The Lallantop

मैच फिक्सिंग पर गांगुली ने सचिन-द्रविड़ से सीधा सवाल किया, जवाब पता है क्या था?

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने एमएस धोनी की बैटिंग पर भी बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें धोनी का शुरुआत वाला फेज ज्यादा पसंद था.

Advertisement
post-main-image
गांगुली ने कहा कि वो हैरान थे, क्योंकि टीम में फिक्सिंग की खबरें आ रही थीं, लेकिन उनके आसपास के बड़े प्लेयर्स तक कोई नहीं पहुंचा था. (फोटो- PTI)

इंडियन क्रिकेट फैंस के लिए सौरव गांगुली, सचिन तेंडुलकर, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़ का दौर FOMO जैसा रहता है. क्रिकेट की बात हो, तो उस दौर का जिक्र कहीं न कहीं आ ही जाता है. इंडियन क्रिकेट के लिए वो दौर मुश्किल दौर भी था. साल 2000 के आसपास भारतीय क्रिकेट मैच फिक्सिंग के साए से घिरा हुआ था. कई खिलाड़ियों पर आरोप लगे. ठीक उसी समय सौरव गांगुली को टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई. गांगुली उस वक्त सिर्फ 27 साल के थे. पूर्व कप्तान ने उस दौर के कई ऐसे किस्से शेयर किए हैं, जो कम ही लोग जानते हैं. गांगुली ने मैच फिक्सिंग पर भी खुलकर बात की.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

हाल ही में राज शमानी के पॉडकास्ट में गांगुली ने उस समय की यादें साझा कीं. उन्होंने बताया कि उन्हें मैच फिक्सिंग या बेटिंग के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. जब कप्तान बने तो उन्होंने टीम के सीनियर खिलाड़ियों से सीधे पूछ लिया. गांगुली बताते हैं,

"मैं सचिन तेंडुलकर और राहुल द्रविड़ के पास गया. मैंने उनसे पूछा कि 'तुम्हें किसी ने पूछा? क्या किसी ने मैच फिक्सिंग के लिए संपर्क किया? दोनों ने कहा, 'नहीं'. फिर मैंने अनिल कुंबले से भी पूछा. उन्होंने भी यही जवाब दिया. मुझे खुद भी किसी ने संपर्क नहीं किया था. इसलिए मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये सब क्या है."

Advertisement

गांगुली ने कहा कि वो हैरान थे, क्योंकि टीम में फिक्सिंग की खबरें आ रही थीं, लेकिन उनके आसपास के बड़े प्लेयर्स तक कोई नहीं पहुंचा था.

पहली मीटिंग में घबराहट

कप्तानी संभालते समय गांगुली काफी नर्वस थे. पहला मैच कोच्चि में था. मैच से पहले टीम मीटिंग करनी थी. गांगुली ने अपनी पत्नी डोना से कहा,

"अजीब स्थिति है. अजहरुद्दीन और सचिन मेरे कप्तान रह चुके हैं. अब मुझे उन्हें बताना है कि क्या करना है और क्या नहीं."

Advertisement

उन्होंने मीटिंग को जानबूझकर छोटा रखा. सिर्फ 15 मिनट में जरूरी बातें बता दीं. अगले दिन टीम ने मैच जीत लिया. फिर जमशेदपुर में गांगुली ने शतक जड़ दिया. धीरे-धीरे सब कुछ सही होने लगा.

धोनी की बैटिंग पर बात

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने एमएस धोनी की बैटिंग पर भी बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें धोनी का शुरुआत वाला फेज ज्यादा पसंद था. गांगुली ने कहा,

“मैंने MS धोनी जैसा छक्का मारने वाला खिलाड़ी बहुत कम देखा है. जब मैं कप्तान था और धोनी भारतीय टीम में आया था (2004 में), तो वो खूब छक्के मारता था. उसके बाद मुझे फेज 2 वाला धोनी ज्यादा पसंद नहीं आया. मुझे फेज 1 वाला धोनी ज्यादा भाता था.”

धोनी ने 2004 में गांगुली की कप्तानी में डेब्यू किया था. शुरू के दिनों में वो बेहद अटैकिंग बैटिंग के लिए मशहूर थे. बॉलर्स पर पहले ही ओवर से हमला बोल देते थे और छक्के मारने में माहिर थे. जब उनसे दोनों फेज के बीच अंतर पूछा गया तो गांगुली ने बताया कि वो छक्के मारता था, मजे ले-लेकर छक्के मारता था. उन्होंने बताया कि बाद में धोनी सिंगल और डबल लेने लगे, वो उन्हें उतना पसंद नहीं आए.

गांगुली ने कप्तानी के शुरुआती दिनों में टीम को नई दिशा दी. उन्होंने युवा प्लेयर्स को मौका दिया और भारतीय क्रिकेट को आक्रामक बनाया. मैच फिक्सिंग के बाद टीम का मनोबल गिरा हुआ था, लेकिन गांगुली की अगुवाई में टीम ने वापसी की.

वीडियो: सौरव गांगुली ने मोहम्मद शमी की बॉलिंग पर बात, भारतीय टीम में लाने पर क्या कहा?

Advertisement