फैंस को. महिला टीम ने अपने तरीके से विरोध किया. ट्रंप के इनविटेशन पर महिला टीम ने आधिकारिक बयान जारी किया और कहा,
कप्तान हिलेरी को दो टूक जवाबगोल्ड मेडलिस्ट अमेरिकी महिला हॉकी टीम को दिए गए निमंत्रण के लिए हम हार्दिक रूप से आभारी हैं. उनकी असाधारण उपलब्धि को मिली इस मान्यता की हम तहे दिल से सराहना करते हैं. खेलों के बाद समय की कमी और पहले से दिए गए कमिटमेंट्स के कारण, खिलाड़ी नहीं जा सके. उन्हें शामिल किए जाने पर गर्व है और वे इस सम्मान के लिए आभारी हैं.
इस बयान के पीछे का तंज बखूबी समझ गए. बची हुई कसर टीम की कप्तान हिलेरी नाइट ने पूरी कर दी. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,
यह बहुत खराब मजाक था. और ज्यादा खराब बात यह है कि मुझे यहां बैठकर अपने गोल्ड मेडल नहीं बल्कि किसी और के खराब व्यवहार का जवाब देना पड़ रहा है. यह मेरी जिम्मेदारी नहीं है.
हिलेरी ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि गोल्ड सेलिब्रेट करने की जगह उनसे इस तरह के खराब बयानों को लेकर सवाल हो रहे हैं. उन्होंने कहा,
दुर्भाग्य से, यह विवाद हमारे गोल्ड पर भारी पड़ रहा है. हम सिर्फ अपनी टीम, उनकी मेहनत का जश्न मनाने पर ध्यान दे रहे हैं, और ओलंपिक इतिहास में तीन गोल्ड के साथ-साथ पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए एक ही समय में डबल गोल्ड जीतने का जश्न मना रहे हैं. और हम इस घटिया मजाक से अपनी अचीवमेंट पर हावी नहीं होने देना चाहते.
सोशल मीडिया पर हिलेरी को उनके बयान को लेकर काफी समर्थन मिल रहा है. इस पूरे विवाद ने एक बार फिर बहस शुरु कर दी है कि ओलंपिक में दुनिया के सबसे कामयाब देश में शायद महिला और पुरुष खेल और खिलाड़ी बराबर नहीं है.
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