# Sarfaraz Khan Controversyइंडियन क्रिकेट कमाल की चीज है. यहां लोग नहीं चाहते कि क्रिकेटर किसी विवाद में पड़ें. हां, क्रिकेट को चलाने वाले जितना चाहें उतना विवादों में रह सकते हैं. लेकिन क्रिकेटर्स को विवाद से दूर रहना चाहिए. और दुर्भाग्य से सरफ़राज़ अक्सर ही विवादों में रहे हैं. सिर्फ सोलह साल की उम्र तक वह कई दफ़ा विवादों में रह चुके थे.
सरफ़राज़ सबसे पहले साल 2009 में हैरिस शील्ड इंटर स्कूल मैच में 439 रन बनाकर चर्चा में आए. और साल 2011 में ही उन्हें एक टीम ने ओवरएज बता दिया. इन आरोपों के बाद उनका बोन टेस्ट हुआ. जहां पहली बार उनकी उम्र रिपोर्टेड उम्र से दो साल ज्यादा पाई गई. इसके बाद उनके पिता ने सरफ़राज़ का दोबारा टेस्ट कराया. जिसमें सब ठीक था.
लेकिन मुंबई क्रिकेट असोसिएशन ने इस टेस्ट को नहीं माना. काफी खींचतान के बाद MCA एक और टेस्ट कराने पर राजी हुआ. इस टेस्ट में सरफ़राज़ की रजिस्टर्ड उम्र और बोन टेस्ट में आई उम्र एक पाई गई. आखिरकार सरफ़राज़ एज फ्रॉड के झमेले से निकले. हालांकि इस घटना ने उन्हें मेंटली बहुत डिस्टर्ब किया. और इससे उबरने में उन्हें मनोवैज्ञानिक मदद लेनी पड़ी.
बाद में वह धीमे-धीमे इस दर्द से भी उबरे. और जैसे ही करियर पटरी पर आया. उन्हें एक और झटका लगा. सरफ़राज़ को बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित MCA इंडोर अकैडमी में चल रहे BCCI कैंप से निकाल फेंका गया. उन्हें डिसिप्लनरी ग्राउंड्स पर यहां से निकाला गया. इतना ही नहीं. साल 2015 में इन्हें मुंबई की टीम से भी निकाल दिया गया था.
उस वक्त सरफ़राज़ पर MCA ऑफिशल्स के साथ अभद्रता करने के आरोप लगे थे. सरफ़राज़ पर ये आरोप अंडर-19 कूच बेहार ट्रॉफी गेम के दौरान लगे थे. और इसकी सजा के तौर पर उनकी पूरे सीजन की मैच फीस रोक जब्त कर ली गई थी. इसके बाद ही उन्होंने मुंबई छोड़ यूपी से खेलने का फैसला कर लिया. हालांकि सरफ़राज़ यूपी में बहुत दिन नहीं खेल पाए.
# Sarfaraz Khan Fitnessवह लौटकर मुंबई आए. और फिर धीरे-धीरे अपने क्रिकेट करियर को वापस पटरी पर लाए. लेकिन कमाल की कंसिस्टेंसी के बाद भी वह टीम इंडिया से दूर हैं. और इसकी एक वजह तो मैंने बता दी. दूसरी वजह, जो व्यक्तिगत तौर पर मुझे समझ आती है, वो है सरफ़राज़ की फिटनेस. हालांकि इस बारे में सरफ़राज़ या उनके पिताजी निश्चित तौर पर मुझसे सहमत नहीं होंगे.
सरफ़राज़ की फिटनेस पर उनके पिता ने हाल ही में विज़्डन से कहा था,
'आप उन्हें फिट दिखते देखना चाहते हैं, या फिर उनमें मैच फिटनेस और सहनशीलता चाहते हैं? अगर फिटनेस इतना बड़ा इशू है तो वह IPL कैसे सर्वाइव कर रहा है? वहां तो यो-यो टेस्ट समेत सारे फिटनेस क्राइटीरिया हैं. फील्डिंग स्टैंडर्ड्स का टेस्ट होता है. रणजी में बच्चा 200-300 बनाता है, दो दिन बैटिंग करता है और फिर जब आप 600 चेज कर रहे होते हैं तो फील्डिंग भी करता है.'
जबकि खुद सरफ़राज़ अपनी फिटनेस पर कहते हैं,
'जब मैंने 2015-16 में IPL खेला था, मेरा फिटनेस लेवल अच्छा नहीं था और विराट कोहली ने भी मुझसे ये बात कही थी. इसके बाद मैंने अपनी फिटनेस बेहतर की लेकिन फिर मेरा वजन बढ़ गया. लेकिन पिछले दो साल में मैं अपनी सेहत को लेकर काफी अनुशासन में हूं. सभी का शरीर अलग होता है, लेकिन इसका असर मेरे गेम पर नहीं पड़ना चाहिए. पिछले आठ साल से मैं IPL में हूं और फिटनेस टेस्ट्स क्लियर कर रहा हूं. ऑफ-सीजन में भी मैं अपनी हेल्थ और फिटनेस पर ध्यान दूंगा.'
यानी सरफ़राज़ और उनके पिताजी की मानें तो सरफ़राज़ के साथ फिटनेज जैसी समस्या नहीं है. लेकिन एक आम क्रिकेट फैन की नज़र से देखें तो सरफ़राज़ ओवरवेट तो लगते ही हैं. सरफ़राज़ पर मचे हल्ले के बीच कुछ पत्रकारों ने यह इशू उठाया भी. उनका मानना है कि सरफ़राज़ बहुत अच्छे बैटर हैं, लेकिन फील्डिंग के वक्त वह टीम पर बोझ बन सकते हैं.
हालांकि इसमें सरफ़राज़ फै़न्स ने यह भी कहा कि टेस्ट में इतने कठोर फिटनेस स्टैंडर्ड्स की जरूरत नहीं होती है. ऐसे लोगों ने तो टीम इंडिया में रेगुलर खेल रहे कई प्लेयर्स से सरफ़राज़ की तुलना भी कर डाली. लेकिन इन तमाम तुलनाओं और बातों के बीच एक चीज तो साफ है, पहली नज़र में देखें तो सरफ़राज़ ओवरवेट लगते हैं. उनकी फिटनेस बाकी रॉकस्टार क्रिकेटर्स की तरह नहीं है.
लेकिन उनके बल्ले से लगातार रन आ रहे हैं. और यह भी सही बात है कि हमने तमाम ऐसे क्रिकेटर्स को लगातार मौके दिए हैं जो ना तो बहुत तेज भाग पाते हैं, और ना ही फील्डिंग में इतने तेज हैं. ऐसे में सरफ़राज़ को मौका तो मिलना ही चाहिए. देखने वाली बात होगी कि BCCI सरफ़राज़ को हमारी अगली टेस्ट सीरीज़ में मौका देगी या नहीं.
क्योंकि फिटनेस के मामले में BCCI का रवैया हम लगातार देख रहे हैं. लिस्ट-ए क्रिकेट में धड़ाधड़ रन बना रहे पृथ्वी शॉ भी इसी बेसिस पर टीम इंडिया से दूर हैं. ऐसे में सरफ़राज़ के साथ एक नेगेटिव पॉइंट यही भी हो सकता है कि अगर इन्हें चांस दिया तो शॉ को भी देना पड़ेगा.
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